मधुबनी जिले के बेनीपट्टी नगर पंचायत स्थित उच्चैठ के कालिदास विद्यापति विज्ञान महाविद्यालय परिसर में दो दिवसीय उच्चैठ कालिदास राजकीय महोत्सव का आयोजन किया गया। रविवार देर शाम पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने इस महोत्सव का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के पहले दिन पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, पूर्व मंत्री सह विधायक विनोद नारायण झा, सचेतक सह हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर, एडीएम मुकेश रंजन झा और डीडीसी सुमन प्रसाद साह सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पर्यटन एवं कला संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि बेनीपट्टी की धरती महाकवि कालिदास और मैया उच्चैठ की भूमि रही है, जो समाजवादियों और साम्यवादियों का गढ़ भी रहा है। उन्होंने बताया कि इस धरती पर कई महान विभूतियों ने जन्म लिया है और यह आयोजन भी माता उच्चैठवासिनी की कृपा से ही संभव हो रहा है। अतिथियों का स्वागत करते हुए डीडीसी सुमन प्रसाद साह ने कहा कि मधुबनी जिला संस्कृतियों और कलाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उच्चैठ महाकवि कालिदास की जन्मभूमि है, जहां मां उच्चैठ भगवती की कृपा से ‘महामूर्ख कलुआ’ महाकवि कालिदास बन गए। उन्होंने इस कार्यक्रम को यहां की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण बताया और सभी की सहभागिता पर जोर दिया। बेनीपट्टी के विधायक विनोद नारायण झा ने उच्चैठ भगवती की महिमा और महाकवि विद्यापति व कालिदास के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने अगली पीढ़ियों को ‘महामूर्ख कलिया’ से महाकवि कालिदास बनने तक की कहानी से अवगत कराने की आवश्यकता जताई। हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर ने कहा कि मिथिलांचल की धरती पर कई देवी-देवताओं ने अवतार लिया है। उन्होंने भी उच्चैठ छिन्नमस्तिका भगवती की कृपा से ‘महामूर्ख कलिया’ के महाकवि बनने की बात दोहराई। कार्यक्रम को एडीएम मुकेश रंजन सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। यह दो दिवसीय महोत्सव देर रात तक जारी रहेगा।