यमुनानगर में ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 6.65 लाख ठगे:चंडीगढ़ की इमीग्रेशन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज, रकम वापिस मागने पर दी धमकी

यमुनानगर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां चंडीगढ़ स्थित एक इमीग्रेशन कंपनी ने सुनहरे सपने दिखाकर एक युवक से लाखों रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि आरोपियों ने ऑस्ट्रेलिया भेजने और वहां नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 6.65 लाख रुपये वसूल लिए, लेकिन न तो वीजा लगवाया और न ही पैसे वापस किए। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जगाधरी सिटी थाना पुलिस ने अब विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर किया संपर्क शिकायतकर्ता अशोक कुमार निवासी कल्याण नगर, जगाधरी ने पुलिस को बताया कि बेहतर रोज़गार के लिए विदेश जाना चाहता था। इसी दौरान उसने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें ई.वी.एस. ग्रुप इमीग्रेशन, सेक्टर-22 चंडीगढ़ द्वारा कम खर्च में विदेश भेजने का दावा किया गया था। विज्ञापन पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि वे लोगों को विदेश भेजने और वहां नौकरी दिलाने का काम करते हैं, यहां तक कि कम पढ़े-लिखे लोगों को भी अच्छी कमाई के अवसर दिला चुके हैं। उनकी बातों में आकर शिकायतकर्ता 23 अप्रैल 2025 को उनके कार्यालय पहुंचा, जहां माहौल देखकर उसे विश्वास हो गया। कुल 12 लाख रुपए बताया खर्च आरोपियों ने उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने का लालच दिया और कुल 12 लाख रुपये खर्च बताया, लेकिन शुरुआत में 6-7 लाख रुपये लेकर बाकी रकम बाद में लेने की बात कही। उसी दिन शिकायतकर्ता ने 5,000 रुपये नकद दिए और अपने पासपोर्ट, आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी सौंप दिए। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग समय पर उससे पैसे ऐंठने शुरू कर दिए। मई 2025 में 40 हजार रुपये ऑनलाइन लिए गए और 7 जून 2025 को 1 लाख 70 हजार रुपये चेक के माध्यम से लिए गए। इसके बाद जुलाई 2025 के अंत में आरोपियों ने 4 से 5 लाख रुपये की मांग की, जिस पर शिकायतकर्ता ने बड़ी मुश्किल से 4 लाख 50 हजार रुपये इकट्ठे कर नकद दे दिए। फोन उठाने किए बंद, धमकी थी दी आरोपियों ने बार-बार भरोसा दिलाया कि अक्टूबर 2025 तक वीजा और अन्य दस्तावेज तैयार हो जाएंगे और उसे अन्य लड़कों के साथ विदेश भेज दिया जाएगा। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई। जब शिकायतकर्ता ने संपर्क किया तो पहले उसे बहाने बनाए गए और बाद में बताया गया कि उसकी फाइल ऑस्ट्रेलिया सरकार ने रद्द कर दी है और पैसे वापस कर दिए जाएंगे। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने पैसे लौटाने का वादा करने के बावजूद रकम वापस नहीं की और धीरे-धीरे उसके फोन उठाने भी बंद कर दिए। जब वह उनके कार्यालय गया तो उसे टालमटोल किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों और उनके साथियों ने आपसी साजिश के तहत उसे धोखे में रखकर कुल 6 लाख 65 हजार रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं, जब उसने पैसे वापस मांगने या शिकायत करने की कोशिश की तो उसे जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। उसने पहले भी दिसंबर 2025 में शिकायत दी थी, जिस पर पुलिस ने आरोपियों को बुलाया था, जहां उन्होंने अपनी देनदारी स्वीकार करते हुए कुछ समय मांगा, लेकिन बाद में मुकर गए और धमकाने लगे।

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