‘मैं कहीं से पैसा लेता हूं तो कुछ रख लेता हूं और कुछ बांट देता हूं। भगवान ने मुझे यह काम करने लायक दिमाग दिया है। आप भी ये हुनर सीख लीजिए, कहीं से लेकर बांटने का। कम से कम किसी का भला तो होगा।’ यह जवाब सांसद पप्पू यादव ने हमारे इस सवाल पर दिया कि JDU MLA ने आप पर अस्पताल से पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। पप्पू यादव जेल में बीते 7 दिन के बारे में भास्कर को बताया। कहा कि हर दिन मुझे टॉर्चर किया गया। गिरफ्तार करने के 24 घंटे बाद तक पानी तक नहीं दिया। ऐसा व्यवहार कर रहे थे जैसे मैं कोई दुर्दांत अपराधी हूं। यह मौत है। इससे अच्छा तो सरकार गोली मरवा देती। किसी को जेल, थाना, हॉस्पिटल और कोर्ट का चक्कर न लगाना पड़े। भगवान न करे किसी के साथ ऐसा हो।’ 31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव 7 फरवरी को गिरफ्तार हुए। जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को बेऊर जेल से बाहर आए। 7 दिन सलाखों के पीछे रहने के बाद उनके शब्दों में दर्द और सिस्टम से नाराजगी साफ दिखी। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में पप्पू यादव ने गिरफ्तारी से लेकर साजिश, नीट छात्रा मामला समेत कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। पढ़िए पूरी बातचीत…। सवाल: आप 7 दिन बाद जेल से बाहर आए हैं, क्या लगता है इसके पीछे किसकी साजिश है? जवाब: देखिए राजनीति तो मुझको आती नहीं है। आपको क्या लगता है जितने भी MP-MLA, नेता हैं, क्या उन पर कोई केस नहीं है? क्या उनपर आचार संहिता उल्लंघन का केस नहीं है? क्या सब दूध के धुले हुए हैं? पप्पू यादव के आवाज से, पप्पू यादव के संघर्ष से सभी को दिक्कत क्यों होती है? क्या मैं सरकार के खिलाफ आवाज उठाना छोड़ दूं? लोगों से संबंधित मुद्दे हैं, UGC का मुद्दा है, क्या मैं उन्हें नहीं उठाऊं? एपस्टीन सिर्फ अमेरिका का मुद्दा नहीं है। बिहार में भी ऐसे बहुत से मामले हैं। बिहार में यह जो बड़े-बड़े हॉस्टल और हॉस्पिटल हैं, क्या हैं? नीट की एक छात्रा का मामला तो है ही, आप बालिका गृह कांड को देखिए। कोर्ट ने कहा है कि जो बच्ची 4 साल पहले गुम हुई है, वह अब तक नहीं मिली है। दिल्ली से 35 से 40 लड़कियां रोज गायब होती हैं। बिहार से भी 150-200 लड़कियां रोज गायब हो रही हैं।’ सवाल: क्या बिहार के नेताओं ने भी गलत काम किए हैं? जवाब: मेरा किसी से व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है। मैं किसी की व्यक्तिगत आलोचना नहीं करता हूं। मैं 100% नेताओं की बात नहीं कर रहा हूं, लेकिन 80-90% नेताओं का चरित्र अच्छा नहीं है। एपस्टीन केस में 3000 बच्चों के साथ बलात्कार कर वीडियो डाले गए। मैं कहता हूं कि हमें पॉर्न से बचना चाहिए। मैं किसी खास व्यक्ति का नाम नहीं ले रहा। अब बेंगलुरु विधानसभा में जो पॉर्न की घटना थी या और भी विधानसभा में जो घटना होती है। मैं उसका जिक्र कर रहा हूं। यहां के नेता पूरे दिन एक जाति को गाली देने में लगे रहते हैं। पूरे दिन यहां के लोग व्यक्ति विशेष अपराधी के बारे में बात करते रहते हैं। अपराधी आपको नजर नहीं