‘मोईद ने रेप नहीं किया, फिर गैंगस्टर कैसे’:अयोध्या में बेटा बोला- जो कॉम्प्लेक्स ढहाया, वो हमारा नहीं; बुलडोजर एक्शन को चुनौती देंगे

अयोध्या में गैंगरेप मामले में मोईद खान को कोर्ट ने बरी कर दिया। उसके नौकर राजू को आरोपी माना। इस फैसले का आधार DNA रिपोर्ट बनी। इस फैसले के खिलाफ यूपी सरकार अब हाईकोर्ट जाएगी। मोईद को बरी करने के फैसले को चुनौती देगी। मोईद अभी जेल में है, उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का एक और केस है। अयोध्या में मोईद के बेटे जहीर खान भी हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी की तैयारी कर रहे हैं। इसकी 2 वजह हैं- मोईद को बरी करने के फैसले के बाद दैनिक भास्कर ने उनके परिवार से संपर्क किया। जानने का प्रयास किया कि रेप के आरोप लगने और फिर अब बरी होने के सफर में क्या मुश्किलें आईं? क्या उन्हें लगता है कि पुराना मान सम्मान वापस मिल सकेगा? पढ़िए रिपोर्ट… अयोध्या से सिर्फ 20 Km दूर भदरसा में भरत कुंड रोड पर मोईद खान का काम्पलेक्स था। इसमें 50 दुकान थीं। इस कॉम्पलेक्स से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर एक 3 हजार स्क्वायर मीटर एरिया में बेकरी थी। वो मोईद खान चलाता था, यही वो जगह थी, जहां पर रेप करने की बात कही गई। आरोप लगने के बाद पुलिस ने 2 बड़े एक्शन लिए थे। पहला- मोईद और राजू के खिलाफ FIR लिखी थी। दूसरा- उसकी बेकरी और कॉम्पलेक्स पर बुलडोजर चलाकर ढहा दिया गया था। दैनिक भास्कर की टीम उस स्पॉट पर पहुंची, जहां 3 अगस्त, 2024 को बुलडोजर एक्शन हुआ था। A-1 बेकरी शॉप के मलबे को देखते हुए हमें मोईद के बेटे जहीर खान मिले। यहां सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हुआ। पढ़िए मोईद का परिवार क्या सोचता है… सवाल : आपके परिवार में कौन-कौन है, कोर्ट के फैसले के बाद क्या माहौल है?
जवाब : हम 4 भाई हैं। मेरे अलावा, नदीम, माफिश, जावेद। जावेद को छोड़कर बाकी लोगों की शादी हो चुकी है। 3 बहन हैं, सबकी शादियां हो चुकी हैं। कोर्ट के फैसले के बाद भी लोगों को यकीन दिलाना पड़ता है कि हमारे वालिद ने कुछ नहीं किया था। नजर तो आज भी सवाल पूछती हैं। सवाल : पीड़ित परिवार कह रहा है कि मोईद को सपा सांसद बचा रहे, क्या कहेंगे?
जवाब : सांसद अवधेश प्रसाद से तो आज तक हम लोग मिले ही नहीं। ये लोग जो बता रहे हैं, अगर मेरी कोई तस्वीर हो तो दिखा दें। सवाल : इस केस के बाद क्या कभी अखिलेश ने आपसे बात की?
जवाब : अखिलेश बहुत बड़े हैं, यहां का कोई लोकल नेता भी मिलने नहीं आया। सवाल : कोर्ट ने मोईद खान को बरी किया है, क्या कहेंगे?
जवाब : हम कोर्ट का धन्यवाद करेंगे। DNA रिपोर्ट से सारी बातें साफ हो गईं। कोर्ट को भी पता चला गया कि 72 साल का आदमी निर्दोष है। सवाल : पीड़ित परिवार कह रहा है कि मोईद खान से उन्हें खतरा है? जवाब : ये बात तो चाची (पीड़िता की मां) ही बता सकती हैं कि उन्हें किस तरह का डर है। हमसे डर है या किसी और से डर है…। क्योंकि हमसे कभी कोई इस तरह की बात ही नहीं हुई है। ऐसा वो क्यों कह रही है, ये वहीं बता सकती हैं। सवाल : क्या इस रेपकांड को सियासी रूप दिया गया?
