हरियाणवी गायक मासूम शर्मा और जींद के मुआना गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के बीच शुरू हुआ ‘स्टेज विवाद’ अब व्यक्तिगत न रहकर ‘पंचायत बनाम कलाकार’ की जंग बन चुका है। मासूम शर्मा ने एक दिन पहले दिए बयान में स्पष्ट किया है कि वह अपने शब्दों पर कायम हैं। उनके बयान के लहजे और “70 सरपंच हांडै” वाली टिप्पणी पर सरपंचों ने फिर नाराजगी जताई है। झज्जर, जींद सहित अनेक जिलों के सरपंचों ने उन्हें किसी भी गांव में शो न करने देने की खुली चेतावनी दी है। मासूम शर्मा ने जिस प्रकार से विवाद पर सफाई दी है, वो सरपंचों को रास नहीं आ रहा है। विवाद के केंद्र में रहे मुआना गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने मासूम शर्मा का बयान देखा है। उनके अनुसार, “वो ऐसे ही कुछ भी बोल देता है। उस दिन फोन पर कुछ और कह रहा था कि बाहर हूं, लेकिन अब जींद के कार्यक्रम में आया हुआ था। अब इसका जवाब हरियाणा की सरपंच एसोसिएशन देगी। मैं एसोसिएशन के साथ हूं और पीछे हटने वाला नहीं।” इंडस्ट्री में भी बंटे कलाकार, दो धड़े बने विवाद के बाद हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में भी दो गुट बन गए हैं। एक ओर सीएम के ओएसडी और कलाकार गजेंद्र फोगाट तथा सिंगर राहुल पुट्ठी ने मासूम शर्मा के खिलाफ बयान दिया है, जबकि सिंगर और राइटर हैरी लाठर ने सोशल मीडिया पर मासूम के समर्थन में पोस्ट की है। मासूम के भाई विकास शर्मा पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। रणबीर गिल बोले—बुजुर्ग का अपमान गलत सरपंच एसोसिएशन के प्रधान रणबीर गिल समैन ने कहा कि “पूर्व सरपंच को स्टेज पर लेकर जाया गया था, वह खुद नहीं गया था। किसी बुजुर्ग व्यक्ति को इस तरह जलील करना गलत है। वह उसके बाप की उम्र का व्यक्ति था। पंचायतों का अपना रुतबा होता है और सरपंच गांव का सम्मानित प्रतिनिधि होता है।” गिल ने कहा कि “मासूम शर्मा ने न केवल सरपंच बल्कि एमएलए और मंत्रियों तक का अपमान किया है। कलाकार को अपने गानों तक सीमित रहना चाहिए। अगर उसने माफी नहीं मांगी तो पंचायतें उसके गानों पर रिपोर्ट दर्ज करवाएंगी और गांवों में उसके कार्यक्रमों पर रोक लगाएंगी।” सरकार से गन कल्चर वाले गानों पर बैन की मांग रणबीर गिल ने सरकार को भी घेरा और कहा कि “गांवों में कोई भी सांग या प्रोग्राम पंचायत की अनुमति से होता है। सरकार को ऐसे गानों पर रोक लगानी चाहिए जिनमें गन कल्चर और अभद्र भाषा का प्रचार होता है। ये गाने बच्चों पर गलत असर डालते हैं। ऐसे कलाकारों को बैन किया जाना चाहिए।” 18 फरवरी को जींद में हुआ था विवाद यह विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था। शो के दौरान भीड़ बढ़ने पर मासूम शर्मा ने मंच से पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा और कहा कि “मेरे प्रोग्राम में कोई सरपंच, एमएलए या मंत्री हो, मैं किसी को नहीं मानता।” इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद सरपंचों ने कड़ा विरोध जताया। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दी और कहा कि अगर माफी नहीं मांगी गई तो महापंचायत बुलाई जाएगी। मासूम शर्मा बोले—बयान को गलत समझा गया विवाद बढ़ने के बाद मासूम शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि “एक आदमी के कहने से पंचायत नहीं होती। मेरे समर्थन में भी कई सरपंच हैं। 70 सरपंच वाली बात हरियाणा की कहावत है—‘तेरे बरगै 70 हांडै, तेरे बरगै 150 फिरै।’ इसे गलत अर्थ में लिया गया है। मंत्री और एमएलए वाली बात पर मैं आज भी कायम हूं।” विवाद के शांत होने के आसार नहीं मासूम शर्मा के इस बयान के बाद सरपंचों की नाराजगी और बढ़ गई है। झज्जर, जींद और आसपास के जिलों के सरपंचों ने कहा है कि जब तक वह सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक उनके कार्यक्रमों का विरोध जारी रहेगा। मामला अब हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के स्तर तक पहुंच गया है, जो आने वाले दिनों में इस पर पंचायत बुला सकती है।