आता है। यह सब मुद्दा यहां के नेताओं को नहीं दिखता है। सवाल: आपने जेल से निकलते ही कहा कि दिल्ली के एक नेता, पटना के एक नेता, पूर्णिया के एक नेता ने आपको फंसाया, ये कौन हैं? जवाब: मैं तो आज भी कहता हूं कि मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का रिस्पेक्ट करता हूं। मैं क्यों कहूं कि पूरी सरकार मेरे खिलाफ थी। लेकिन दिल्ली के एक नेता, पटना के एक नेता, पूर्णिया के एक नेता ने मुझे फंसाया। साथ ही SSP पटना, दीपक सिंह, सिटी SP भानु प्रताप सिंह ने मुझे फंसाया है। सवाल: आप कह रहे हैं कि बड़े नेताओं ने मुझे फंसाया, ये नेता कौन हैं? जवाब: भैया ये सब चीज छोड़ दीजिए। ये सभी क्यों इन्वॉल्व थे। यह सब जानते हैं। मैं तो कहूंगा कि आप लोग पप्पू यादव से मत डरिए। मैं आपलोगों की आलोचना नहीं कर रहा, आपलोगों को जगा रहा हूं। विपक्ष के तौर पर मैं आपको गाली तो नहीं दे रहा। हम तो बस आपको जिम्मेदारी का एहसास करा रहे हैं। सरकार हमको दुश्मन क्यों मान रही है? हम किसी के साथ गाली-गलौज तो नहीं कर रहे हैं। नीट छात्रा की बात थी। हम 6 दिन जेल में थे। इस दौरान लोकसभा में यह मामला नहीं उठा। पुलिस ने सभी दिन जहानाबाद जाकर उसके परिवार को तंग किया। क्या और लोग नहीं थे? और नेता यहां नहीं थे? अगर मैं नहीं था तो बाकी लोगों को तो यह मुद्दा उठाना चाहिए था। अगर यह मामला सीबीआई के पास चला गया है तो SIT अब इसमें क्यों जांच कर रही है? अब क्यों डीएनए सैंपल SIT की ओर से लिए जा रहे हैं? मैं जेल में था। फुलवारी शरीफ में इतनी बड़ी घटना घटी। विधानसभा चल रहा था। उस मुद्दे को विधानसभा में क्यों नहीं उठाया गया? अगर आप लोग यह मुद्दा विधानसभा में उठा लेते तो पप्पू यादव जेल से निकलकर फुलवारी शरीफ क्यों जाता? वहां के एमएलए-एमपी चले गए होते तो हम क्यों जाते? आप ही बताइए, 31 साल पुराने मामले को लेकर मेरे साथ इस तरीके से किया गया। पुलिस के आने के पहले मुझे कोई सूचना नहीं दी गई। सवाल: जिस दिन आपकी गिरफ्तारी हुई, उसके अगले दिन आप दिल्ली में नीट मामले को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने वाले थे, जिसमें प्रियंका गांधी भी शामिल होने वाली थीं? जवाब: 7 फरवरी को मेरी गिरफ्तारी हुई। 8 फरवरी को नीट छात्रा मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन था। मेरे बगैर भी यह प्रदर्शन हुआ, जिसमें बच्ची के माता-पिता भी गए थे। खाली वहां ब्रह्मर्षि समाज के लोग नहीं, बल्कि सभी समाज के लोग धरने पर बैठे थे। इसमें प्रियंका गांधी भी आने वाली थीं। 7 फरवरी को मेरी गिरफ्तारी हुई। उसी दिन मैं 4 बजे लोकसभा खत्म होने के बाद पटना लौटा था। किसी ने मुझे मैसेज तक नहीं किया। मुझे मैसेज कर देते कि आपके खिलाफ वारंट है, बेल करा लीजिए, नहीं तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हम खुद ही गिरफ्तार हो जाते। पुलिस ने मेरे साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया? मैं भगोड़ा तो नहीं हूं। 