जवाब : ये तो सबको पता है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यहां के लोकल नेताओं ने कैसे गलत फीडबैक दिया। क्योंकि पहली FIR में मेरे पिताजी का नाम नहीं था। दूसरी FIR में मेरे पिताजी का नाम किसने डलवाया। पूर्व पार्षद या वो नेता जो चेयरमैन का चुनाव लड़े थे, किसने डलवाया। हमारे पिताजी का इसमें कोई रोल नहीं था। हां, वो लड़के का था, तो उसके लिए हम लोग भी तैयार थे कि जो भी सजा होगी, वो तो भुगतनी ही होगी। सवाल : जब रेप के आरोप लगे, तो आपके पिताजी की क्या हालत थी?
जवाब : वो तो रोते रहते थे, मुंह में छाले हो गए थे। बहुत ज्यादा परेशान रहते थे, जेल की हाई सिक्योरिटी में रहते थे। पहली बार था कि क्रिमिनल केस में वो जेल गए थे। इससे पहले सपा के धरना-प्रदर्शन के दौरान अरेस्ट होकर जेल गए थे, मगर वो अलग बात है। वो जब भी जेल में मिलते, यही कहते कि इन लोगों ने हमें फंसा दिया है। सवाल : बेकरी तोड़ दी गई, अब क्या दोबारा बनाएंगे?
जवाब : हम लोग सूरत में रहते थे, 2 साल पहले ही बेकरी शुरू की थी। मीडिया में दिखाया गया कि यहां ढेरों प्रॉपर्टी हैं, तो ऐसा नहीं था। शासन को गलत फीडबैक दिया गया। हमारे पिताजी समाजसेवी थे, नगर अध्यक्ष भी रहे। उनका क्षेत्र में प्रभाव रहा, जो कहते थे, उसे लोग मान लेते थे। सवाल : क्या बेकरी को कर्ज लेकर बनवाया था, कितना नुकसान हुआ?
जवाब : 30-35 लाख रुपए लगे थे, फिर जो अंदर सामान था, वो टूटने के बाद लोग चोरी कर ले गए। बेकरी के लिए लोन नहीं लिया था। रिश्तेदारों से पैसा लिया था। अब दोबारा बेकरी शुरू नहीं कर पाएंगे। पहले हम कहीं नौकरी करेंगे, फिर बेकरी के बारे में सोचेंगे। दूसरे, 50 दुकान वाले इस कॉम्पलेक्स का नक्शा भदरसा नगर पंचायत से पास कराया गया था। इसके दस्तावेज परिवार के पास मौजूद हैं। सवाल : क्या कोर्ट में दिक्कत फेस करनी पड़ी थीं?
जवाब : ये तो हमारा दिल ही बताएगा। कैसे-कैसे और क्या-क्या करना पड़ा। पहली बार इस तरह के मामले में फंसकर कचहरी पहुंचे थे। सवाल : यूपी सरकार हाईकोर्ट जाती है, तब अगला कदम क्या होगा?
