महाराष्ट्र में मुस्लिम विधायक शिवरात्रि पर मंदिर पहुंचे:दावा- उनके जाने के बाद शिव मंदिर में गोमूत्र छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया, VIDEO

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक और पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार के महाशिवरात्रि पर मंदिर दर्शन को लेकर विवाद हो गया। दावा किया जा रहा है कि सत्तार के दर्शन के बाद कुछ युवकों ने मंदिर परिसर में गौमूत्र छिड़ककर शुद्धिकरण किया। युवकों का गौमूत्र छिड़कने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवकों का कहना है कि सत्तार मांसाहारी भोजन करते हैं। उनके अनुसार, महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन ऐसे व्यक्ति का मंदिर में प्रवेश उचित नहीं था। हालांकि, इस घटना पर अब्दुल सत्तार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। भाजपा नेता बोले- पहले हिंदू धर्म अपनाना चाहिए, फिर गर्भगृह में आना चाहिए भाजपा के आध्यात्मिक मोर्चे के प्रमुख तुषार भोसले ने वर्धा में मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि अब्दुल सत्तार ने हिंदू धर्म स्वीकार नहीं किया है, तो उन्हें मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मंदिरों के धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन जरूरी है। अगर किसी ने धर्म परिवर्तन किया है तो उसे स्पष्ट करना चाहिए। अन्यथा गर्भगृह के बाहर से ही दर्शन करना चाहिए। अब्दुल सत्तार के मंदिर जाने पर नेताओं की प्रतिक्रिया… शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता अंबादास दानवे- अगर किसी दूसरे धर्म का व्यक्ति हिंदू मंदिर में दर्शन के लिए आता है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। शुद्धिकरण की क्या आवश्यकता है? मुझे लगता है कि धर्म के नाम पर छोटी राजनीति की जा रही है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी- भाई अब्दुल सत्तार हमेशा अपने गैर-मुस्लिम भाइयों को खुश रखने की कोशिश करते हैं। उन्हें खुश रखने का मतलब यह नहीं है कि एक मुसलमान मंदिर में पूजा करे या कोई हिंदू मस्जिद में नमाज पढ़े। हर व्यक्ति को अपने-अपने धर्म का पालन करना चाहिए। शिवसेना नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम- शिव सबके हैं। शिव सर्वव्यापी हैं। शिव ही सत्य हैं। अगर विधायक अब्दुल सत्तार महाशिवरात्रि पर शिव का दर्शन करने एक शिव मंदिर में चले गए तो न शिव अपवित्र हुए, न शिव मंदिर। पवित्र सत्तार हो गए। विरोध व्यर्थ है। AIMIM नेता वारिस पठान- अब्दुल सत्तार से पूछिए कि वे मंदिर क्यों गए। दूसरा सवाल यह पूछिए कि वहां के लोगों ने शुद्धिकरण क्यों किया? सत्तार जैसे लोग अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए इस तरह के काम करते हैं। कौन हैं अब्दुल सत्तार अब्दुल सत्तार सिल्लोड विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर से की थी। वे पहले कांग्रेस में थे और 2019 में शिवसेना में शामिल हुए। 2019 से 2022 तक वे उद्धव ठाकरे सरकार में राज्यमंत्री रहे। 2022 में शिवसेना के विभाजन के दौरान वे एकनाथ शिंदे के साथ गए। इसके बाद शिंदे-फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और अल्पसंख्यक विकास, औकाफ, कृषि व विपणन विभाग संभाले। अब्दूल सत्तार फिलहाल शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक हैं। ————- ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बोले- टीपू सुल्तान शिवाजी महाराज के बराबर:BJP बोली- सपकाल पागल हो चुके हैं; पुणे में पूर्व विधायक के पोस्टर जलाए, FIR महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने पर विवाद बढ़ गया है। सपकाल ने कहा था- टीपू सुल्तान को शिवाजी महाराज के बराबर मानना चाहिए। वे एक योद्धा और भारत के भूमिपुत्र के रूप में उभरे। उन्होंने कभी भी जहरीली सोच को नहीं अपनाया। पूरी खबर पढ़ें…

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