एविएशन सेफ्टी रेगुलेटर DGCA ने पायलटों के लिए ब्रीद एनालाइजर टेस्ट के नियम और सख्त कर दिए हैं। जिसमें जो लोग बार-बार नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनका पायलट लाइसेंस भी कैंसिल किया जा सकता है। 9 फरवरी से लागू हुए बदले हुए नियमों के तहत, भारत में काम कर रहे किसी बाहर के पायलट का FATA (फॉरेन एयरक्रू टेम्पररी ऑथराइजेशन) कैंसिल कर दिया जाएगा और उस पर दोबारा विचार नहीं किया जाएगा, अगर उस कॉकपिट क्रू का प्री-फ्लाइट ब्रीद एनालाइजर टेस्ट पॉजिटिव आता है। दूसरे नियमों के अलावा, अगर कोई पायलट फ्लाइट ऑपरेट करने से पहले तीन बार ब्रीद एनालाइजर टेस्ट में पॉजिटिव आता है, तो उसका लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा। नियमों के मुताबिक फ़्लाइंग से पहले 12 घंटे तक शराब से दूर रहना जरूरी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… CEC ज्ञानेश कुमार ने बंगाल के अधिकारियों से कहा, SIR रिकॉर्ड 5 साल तक संभालकर रखें चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि वोटर रोल के SIR से जुड़े सभी रिकॉर्ड पांच साल तक संभालकर रखे जाएं। गलतियों या जानबूझकर की गई चूक के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त डिसिप्लिनरी एक्शन की चेतावनी भी दी है। कुमार ने कहा कि SIR प्रोसेस के दौरान लिए गए फैसले कई सालों तक कमीशन के डेटाबेस में स्टोर रहेंगे। अगर भविष्य में किसी विदेशी नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी पर एक्शन लिया जाएगा। यह पहली बार है जब SIR एक्सरसाइज के संबंध में पांच साल का प्रिजर्वेशन डायरेक्टिव जारी किया गया है। NIA की स्पेशल कोर्ट ने दो लोगों को 15 साल की सजा सुनाई, पाकिस्तानी आतंकी को शरण-खाना दिया था NIA की स्पेशल कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो ओवरग्राउंड वर्कर्स को 15 साल की सजा सुनाई है। ये दोनों जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके के रहने वाले हैं। उनके नाम जहूर अहमद पीर और नजीर अहमद पीर हैं। दोनों को UAPA के तहत 15-15 साल की सजा मिली है। आरोपियों पर 1.5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा है। दोनों ने साल 2016 में LeT पाकिस्तानी आतंकी को शरण-खाना और दूसरी लॉजिस्टिक चीजें देने में मदद की थी। दोनों LeT हैंडलर्स के संपर्क में भी थे।