बरनाला जिले के तपा में बरनाला-बठिंडा हाईवे पर एक भीषण हादसा हुआ। इसमें बाइक पर सवार एक पूरा परिवार खत्म हो गया। इन्हें एक ब्रेजा कार ने टक्कर मारी थी, जिसमें बाइक सवार दंपती और इसकी इकलौती बेटी गंभीर रूप से घायल हुए। थोड़ी देर बाद दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, 3 साल की बेटी को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान इंद्रजीत सिंह, उनकी पत्नी गुरमीत कौर और इनकी 3 साल की बेटी सिमरन के रूप में हुई है। यह परिवार ताजोके गांव का रहने वाला था। दंपती बेटी को दवाई दिलवाने जा रहा था, जिस दौरान यह हादसा हुआ। पुलिस ने आरोपी की गाड़ी जब्त कर ली है। अब आरोपी की तलाश की जा रही है। बेटी को दवाई दिलवाने जा रहे थे जानकारी के मुताबिक, यह हादसा तपा मंडी के नजदीक धागा मिल के पास रविवार रात करीब 9 बजे हुआ। गांव ताजोके के गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी इंद्रजीत सिंह की बेटी की तबीयत खराब थी। इसलिए, वह अपनी पत्नी के साथ बेटी को दवाई दिलवाने जा रहे थे। तीनों अपनी बाइक पर सवार थे और रामपुरा की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान धागा मिल से कुछ दूरी पर पीछे से एक ब्रेजा कार आई और उसने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से तीनों बाइक सवार उछलकर दूर जा गिरे। जबकि, बाइक गिरने के बाद कार के नीचे फंस गई। कार को छोड़कर भागा ड्राइवर एक्सीडेंट के बाद कार आगे नहीं बढ़ पाई। इसलिए, इसका ड्राइवर कार को मौके पर ही छोड़कर भाग गया। कुछ देर बाद एक्सीडेंट देखकर लोग मौका-ए-वारदात पर रुके। उन्होंने घायलों को चेक किया और फौरन अस्पताल लेकर दौड़े। लोग बताते हैं कि पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जबकि, बच्ची की सांसें चल रही थीं। तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने महिला और व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। जबकि, लड़की को भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, सोमवार को दोपहर के समय बच्ची ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ड्राइवर की तलाश कर रही दुर्घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई थी। पुलिस ने मौके से कार को बरामद कर उसे जब्त कर लिया है। जबकि, शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। कल इनका पोस्टमॉर्टम हो सकता है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के वक्त गाड़ी चलाने वाले शख्स की तलाश की जा रही है। गाड़ी के नंबर के आधार पर उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। उसकी पहचान के आसपास के CCTV भी खंगाले जा रहे हैं। ग्रंथी थे इंद्रजीत सिंह घटना की सूचना मिलने पर गांव ताजोके के मुख्य सेवादार बाबा बूटा सिंह, समाजसेवी परमजीत सिंह पम्मा और अन्य ग्रामीण रामपुरा अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इंद्रजीत सिंह ग्रंथी थे। वह लंबे समय से गुरुद्वारे की सेवा में जुटे हुए थे। उनका पूरा परिवार खत्म हो गया।