जवाब : एक औलाद अपने पिता के लिए क्या कर सकती है, जो हमसे हो सकेगा, हम करेंगे। ये मामला ऐसा है कि कोई हमारा साथ भी नहीं देगा। बुलडोजर कार्रवाई के समय हमने चिल्ला-चिल्ला कर कहा था कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हमारी प्रॉपर्टी नहीं है, लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी। ये हमारे चाचा की प्रॉपर्टी थी। हमारी सिर्फ 3000 स्क्वायर फीट में बनी A-1 बेकरी शॉप थी, इसकी जमीन भी हमारी नहीं है। राजू का DNA भी मैच हुआ
29 जुलाई, 2024 को अयोध्या के भदरसा इलाके में 12 साल की लड़की ने गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था। लड़की उस वक्त प्रेग्नेंट थी। इसमें मोईद खान और उनके नौकर राजू खान को आरोपी बनाया गया था। FIR दर्ज होने के बाद अगले दिन मोईद और राजू को अरेस्ट कर लिया गया था। बाद में, कोर्ट के आदेश पर 7 अगस्त, 2024 को नाबालिग रेप सर्वाइवर का गर्भपात लखनऊ के क्वीन मेरी अस्पताल में हुआ था। पीड़िता का आरोप था कि वह राजू खान के साथ काम करती थी, करीब ढाई महीने पहले राजू ने उसे मोईद से मिलवाया था। थाने में दर्ज शिकायत में उसने दावा किया था कि मोईद ने अपने नौकर के साथ मिलकर उसका रेप किया। इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो के जरिए डरा-धमकाकर करीब ढाई महीने तक मोईद और राजू उसका यौन शोषण करते रहे। अब कोर्ट में मोईद निर्दोष साबित हुए हैं, जबकि उसके नौकर राजू को कोर्ट ने घटना में शामिल पाया है। राजू का DNA भी भ्रूण के DNA से मैच हुआ था। यूपी सरकार ने चलाया था बुलडोजर
इस घटना के बाद प्रशासन ने मोईद की बेकरी और शॉपिंग मॉल को गिरा दिया था। उस वक्त अयोध्या के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट चंद्र विजय सिंह ने कहा था- मोईद खान की बेकरी तालाब की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी, इसलिए एक्शन हुआ है। CM योगी ने विधानसभा में बयान देते हुए मोईद खान के सपा से जुड़े होने का दावा किया था। उन्होंने कहा था- अयोध्या में मोईद, जो समाजवादी पार्टी का नेता है, अयोध्या में सांसद की टीम का सदस्य है, 12 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म में शामिल पाया गया है। मुख्यमंत्री ने मुकदमा दर्ज होने के बाद रेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात भी की थी। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोईद और राजू के DNA टेस्ट करवाने की मांग की थी। मोईद को कोर्ट में 4 पाइंट पर फायदा मिला
मोईद का बचाव करने वाले वकील सईद खान ने एक मीडिया चैनल को बयान दिया कि DNA टेस्ट के नतीजे इस फैसले में सबसे अहम रहे। कोर्ट ने मोईद को निर्दोष माना है और ‘बाइज्जत बरी’ किया है।
1. कोर्ट के आदेश पर भ्रूण का DNA टेस्ट हुआ था, जो मोईद के DNA से मैच नहीं हुआ।
2. अभियोजन पक्ष ये साबित भी नहीं कर सका कि घटना कहां हुई थी। अभियोजन पक्ष ने रेप पीड़िता के समर्थन में कुल 13 गवाह पेश किए थे।
3. घटना के दौरान वीडियो बनाए जाने का दावा भी किया गया था, लेकिन कोई वीडियो सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश नहीं किया गया।
4. पुलिस की तफ्तीश में घटनास्थल को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। पुलिस जांच में घटना के बेकरी के बाहर एक पेड़ के नीचे और बेकरी के भीतर होने का अलग-अलग दावा किया गया था। मीडिया से बात करते हुए विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने कहा- इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। हम आगे भी केस लड़ेंगे।
……………….. ये पढ़ें – ‘मोईद खान को सपा सांसद बचा रहे’: अयोध्या में रेप पीड़िता की मां बोली- DNA रिपोर्ट बदलवाई, हमें खतरा…हाईकोर्ट जाएंगे सपा सांसद मोईद खान को बचा रहे हैं, मुझे लगता है कि टेस्ट रिपोर्ट भी बदलवा दी गई है। जो कुछ भी मेरी बेटी के साथ हुआ, उसको कैसे भूल जाएं। ये कहना है रेप पीड़िता की मां का। उनकी बेटी के साथ 29 जुलाई, 2024 को रेप हुआ था। आरोप लगा था सपा नेता मोईद खान और उनके नौकर राजू खान पर। पाक्सो कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने इस मामले में मोईद खान को बरी कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर…

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