पंजाब में CM भगवंत मान की अगुआई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की अपनी सबसे बड़ी ‘चुनावी गारंटी’ को अमलीजामा पहना दिया है। 8 मार्च को बजट में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ का ऐलान करते हुए सरकार ने 18 वर्ष से ऊपर की जनरल वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए और SC वर्ग की महिलाओं 1,500 रुपए प्रति माह की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि 9,300 करोड़ रुपए के सालाना बजट वाली इस योजना के तहत राज्य की लगभग 97% महिलाएं लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि 13 अप्रैल (बैसाखी के दिन) से इसके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हालांकि इस स्कीम का लाभ किन-किन महिलाओं को मिलेगा। बैंक खाते में रुपए कब आएंगे। रजिस्ट्रेशन के लिए क्या फॉर्मेलिटी जरूरी है?, जैसे कई सवाल हैं, जिनके बारे में अभी तक पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। इस रिपोर्ट में स्कीम से जुड़े हर सवाल का जवाब जानिए… सबसे पहले स्कीम के बारे में इन्फोग्राफिक्स से जानिए… स्कीम से जुड़े सवाल-जवाब जानिए… सवाल: किन महिलाओं को लाभ मिलेगा और पात्रता क्या है?
जवाब: 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर महिला इस योजना के लिए पात्र होगी। सरकार ने इसमें महिला या उसके परिवार की इनकम की कोई लिमिट नहीं रखी है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (जैसे बुढ़ापा, विधवा या विकलांगता पेंशन) ले रही महिलाएं भी इसके लिए पात्र होंगी। सवाल: किन महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है?
जवाब: वर्तमान या पूर्व स्थायी सरकारी मुलाजिम, वर्तमान और पूर्व सांसद/विधायक और आयकरदाताओं को बाहर रखा गया है। साथ ही, रिटायरमेंट के बाद पेंशन ले रही महिलाएं भी इसके लिए पात्र नहीं होंगी। सवाल: क्या कॉलेज जाने वाली छात्राएं (18+) भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
जवाब: योजना में न्यूनतम आयु सीमा 18 साल है, इसलिए कॉलेज जाने वाली छात्राएं पात्र हो सकतीं हैं, बशर्ते वे किसी सरकारी नौकरी या अन्य वर्जित श्रेणी में न आती हों। हालांकि सरकार ने इसको लेकर स्पष्ट नहीं किया है। नोटिफिकेशन के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। सवाल: अगर एक ही परिवार में तीन महिलाएं (सास, बहू और बेटी) 18+ हैं, तो क्या तीनों को पैसे मिलेंगे?
जवाब: वर्तमान घोषणा के अनुसार, यह योजना ‘प्रत्येक पात्र महिला’ के लिए है न कि ‘प्रति परिवार’। इसलिए एक ही घर की सभी पात्र महिलाएं अलग-अलग लाभ ले सकती हैं। सवाल: पंजाब से बाहर या दूसरे राज्य से यहां शादी होकर आई महिलाओं को क्या लाभ मिलेगा?
जवाब: सरकार ने अभी इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं की है। हालांकि, पड़ोसी राज्यों के अनुभवों को देखें तो पति के डोमिसाइल के आधार पर लाभ मिल सकता है, लेकिन अंतिम स्थिति आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद ही साफ होगी। सवाल: योजना के तहत कितनी राशि मिलेगी
जवाब: हर पात्र महिला को इस योजना के तहत हर महीने 1,000 रुपए मिलेंगे। वहीं, जो महिला SC वर्ग से हैं, उन्हें 500 रुपए अधिक, यानी कुल 1,500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे। सवाल: योजना का पैसा बैंक अकाउंट में कैसे आएगा?
जवाब: इसका लाभ उन्हीं को मिलेगा जो रजिस्ट्रेशन करवाएंगी। सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे बैंक अकाउंट में रुपए ट्रांसफर करेगी। सवाल: क्या e-KYC और बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य होगा?
जवाब: चूंकि पैसा DBT के जरिए भेजा जाना है, इसलिए बैंक खाते का आधार से लिंक होना और एक्टिव होना अनिवार्य होगा। सवाल: आवेदन कैसे होगा और कौन से दस्तावेज लगेंगे?
जवाब: सरकार मोबाइल एप, सेवा केंद्रों या घर-घर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकती है। अभी दस्तावेजों की सूची जारी नहीं हुई है। लेकिन मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट, आधार कार्ड और वोटर आईडी तैयार रखना जरूरी हो सकता है। सवाल: आवेदन कब से शुरू होगा और अभी योजना का क्या स्टेटस है?
जवाब: मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार 13 अप्रैल (बैसाखी) से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। बजट पास हो चुका है। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के बाद नोटिफिकेशन जारी कर लागू किया जाएगा। सवाल: योजना के लिए कोई और विशेष शर्त या नियम?
जवाब: पंजाब का मूल निवासी होना अनिवार्य है। जैसे ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ में आधार और वोटर कार्ड को आधार माना गया है। वैसे ही यहां भी इन्हें मुख्य दस्तावेज माना जा सकता है। सवाल: किसी समस्या या शिकायत के लिए क्या कोई हेल्पलाइन नंबर है?
जवाब: अभी आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतज़ार है। उम्मीद है कि रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही सरकार एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर या ‘मदद डेस्क’ जारी करेगी। सवाल: योजना के लिए बजट कहां से आएगा?
जवाब: सरकार ने इस योजना के लिए अभी 9,300 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है, लेकिन पीछे से पैसा कहां से आएगा, इसको लेकर सरकार ने कोई जानकारी नहीं दी है। सवाल: स्कीम को चुनाव से पहले शुरू करने पर सरकार का क्या तर्क है?
जवाब: सरकार का कहना है कि वे 5 साल के लिए चुने गए हैं और इस दौरान वे कभी भी अपनी गारंटी पूरी कर सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार ने कई ऐसे काम (जैसे टोल प्लाजा बंद करना) भी किए हैं जिनकी गारंटी नहीं दी गई थी। सवाल: क्या सत्ताधारी पार्टी (AAP) को इसका चुनावी फायदा मिलेगा?
जवाब: आमतौर पर ऐसी योजनाओं का लाभ मिलता है। महिलाओं में यह धारणा रहती है कि योजना जारी रखने के लिए वर्तमान सरकार का बने रहना जरूरी है, जिससे सत्ताधारी पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद रहती है। ——- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब बजट में योजनाओं का चुनावी गणित, सरकार पर महिलाओं को पैसा देने का प्रेशर, बढ़ता कर्ज परेशानी; शहरों से ज्यादा गांवों पर फोकस पंजाब सरकार ने 2026-27 के लिए पेश किए बजट में 2027 विधानसभा इलेक्शन के लिए सीटों का नक्शा खींच दिया है। महिलाओं के लिए 1 हजार और 1500 रुपए की घोषणा सीधे सूबे की 75 लाख महिलाओं को प्रभावित करेगी। सूबे की सभी 117 विधानसभा सीटों पर औसतन 60 हजार महिला वोटर हैं। (पढ़ें पूरी खबर)