हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला में करीब एक माह पहले प्राचार्य की सतर्कता से जिस शिक्षक की जान बच गई थी, वही शिक्षक शुक्रवार को अपने किराये के कमरे में मृत पाए गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच जारी है। मूल रूप से हिसार की आदमपुर मंडी निवासी शैलेस मेहता कनीना कस्बा के खेड़ी तलवाना के राजकीय स्कूल में पीजीटी अंग्रेजी के अध्यापक थे। वह पिछले लगभग एक वर्ष से कनीना बस स्टैंड के पास किराये के मकान में रह रहे थे। कमरे के अंदर मृत मिले बृहस्पतिवार को वह स्कूल पहुंचे थे और सामान्य रूप से कार्य किया था। शुक्रवार सुबह निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुंचने पर प्राचार्य धर्मवीर सिंह पोता ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। आशंका होने पर कर्मचारियों को कमरे पर भेजा गया, जहां स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा खुलवाया गया तो वह अंदर मृत अवस्था में मिले। हृदय गति रुकना माना जा रहा कारण सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कनीना उप नागरिक अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक तौर पर हृदय गति रुकना मौत का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मृतक शिक्षक शादीशुदा था तथा उसके दो बच्चे हैं, जो आदमपुर ही रहते हैं। 29 जनवरी को भी मिले थे अचैत गौरतलब है कि 29 जनवरी को भी वह स्कूल नहीं पहुंचे थे। उस समय भी प्राचार्य की पहल पर कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा गया तो वह अचेत अवस्था में मिले थे। बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने के कारण कार्बन मोनोआक्साइड गैस के प्रभाव से उनकी हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें तत्काल पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया था, जहां तीन दिन के उपचार के बाद उनकी जान बच गई थी।