पंजाब के संगरूर में हिंदू परिवार के मस्जिद के लिए जमीन दान करने के बाद अब मोहाली के झामपुर में एक मुस्लिम परिवार ने 80 लाख रुपए की 325 गज जमीन मंदिर निर्माण के लिए दान दी है। खास बात यह है कि मंदिर निर्माण का खर्च भी वही परिवार उठाएगा। गुरुवार (12 फरवरी) को शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमान लुधियानवी ने रजिस्ट्री के पेपर मंदिर कमेटी को सौंपे। वहीं हवन यज्ञ के बाद मंदिर के निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया। यहां पर हनुमान जी और सनातन मंदिर बनाया जा रहा है। शाही इमाम ने कहा कि पंजाब की धरती से मिठास का संदेश पूरे भारत के लिए अमृत है। यह एकता की मिसाल है। वहीं जमीन दान देने वाले मोहम्मद इमरान ने कहा कि मेरा सपना अस्पताल खोलने का है, ताकि गरीब लोगों को इलाज मिल सके। शाही इमाम की 3 बड़ी बातें… मंदिर के लिए कोई जगह नहीं थी: शाही इमाम ने बताया कि मोहाली से सटे झामपुर इलाके में मंदिर के लिए जगह नहीं थी, क्योंकि नई आबादी बस रही थी। ऐसे में धार्मिक स्थानों के लिए जगह जरूरी है, सनातन धर्म के लिए कोई स्थान नहीं था। पंडित राजाराम ने मोहम्मद इमरान हैप्पी से संपर्क किया और मंदिर कमेटी के लिए जगह मांगी। उन्होंने (हैप्पी ने) मुझसे पूछा तो मैंने कहा कि इस्लामी देशों में भी हिंदू-सिख भाईचारे के लोग जाकर बसते हैं, तो उनकी धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए वहां धार्मिक स्थान बनाए जाते हैं। दुबई में गुरुद्वारा नानक दरबार साहिब है, इसी तरह मंदिर भी हैं। कतर, यमन और बगदाद में भी मंदिर हैं। ऐसे में मैंने इन्हें आगे आने को कहा। मोहब्बत के तोहफे के रूप में जमीन दी: शाही इमाम ने कहा कि मोहम्मद इमरान हैप्पी ने 325 गज जगह, जिसकी कीमत 80 लाख बताई जा रही है, मंदिर कमेटी को तुरंत सौंप दी। हैप्पी ने इसे मोहब्बत के तोहफे के रूप में दिया है। हम उम्मीद करते हैं कि जो मोहब्बत सदियों से चली आ रही है, वह आगे भी ऐसे ही चलती रहेगी। पंजाब की धरती पहली पातशाही गुरु नानक देव जी के नाम से जानी जाती है। श्री गुरु नानक साहिब, जिन्हें हम अपना पीर मानते हैं और जिन्हें आप (सिख) अपना गुरु कहते हैं, उनके दाईं और बाईं ओर एक हिंदू मरदाना और एक बाला जी चलते थे। मुसलमान पहले दिन से सिखों की दाईं-बाईं बाजू की तरह रहे हैं। मैं समझता हूं कि ऐसा कर इन्होंने पंजाब को और ताकत दी है और पूरे भारत को नया संदेश दिया है। पंजाब की धरती से मिठास का संदेश: शाही इमाम ने कहा कि कल भी धूरी में एक पंडित ने मस्जिद के लिए जगह दी। पिछले हफ्ते फतेहगढ़ साहिब के जखवाली में एक सरदार माता ने मस्जिद बनाने के लिए जगह दी है। पंजाब की धरती से मिठास का संदेश पूरे भारत के लिए अमृत है। यह एकता की मिसाल है। हमारे संविधान में पहला नारा दिया गया है अनेकता में एकता। यानी हम अलग-अलग रंग, जाति और बिरादरी के होने के बावजूद कभी भी आपस में नहीं लड़ते। जो लड़ना चाहते हैं, उन्हें भी रोककर मोहब्बत का पाठ पढ़ाते हैं। मैं इन दोनों को बधाई देता हूं। जमीन दान देने वाले हैप्पी की 4 बड़ी बातें… अस्पताल खोलने का सपना है: मोहम्मद इमरान उर्फ हैप्पी मलिक ने कहा कि बचपन से मेरी एक सोच रही है कि जिन चीजों के लिए लोगों को परेशान किया जाता है, उन जरूरतों को पूरा करने के लिए मैं आगे आऊं। मेरा लक्ष्य एक अस्पताल खोलने का है, ताकि गरीब लोगों को इलाज मिल सके। जब मैंने एक मस्जिद बनवाई थी, तो मैंने सोचा कि लोगों में यह संदेश न जाए कि मैं मुसलमान हूं, इसलिए मस्जिद बनाई। फिर मैंने चर्च बनवाई और अब मंदिर बनाएंगे। हम पहले से बने मंदिर की तर्ज पर ही मंदिर का निर्माण करेंगे। मंदिर बनाने का खर्च भी उठाएंगे: मोहम्मद इमरान ने कहा कि उन्होंने जमीन देने के साथ ही मंदिर के निर्माण पर आने वाला खर्च भी उठाने का फैसला किया है। इसमें उनके साथ उनके दोस्त संजय जिंदल भी सहयोग करेंगे। तीन मरले में हनुमान जी का मंदिर और दस मरले जमीन में सनातन धर्म मंदिर बनाया जाएगा। चर्च को आधे रेट पर जमीन दी थी: उन्होंने बताया कि इससे पहले खरड़ में गुरुद्वारे के लिए जगह दी है, जबकि झामपुर में चर्च के लिए आधी कीमत पर जमीन दी है। जमीन की कीमत करीब 24 लाख थी, जिसे उन्होंने 12 लाख में दिया। इलाके में 60 फीसदी हिंदू: मोहम्मद इमरान ने कहा कि जिस सोसाइटी में वे रहते हैं, वहां 60 फीसदी आबादी हिंदू है। पिछले साल उन्होंने मस्जिद के लिए जगह दी थी, लेकिन उन्हें लगा कि लोगों ने कहा कि उन्होंने हिंदू भाइयों के लिए कुछ नहीं किया। ऐसे में उन्होंने यह कदम पहले ही उठा लिया। रियल एस्टेट कारोबारी हैं मोहम्मद इमरान जानकारी के अुनसार, मंदिर के लिए जमीन दान देने वाले मोहम्मद इमरान खान उर्फ हैप्पी मलिक 37 साल के हैं। वे पेशे से रियल एस्टेट कारोबारी हैं। परिवार में उनकी माता, पत्नी और बच्चे हैं। उनके भाई का कुछ समय पहले निधन हो गया था। भाई के बच्चे भी उनके साथ ही रहते हैं। वहीं, वे एक होटल का निर्माण भी कर रहे हैं। अब जानिए मंदिर कमेटी ने क्या कहा… मंदिर कमेटी के सदस्य पंडित राजाराम ने कहा कि सच्ची बात कहूं तो इतनी जगह कोई नहीं देता। लोग सड़क पर कोई भिखारी मिल जाए तो उसे पांच रुपए भी नहीं देते। उसे भी कह देते हैं कि तेरे हाथ-पैर नहीं हैं क्या? अकेले हैप्पी मलिक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपनी नेक कमाई से हमें जगह दी है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उनकी कमाई में बरकत हो और वे लगातार तरक्की करें। मंदिर का निर्माण कार्य शुरू, 3 PHOTOS..