महेंद्रगढ़ जिले के गांव बवानिया निवासी भारतीय सेना के जवान, नायक अशोक कुमार का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। जवान का अंतिम संस्कार शनिवार को उसके पैतृक गांव में पूरे सम्मान के साथ किया गया। गांव बवानिया निवासी अशोक कुमार पिछले करीब 12 वर्षों से भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वे अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पण और ईमानदारी के लिए जाने जाते थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जोधपुर स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल (एमएच) में थी। दिल्ली में हुआ हार्ट फेल कई दिनों से बीमारी के चलते उन्हें दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 27 मार्च की सुबह हार्ट फेल होने के कारण अशोक कुमार ने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर जैसे ही गांव बवानीया पहुंची तो पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। बेटे ने दी मुखाग्नि गांव बवानिया में शहीद के 10 वर्षीय बेटे मैरी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। नायक अशोक कुमार अपने पीछे पत्नी पूनम देवी और एक बेटे मैरी को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। याद रखा जाएगा त्याग ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि शहीद के परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता और सम्मान दिया जाए। लोगों का कहना है कि अशोक कुमार की देश सेवा और त्याग को हमेशा याद रखा जाएगा।