मोगा जिले में पुलिस ने एक युवती के खिलाफ बैंक से स्टडी लोन लेने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का उपयोग करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायत और अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की है। बता दे कि युवती के पिता पंजाब पुलिस में कार्यरत हैं और मोगा के बाघापुराना में तैनात बताए गए हैं। बता दे कि यह मामला फरीदकोट निवासी राजरेबिंदर सिंह भांगर द्वारा 3 नवंबर 2025 को मोगा एसएसपी को दी गई शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मोगा के गांव दुनेके निवासी लवप्रीत कौर, उनके पिता लखवीर सिंह, भाई मनप्रीत सिंह और माता गुरविंदर कौर ने मिलकर लखवीर सिंह का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किया। इमीग्रेशन विभाग को गुमराह करने का प्रयास परिवार पर बैंक और इमीग्रेशन विभाग को गुमराह करने का प्रयास करने का आरोप है। उन्होंने लगभग 35 लाख रुपये के स्टडी लोन के लिए आवेदन किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, लवप्रीत कौर विदेश में पढ़ाई के लिए यह लोन लेना चाहती थी। 35 लाख रुपये के शिक्षा ऋण के लिए आवेदन लवप्रीत कौर ने AUXILO Finserve Pvt. Ltd. के माध्यम से लगभग 35 लाख रुपये के शिक्षा ऋण के लिए आवेदन किया था, जिसमें उनकी माता गुरविंदर कौर सह-आवेदक थीं। आवेदन में दर्शाया गया था कि उनके पिता लखवीर सिंह की मृत्यु हो चुकी है, जबकि वास्तव में लखवीर सिंह पंजाब पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं और थाना बाघापुराना, मोगा में तैनात हैं। बनवाया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र शिकायत में यह भी बताया गया है कि लोन आवेदन के साथ संलग्न मृत्यु प्रमाण पत्र का पंजीकरण नंबर सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जांच करने पर पता चला कि यह दस्तावेज किसी अन्य महिला, सुरिंदर कौर, के नाम से जारी प्रमाण पत्र से मेल खाता है, जिससे इसके फर्जी होने की आशंका जताई गई। आरोपी लखवीर सिंह का बेटा भी पुलिस में था शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि लखवीर सिंह का बेटा मनप्रीत सिंह भी पंजाब पुलिस का कर्मचारी था, लेकिन साल 2023 में वह बिना विभाग को बताए अवैध तरीके से विदेश चला गया, जिसके बाद विभाग ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं। अब यह परिवार इस धोखाधड़ी के पैसे के दम पर लवप्रीत कौर को भी विदेश भेजने की तैयारी में है। लोन आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ पुलिस जांच में सामने आया कि लवप्रीत कौर ने विदेश (यूके) में पढ़ाई के लिए वीजा और लोन प्रक्रिया शुरू की थी। उसने अपने दस्तावेज पहले एक इमीग्रेशन एजेंसी को दिए, बाद में लोन प्रक्रिया के लिए अन्य एजेंटों के माध्यम से दस्तावेज आगे भेजे गए। कथित फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी उसी प्रक्रिया में जमा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि लोन आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ। लखवीर सिंह जांच में नहीं हुआ शामिल लखवीर सिंह को जांच में शामिल होने के लिए कहा गया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। लवप्रीत कौर ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कुछ एजेंटों ने उसके दस्तावेजों और फोटो का इस्तेमाल कर उसकी जानकारी के बिना लोन आवेदन किया और मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार किया, हालांकि इसके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। पिता को दिखाया मृत जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि लवप्रीत कौर ने अपने पिता लखवीर सिंह को मृत दिखाकर AUXILO बैंक से शिक्षा ऋण के लिए आवेदन किया। इस आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(2), 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच की जा रही हे इनके साथ और भी कोई शामिल हे तो उनके ऊपर भी कानूनी कार्रवाई किया जाएगा ।