मैं थक चुकी हूं–सुसाइड करने वाली टीचर की आखिरी बात:वो कहते थे सैलरी ससुराल में दो, मैं मां की मदद करती थी; पति ने कहा–भाड़ में जाओ

‘मैं थक चुकी हूं, रोज-रोज मरने से अच्छा है एक बार में मर जाऊं। अपनी ही सैलरी से अपने मायके वालों की मदद नहीं कर सकती, मेरे पिता बीमार रहते हैं, मां ने जैसे–तैसे मुझे और भाई को पढ़ाया, आज मैं नौकरी करके उनकी मदद करना चाहती हूं तो ससुराल वाले ताने देते हैं। मेरी बेटी को भी नहीं दे रहे, कहते हैं पूरी सैलरी हमें दो, पति से कहती हूं कि तुम तो समझो तो वो कहते हैं–तुम भाड़ में जाओ, कहीं जाकर मर जाओ, तो ठीक है, ओके..नो प्रॉब्लम..अब सब ठीक हो जाएगा।’ ये दर्द सुसाइड करने वाली BPSC टीचर प्रिया भारती का है। सुसाइड से पहले उसने दो वीडियो बनाए। एक 48 मिनट और दूसरा 17 मिनट का। इन वीडियो में उसने अपनी शादी, ससुरालवाले, पति, सैलरी, बच्ची और दहेज को लेकर झेली गई प्रताड़ना की पूरी कहानी खुद रिकॉर्ड की है। पुलिस ने ये वीडियो प्रिया के भाई और परिवार वालों को दिखाए हैं। हालांकि, पुलिस ने ये वीडियो देने से मना कर दिया। भास्कर को पुलिस ने बताया कि ससुराल की प्रताड़ना से परेशान होकर महिला टीचर ने सुसाइड किया है। प्रिया पढ़ लिखकर टीचर कैसे बनी, उसके पिता को क्या बीमारी है, उसकी शादी कैसे हुई? और ससुराल में ऐसी क्या बाते हुईं कि उसने सुसाइड जैसा कदम उठा लिया…? पढ़िए रिपोर्ट प्रिया और दीपक की शादी की कुछ तस्वीरें देखिए… ‘मुझे डर था कि मेरे साथ कुछ गलत हो सकता है’ प्रिया के भाई अलंकार के मुताबिक, आत्महत्या से पहले बहन को यह अंदेशा हो गया था। कुछ अनहोनी हो सकती है। इसी डर के चलते उसने वीडियो रिकॉर्ड किया, ताकि अगर उसके साथ कुछ हो जाए, तो सच्चाई सामने आ सके। अलंकार का कहना है कि शुरुआत में पुलिस वीडियो को लेकर कोई जानकारी नहीं दे रही थी। बार-बार कहने के बाद पुलिस ने कहा कि वीडियो बेहद दर्दनाक है, इसलिए दिखाया नहीं जा सकता, लेकिन वीडियो में क्या-क्या कहा गया है, उसकी पूरी जानकारी परिवार को दी है। बचपन से संघर्ष की कहानी प्रिया भारती का जन्म 1996 में कटिहार के बेहद गरीब परिवार में हुआ था। पिता की तबीयत अक्सर खराब रहती थी। मां सिलाई-कढ़ाई कर घर चलाती थी। इस दौरान साल 1999 में प्रिया का एक छोटा भाई हुआ, जिसका नाम अलंकार है। दोनों भाई-बहन की पढ़ाई और घर का खर्च मां की मेहनत और प्रिया की जिद पर टिका था। अलंकार बताते हैं, ‘आठवीं में पहुंचते-पहुंचते प्रिया ने ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया, ताकि घर में मदद हो सके। 10वीं, 12वीं के दौरान उसने ठान लिया कि उसे सरकारी टीचर बनकर अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालना है। प्रिया सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थी। इसके बाद दिन में घर का काम, शाम में बच्चों को कोचिंग पढ़ाना, यह उसकी रोजमर्रा की जिंदगी थी।’ BPSC तक का सफर और पहली बार बाहर निकली अलंकार कहते हैं, ‘2016 में प्रिया ने ग्रेजुएशन पास किया। इसके बाद वह प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगी। साथ ही साथ BPSC की तैयारी भी करती रही। अपनी सैलरी से घर का खर्च, मेरी पढ़ाई और पिता का इलाज सब कुछ वही संभालती थी। साल 2021 में प्रिया ने BPSC परीक्षा पास कर ली। 2022 में उसे भागलपुर में पहली पोस्टिंग मिल गई। इस दौरान परिवार ने समझाने की कोशिश की कि अकेले बाहर कहां रहोगी। फिर से प्रयास करो अपने ही जिले में कहीं नौकरी मिल जाए, लेकिन प्रिया ने हिम्मत नहीं हारी और बाहर जाकर नौकरी जॉइन की।’ शादी के बाद बदल गई जिंदगी, टॉर्चर शुरू अलंकार बताते हैं, ‘बहन की नौकरी के बाद घर वालों को प्रिया की शादी की चिंता होने लगी। हम सभी लड़के की तलाश करने लगे। 16 नवंबर 2024 को प्रिया की शादी वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी दीपक कुमार से हुई। शुरु में सब ठीक चल रहा था। प्रिया को भी लगता था कि पति ICICI बैंक में डिप्टी ब्रांच मैनेजर है तो अब मेरी जिंदगी में स्थिरता आएगी। पति के सपोर्ट से वो अपने मायके वालों को भी देख पाएगी, उसने इसी तरह से जिंदगी की शुरुआत भी की। लेकिन जब भी वो अपने मायके वाले या हम लोगों की मदद की सोचती तो उसकी ससुराल वालों का रवैया बदलने लगा। उसने वीडियो में भी कहा है कि अपने ही परिवार वालों के बारे में सोचने पर ताने मिलने लगते हैं, शादी के बाद मेरी जिंदगी धीरे-धीरे जेल बनती जा रही है।’ नौकरी बनी विवाद की जड़ प्रिया के भाई ने बताया, ‘30 दिसंबर 2024 को प्रिया को स्कूल जॉइन करने के लिए भागलपुर जाना था। यहीं से उसके साथ प्रताड़ना शुरू हुई। सास ने ताने देने शुरू कर दिए। सास का कहना था, बहू को नौकरी नहीं, सास की सेवा करनी चाहिए। प्रिया वीडियो में कहती है, मैं नौकरी इसलिए करना चाहती थी ताकि अपनी मां और भाई की मदद कर सकूं। शादी के दो महीने बाद ही सास ने मेरी पूरी सैलरी अपने पास रखना शुरू कर दिया। मुझे सिर्फ घर खर्च के लिए पैसे दिए जाते थे। जब मैंने अपने पति दीपक से शिकायत की, तो उसने भी मां का ही पक्ष लिया। प्रिया वीडियो में कहती हैं, मैं कमाती थी, लेकिन मुझे अपने ही पैसों के लिए हाथ फैलाना पड़ता था। मेरे पति भी मुझे नहीं समझते थे, इस बात का सबसे ज्यादा दुख था।’ प्रेगनेंसी में भी अकेली वीडियो में प्रिया ने कहा, ‘फरवरी 2025 में मैं गर्भवती हुई। इसके बावजूद मैं 2-3 महीने अकेले भागलपुर में रहकर स्कूल जाती रही, घर संभालती रही। जुलाई 2025 में मैंने वैशाली ट्रांसफर लिया। सोचा ससुराल के पास रहूंगी तो शायद सब ठीक हो जाए। सास मुझे प्यार करने लगे, लेकिन ससुराल के पास मुझे स्कूल नहीं मिला। इस वजह से ससुराल से 50KM दूर स्कूल से 2KM पास मैं किराए का मकान लेकर रहने लगी। इस दौरान भी मुझे बहुत कुछ सुनना पड़ा। जुलाई में सास मेरी देखभाल करने के लिए रूम पर आ गईं। इस दौरान मैंने मैटर्नलिटी लीव ले ली थी। प्रेग्नेंसी के हालत में भी मुझे हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए भी पैसे मांगने पड़ते थे।’ ‘अक्टूबर 2025 में मैंने बेटी को जन्म दिया। छह महीने की मैटरनिटी लीव के बाद 30 दिसंबर को दोबारा स्कूल जॉइन किया। नवंबर 2025 से मैंने अपनी सैलरी अपने पास रखना शुरू किया। यही बात विवाद की सबसे बड़ी वजह बनती चली गई।’ भाई की शादी में मदद की तो विवाद बढ़ता गया 15 फरवरी को भाई की शादी थी। प्रिया ने आधी सैलरी नवंबर महीने से मायके भेजनी शुरू की। वीडियो में वह कहती है, ‘मैं घर की सबसे बड़ी हूं। पापा भी काम नहीं करते हैं। इस वजह से मैंने अपने भाई को पढ़ाया है, उसकी शादी में मदद करना मेरी जिम्मेदारी है, लेकिन ससुरालवालों को यह मंजूर नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा, तुम सारी सैलरी ससुराल में दोगी। लेकिन मैं अपनी बातों पर अड़ी रही, इसी वजह से लगातार सास और मेरे बीच लड़ाई होने लगी। ये बात जब मैंने अपने पति को बताई तो उन्होंने कहा, मां सही है। तुम्हें सारा पैसा मां को देना चाहिए। तुम्हारा भाई अपनी शादी खुद कर लेगा।’ बच्ची छीनी गई, तब पूरी तरह टूट गई प्रिया ने वीडियो में बताया, ‘मेरी ननद 7 जनवरी को वैशाली आई और 3-4 दिन तक मेरे साथ रहीं। इसके बाद ननद अपने मायके चली गई। इसी दौरान मेरी सास भी ननद के साथ चली गई। 9 जनवरी को मैं अपनी 3 महीने की बच्ची को लेकर कटिहार अपने मायके आई। दो दिन बाद 12 जनवरी को मैं वैशाली अपने किराए के कमरे पर लौट रही थी। इसी दौरान मेरे पति दीपक ने मुझे फोन किया। उन्होंने मुझसे कहा, तुम 2 दिन के लिए ससुराल चली जाओ। मां और दीदी बाबू से भी मिल लेंगी। 14 जनवरी को त्योहार मना कर फिर वापस चली जाना। पति की बात मैं टाल नहीं सकी और ससुराल चली आई।’ मेरी बच्ची को सास-ननद ने छीन लिया प्रिया वीडियो में कहती है, ‘15 जनवरी को जब मैं अपने रूम पर लौटने लगी, तो सास और ननद ने बच्ची को अपने पास रख लिया। मुझे अकेले किराए वाले कमरे पर भेज दिया। इस वजह से मैं रोते हुए रूम पर आ गई। मैंने सोचा था एक सप्ताह बाद मैं बच्ची को लेकर आ जाऊंगी, लेकिन सास-ननद ने बच्ची को नहीं दिया। उनका कहना था, अगर तुम सैलरी नहीं भेजोगी तो मैं बच्ची को नहीं दूंगी।’ प्रिया के भाई अलंकार ने कहा कि मरने से एक दिन पहले मेरी बहन के साथ उन लोगों ने मारपीट भी की थी। पुलिस ने जो वीडियो में हमें दिखाया है उसमें आखिरी में प्रिया बोल रही है, ‘अब मैं थक चुकी हूं। रोज-रोज मरने से अच्छा है कि एक बार मर जाऊं।’ भास्कर ने इस मामले में जब प्रिया के पति से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि पुलिस ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर प्रिया के पति को जेल भेज दिया है। महुआ SDPO संजीव कुमार ने बताया, BPSC शिक्षिका मामले में सुसाइड केस ही है। प्रिया का 48 मिनट का वीडियो आया है, जिसमें वो अपने ससुरालवालों पर प्रताड़ना का आरोप लगा रही है। अब घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… ;

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