रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए लुधियाना के युवक समरजीत सिंह का शव घर पहुंचने के बाद मां अकबर कौर और परिवार के अन्य सदस्य अंतिम दर्शन नहीं कर सके। शव को चिता पर रखने के लिए जब बॉक्स खोला गया तो सभी लोग हैरान रहे गए। ताबूत में रखे लोहे के बॉक्स में केवल कंकाल था। बता दें कि, समरजीत सिंह की मौत 10 सितंबर 2025 को रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ड्रोन अटैक में हुई। 8 सितंबर 2025 से परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिवार को आस थी कि समरजीत जिंदा होगा और वापस घर जरूर आएगा। वीरवार रात को समरजीत सिंह जिंदा तो नहीं आया, लेकिन ताबूत में पैक होकर उसका शव जरूर घर आया। बिडंबना यह रही कि मां अकबर कौर सिमरजीत सिंह के आखिरी दर्शन भी नहीं कर पाई। जिसका मलाल मां अकबर कौर को अब जिंदगीभर रहेगा। बॉक्स से निकला केवल कंकाल समरजीत के शव पर केमिकल लगाकर उसे लोहे के बॉक्स में पैक किया था और फिर उस बॉक्स को ताबूत में रखा गया था। दिल्ली में जब उन्हें ताबूत सौंपा गया तो स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शव को चिता पर ही लोहे के बॉक्स से अलग करना है। शव पैक होने के कारण परिवार को लोग भी घर पर उसके अंतिम दर्शन नहीं कर पाए। चिता पर जब उसके शव वाले बॉक्स को खोला गया तो सिर्फ कंकाल नजर आया। जिसे देखकर पिता, भाई व अन्य रिश्तेदार भावुक हो गए। परिजनों ने मां को उसके नजदीक आने नहीं दिया। मां अबकर कौर का कहना है कि वो छह महीने तक अपने बच्चे के आने का इंतजार करती रही। उसे उम्मीद थी कि बेटा एक दिन जरूर वापस आएगा। उनका कहना है कि उनकी नजरों में आज भी वही समरजीत है जो खुशी से विदेश गया था। आखिरी बार कहा था- पापा अपना और मम्मी का ख्याल रखना समरजीत सिंह 16 जुलाई को घर से रूस के लिए निकला था। समरजीत की आखिरी बार अपने पिता से 8 सितंबर 2025 को वीडियो कॉल पर बात हुई थी। सिग्नल ठीक न होने के कारण सही से बात नहीं हो पाई। आखिरी वीडियो कॉल में समरजीत ने अपने पिता चरणजीत सिंह को कहा था, मैं ठीक हूं, पापा अपना और मम्मी का ख्याल रखना। इतना कहते ही उसका फोन कट गया था। उसके बाद चरणजीत सिंह समरजीत को फोन पर फोन करते रहे, लेकिन दोबारा कॉल कनेक्ट नहीं हो पाई। दरअसल, जब उसने आखिरी बार कॉल की थी तो रूस की सेना उन्हें लेकर यूक्रेन बॉर्डर पर जा रही थी। यूक्रेन बॉर्डर पर पहुंचते ही 10 सितंबर को ड्रोन अटैक में उसकी मौत हो गई। छह महीने बाद समरजीत सिंह के शव की पहचान कैसे हुई, जानिए … रूस से शव लुधियाना पहुंचने के बारे में सिलिसिलेवार जानिए… समरजीत सिंह की मौत का एक मार्मिक पहलू यह भी है…