‘मेरे भाई की हत्या शिवम और तुषार ने मिलकर की है। मैंने अपनी आंखों के सामने अपने भाई को मरते देखा है। उसके शरीर से खून बह रहा था, लेकिन मैं उसे बचा नहीं पाया।’ यह कहना है सहरसा में गोली मारकर हत्या किए गए सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा के बड़े भाई आशीष कुमार का। दरअसल, शुक्रवार रात सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में बाइक सवार पांच अपराधियों ने थार गाड़ी में बैठे सतीश झा पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बदमाशों ने करीब 20 से ज्यादा राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से करीब 10 गोलियां सतीश को लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को शुक्रवार रात ही पोस्टमॉर्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया था। लेकिन पूरी रात और अगले दिन शाम तक शव अस्पताल में रखने के बावजूद पोस्टमॉर्टम के दौरान केवल दो गोलियां ही निकाली जा सकीं। इसके बाद डॉक्टरों ने शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… 10 में से सिर्फ 2 गोलियां निकलीं, 8 का पता नहीं डॉक्टरों के अनुसार सतीश के शरीर में करीब 10 गोलियां लगी थीं। लेकिन पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों को केवल दो गोलियां ही बरामद हुईं। बाकी आठ गोलियां नहीं मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने शव को आगे की जांच के लिए भागलपुर रेफर कर दिया है। यह जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन भड़क उठे। उनका कहना है कि पूरा दिन शव अस्पताल में रखने के बावजूद डॉक्टर सही तरीके से पोस्टमॉर्टम नहीं कर पाए। अब जब शव को कई जगह से चीर दिया गया है, तो उसे दूसरे शहर भेजने का क्या मतलब है। हम बॉडी कैसे लेकर जाएंगे। परिवार ने शव को भागलपुर ले जाने से साफ इनकार कर दिया है। घटना सहरसा के सदर थाना क्षेत्र की है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना… गोलू यादव ने पहले भी दी थी हत्या की धमकी मृतक के बड़े भाई आशीष कुमार ने बताया कि घटना के समय वह किसी काम से उसी रास्ते से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि शिवम और तुषार उनके भाई की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं। इस पूरी साजिश के पीछे गोलू यादव का हाथ है और उसी ने इस घटना के लिए फंडिंग की है। आशीष कुमार के अनुसार, 15 अगस्त को भी इन लोगों ने उनके भाई के साथ मारपीट की थी और उसे अधमरा कर दिया था। उन्होंने बताया कि जब वे सतीश को अस्पताल लेकर पहुंचे थे, तब भी गोलू यादव वहां पहुंच गया था और मारपीट करने की कोशिश की थी। उस समय किसी तरह उन्होंने अपने भाई को बचाया था। पुलिस के पास है CCTV फुटेज आशीष कुमार का कहना है कि उस घटना की पूरी जानकारी प्रशासन को पहले से थी। उस दिन की घटना का CCTV फुटेज भी पुलिस के पास मौजूद है। इसके बावजूद गोलू यादव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। करण टाइगर का भाई तुषार और शिवम खुलेआम कहते थे कि वे उनके भाई की हत्या कर देंगे। आज उन्होंने वही कर दिया। 2019 में घर के सामने हुई थी करण टाइगर की हत्या दरअसल, 5 अगस्त 2019 में विद्यापति नगर में हुए चर्चित गोलीकांड में करण टाइगर की हत्या हुई थी। इसमें छोटू मिश्रा का नाम भी सामने आया था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस घटना में लाइनर सहित चार-पांच बदमाशों के शामिल होने की जानकारी मिली थी। बताया जाता है कि घटना के समय करण टाइगर अपने घर के सामने टहल रहा था। इसी दौरान बदमाश वहां पहुंचे और बेहद करीब से उस पर फायरिंग कर दी। उसके शरीर में छह गोलियां लगी थीं, जो सिर, पेट, फेफड़ा, सीना और पैर में धंसी थीं। गोली लगने के बाद परिजन करण को शहर के गंज चौकी स्थित एक निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया था। पटना में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। हालांकि करण टाइगर का भी आपराधिक इतिहास रहा था और वह कई आपराधिक घटनाओं की साजिशों में शामिल बताया जाता था। भाई के बयान पर दर्ज हुआ था केस करण टाइगर हत्याकांड में उसके भाई शिवम के बयान पर सहरसा सदर थाना में चार नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिवम ने अपने बयान में बताया था कि 5 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे वह अपने कुत्ते को सड़क पर टहला रहा था। उसी दौरान तीन बाइक पर सवार सात बदमाश वहां पहुंचे। इन बदमाशों में सतीष भी शामिल था। आरोप था कि इस गोलीबारी में सहरसा के छोटू मिश्रा उर्फ सतीश झा, रोशन यादव, विशाल कुमार सिंह और बाबुल कुमार समेत अन्य लोग शामिल थे। फायरिंग में करण टाइगर को पांच गोलियां लगी थीं, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। करण के भाइयों ने अपने भाई की हत्या का लिया बदला मृतक सतीश के भाई आशीष ने दैनिक भास्कर को बताया, इसी हत्याकांड का बदला लेने के लिए करण के भाइयों ने मेरे भाई की हत्या कर दी है। सतीश को ठीक उसी तरह से मारा गया है, जैसे करण की हत्या की गई थी। फर्क सिर्फ इतना है कि मेरे भाई को उससे 6 गोलियां ज्यादा मारी गईं हैं। बता दें कि भाई 5 सालों से जेल में बंद था, इसी वजह से वो लोग अभी तक सतीश को नहीं मार पाए थे। घटनास्थल पर पुलिस साक्ष्य जुटाकर जांच कर रही सहरसा सदर के SDPO आलोक कुमार ने बताया, शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे सदर थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को गोली लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हमने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शहर के विद्यापति नगर निवासी योगेश्वर झा के बेटे सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा को अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था। घटनास्थल से 12 खोखे बरामद एसडीपीओ ने बताया कि एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है। इसके अलावा डीआईयू टीम आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को घटनास्थल से 12 खोखे भी बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक का आपराधिक इतिहास भी रहा है और प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय मृतक के साथ मौजूद अन्य लोगों को गोली लगी है या नहीं तथा उनके दोस्तों की भी तलाश की जा रही है।