2 दिन पहले भी बिहार में आंदोलन करके दिल्ली गया था। मुझे गिरफ्तार करने के लिए सिविल ड्रेस में क्रिमिनल को क्यों भेजा गया? यह (पटना SSP) पूर्णिया के एसपी थे तब लॉरेंस बिश्नोई गैंग की घटना घट रही थी। तब आरा से एक लड़के को लाकर उस समय भी मुझे बदनाम करने की कोशिश की थी। इनके पास सरकार की ताकत है तो मेरे पास भी कोर्ट, मीडिया और जनता की ताकत है। साजिश कर मेरी गिरफ्तारी करवाई गई। अगर मेरे गार्ड नहीं होते तो मैं बचता क्या? मेरे साथ कुछ भी हो सकता था। मैं पूरे देश के कांग्रेस नेताओं, मांझी, शिवानंद तिवारी को धन्यवाद देना चाहता हूं कि इस मामले में मेरा साथ दिया। माले, राजद ने मुझे सपोर्ट किया। सहनी, चन्द्रशेखर, दिग्विजय बाबू ने सपोर्ट किया। नीट मामले को आप हल्के में मत लीजिए। अगर आपके घर में बहन है तो वह सुरक्षित नहीं है। अगर मेरे घर में बहन है तो वह भी सुरक्षित नहीं है। किसी की बहन हॉस्टल, कोचिंग और अस्पताल में सुरक्षित नहीं है। इस बात को आप गांठ बांध लीजिए। सवाल: नीट मामले को लेकर अब आगे आपकी क्या रणनीति होगी? क्या आगे भी लड़ाई जारी रहेगी? जवाब: इस मामले में लड़ाई की क्या बात है? हम सच बोलते रहेंगे। डर तो अब लगेगा सच बोलने से। हम तो समाज पर बहुत विश्वास करते थे, लेकिन इस घटना ने मुझे तोड़ कर रख दिया। मैंने आवाज उठाई लेकिन समाज के लोग सपोर्ट नहीं करते हैं। इसलिए अब काफी डर लगता है। सवाल: JDU MLA पप्पू वर्मा ने आप पर आरोप लगाया है कि अस्पताल पर प्रेशर बनाकर पैसे वसूलते हैं? जवाब: कौन क्या बोलता है, इस मामले को छोड़ दीजिए। 90 के पहले कैसी दुनिया थी। वह किस दुनिया से हैं। मुझे नहीं पता। अभी नए-नए MLA बनकर आए हैं। उनकी सरकार है। मैं दिल से चाहूंगा कि मेरे खिलाफ CBI और ED की जांच हो। मेरी जांच के साथ ही जितने भी एमपी-एमएलए और मंत्री हैं, उनकी भी जांच हो जाए। अगर मान भी लें कि मैं कहीं से पैसा लेता हूं, कुछ रख लेता हूं और कुछ बांट देता हूं। हम तो यह भी काम करते हैं। भगवान ने मुझे इतना दिमाग दिया है। आप भी कहीं से हुनर सीख लीजिए, कहीं से लेकर बांटने का। उससे कम से कम किसी का भला तो होगा। हमको गाली किस लिए दे रहे हैं? पहली बार बेचारे MLA बनकर आए हैं और पप्पू यादव के नाम पर दुकान चलाने की आदत सभी नेताओं को है। वह भी अपनी दुकान चला रहे हैं। सवाल: जब आप अस्पताल में थे तो आपने आरोप लगाया कि मुझे गलत इंजेक्शन दिया गया, बेड नहीं मिला? जवाब: आप CCTV फुटेज देख लीजिए। मुझे 24 घंटे तक एक बोतल पानी तक नहीं दिया गया। मुझे खाना नहीं दिया गया। 4 बजे मुझे जबरदस्ती जेल लाया गया। तब तक मुझे एक बोतल पानी तक नहीं दिया गया। आप अस्पताल की CCTV चेक कर लीजिए। अगर निकल जाए कि उस दौरान कोई मुझे पानी दिया गया, कोई डॉक्टर आए, तो आप कहिएगा। मुझे पूरी तरीके से मारने की साजिश की गई थी। जेल में 7 दिन तक मुझे टॉर्चर किया गया। वे लोग ऐसा व्यवहार कर रहे थे जैसे मां कोई बड़ा अपराधी हूं। मैं सांसद हूं। जनता ने वोट दिया है। उनकी आवाज उठाता हूं। सवाल: आप 7 दिन जेल में रहे, किस तरीके का व्यवहार हुआ? जवाब: यह मौत है। इससे अच्छा गोली मरवा देते। किसी को जेल, थाना, हॉस्पिटल और कोर्ट का चक्कर न लगाना पड़े। भगवान न करे किसी के साथ ऐसा हो।