भारतीय नौसेना में शुक्रवार को तीसरी परमाणु सबमरीन INS अरिदमन कमीशन की गई। इससे पहले INS अरिहंत (2016) और INS अरिघात (अगस्त 2024) को नौसेना में शामिल किया जा चुका है। अरिदमन को कई महीनों के ट्रायल के बाद केरल स्थित नौसैनिक अड्डे पर नौसेना को सौंपा गया। INS अरिदमन को विशाखापट्टनम के शिप बिल्डिंग सेंटर (SBC) में तैयार किया गया है। इससे न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता और मजबूत हुई है। यह देश के गोपनीय न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन कार्यक्रम SSBN का हिस्सा है। इस कैटेगरी की सबमरीन परमाणु हथियार ले जाने और लंबे समय तक समुद्र में तैनात रहने में सक्षम होती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल के नौसैनिक अड्डे पर आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। हालांकि इस संबंध में नौसेना या रक्षा मंत्रालय की ओर से फिलहाल आधिकारिक बयान नहीं आया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक है-अरिदमन। इसके बाद इसके नौसेना में शामिल होने की जानकारी सामने आई। न्यूक्लियर ट्रायड को मिली मजबूती INS अरिदमन के शामिल होने से भारत की न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता और मजबूत हुई है। न्यूक्लियर ट्रायड का मतलब जमीन, समुद्र और हवा, तीनों माध्यमों से परमाणु हमला करने की क्षमता है। 2016 में INS अरिहंत के शामिल होते ही भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया, जो जमीन, हवा और समुद्र तीनों तरफ से परमाणु हमला कर सकते हैं। इस लिस्ट में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन भी शामिल हैं। INS अरिदमन के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सैन्य ताकत और बढ़ गई है। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… INS तारागिरी नेवी में शामिल हुआ:यह ब्रह्मोस और एयर डिफेंस सिस्टम से लैस; राजनाथ बोले- सेना की ताकत बढ़ेगी INS तारागिरी विशाखापत्तनम में इंडियन नेवी में शामिल हुआ। डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह इस सेरेमनी में मौजूद रहे। तारागिरी को मझगांव डॉक शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने प्रोजेक्ट 17-ए के तहत तैयार किया है। पूरी खबर पढे़ं…