यमुनानगर जिले में सात फरवरी की रात निजी अस्पताल और सिटी मॉल में हुई सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार तीन आरोपी फिलहाल तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आज उन्हें निशानदेही के लिए विरयाम अस्पताल और सिटी मॉल लेकर पहुंची, जहां उन्होंने वारदात को अंजाम देने की पूरी कहानी दोहराई। मुठभेड़ में टांगों में गोली लगने के कारण एक आरोपी को वॉकर पर लाया गया, जबकि दो अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों के कंधे का सहारा लेकर घटनास्थल तक पहुंचे। मौके पर तीनों ने बताया कि किस तरह उन्होंने सात फरवरी की देर रात अस्पताल के अंदर घुसकर और उसके बाद सिटी मॉल के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। आरोपी बोला- उसका पूरा परिवार दुखी निशानदेही के दौरान आरोपियों ने अपने किए पर पछतावा भी जताया और माना कि वे पैसों के लालच में अपराध की दुनिया में कदम रख बैठे। पंजाब के मुख्य आरोपी गुरलाल ने कहा कि गैंग के लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि यदि वे कहीं फंस भी गए तो उन्हें बचा लिया जाएगा, लेकिन गिरफ्तारी के बाद उन्हें समझ आया कि अपराधी गिरोह किसी भी तरह की मदद नहीं करता। उसने बताया कि लालच में आकर उसने पहली बार कोई अपराध किया और अब उसे अपने किए पर गहरा अफसोस है। गुरलाल ने कहा कि इस घटना से न केवल वह स्वयं, बल्कि उसका पूरा परिवार भी दुखी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीनों आरोपियों ने वारदात की योजना, हथियारों की व्यवस्था और भागने के रास्तों तक की जानकारी दी है, जिसे जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अस्पताल व सिटी मॉल पर फायरिंग घटनाक्रम की शुरुआत 7 फरवरी की देर रात हुई, जब बाइक सवार तीन हमलावर पंजाब के समाना कस्बा के गुरु तेग बहादुरनगर के गुलाल, करनाल के तरावड़ी के सागर व नितिन ने रेलवे रोड स्थित एक निजी अस्पताल में घुसे और रिसेप्शन एरिया के पास करीब 13-14 राउंड गोलियां चलाईं। इसके कुछ देर बाद सिटी मॉल के बाहर भी फायरिंग कर गैंगस्टरों के नाम की पर्ची फेंक दी गई, जिससे शहर में दहशत फैल गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस-बदमाशाें में 25-30 राउंड फायरिंग अगली सुबह 8 फरवरी को गांव सुड़ैल के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से करीब 25-30 राउंड फायरिंग चली, जिसमें दो आरोपियों के पैर में गोली लगी जबकि तीसरा बाइक से गिरकर घायल हो गया। पुलिस ने तीनों को मौके पर ही काबू कर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। मुठभेड़ के दौरान सीआईए-2 इंचार्ज राकेश को दो और सीआईए-1 इंचार्ज राजकुमार को एक गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट होने से उनकी जान बच गई। सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए जांच में सामने आया कि पूरी वारदात रंगदारी वसूली के उद्देश्य से विदेश में बैठे गैंगस्टर नोनी राणा के इशारे पर की गई थी। मुख्य आरोपी पंजाब के समाना निवासी गुरलाल सोशल मीडिया के जरिए गैंगस्टर के संपर्क में आया था। विदेश भेजने के झांसे और पैसों के लालच में उसने करनाल के तरावड़ी निवासी नितिन और सागर को साथ जोड़ा। तीनों को हथियार उपलब्ध कराए गए और वारदात के बदले 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल और चार मोबाइल फोन बरामद किए तथा मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया कनेक्शन और आर्थिक लेन-देन की जांच शुरू की। मामले में कुरुक्षेत्र जेल में बंद नैना उर्फ हिम्मत सिंह को भी प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया, जिस पर हथियार उपलब्ध कराने में भूमिका होने का शक था। हरियाणवी सिंगर हर्ष बुबका गिरफ्तार जांच आगे बढ़ी तो हरियाणवी सिंगर विवेक उर्फ हर्ष बुबका की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने उसे मोहाली स्थित फ्लैट से दो अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि विवेक ने बदमाशों को हथियार, पैसे और पनाह उपलब्ध कराई तथा गैंग नेटवर्क से संपर्क बनाए रखा। गिरफ्तार अन्य आरोपियों में करनाल निवासी अमरिंद्र और पंजाब निवासी शाहवीर भी शामिल हैं, जिन पर अन्य मामलों में वांटेड अपराधी। कोर्ट ने इन्हें भी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज है। सिटी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह के बताया कि आज वीरवार को निशानदेही पर लाए गए तीनों आरोपियों ने 7 फरवरी की रात फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था और अगले दिन मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए। फिलहाल पुलिस रिमांड के दौरान पूरे गैंग नेटवर्क, हथियार सप्लाई चैन, विदेश बैठे सरगना से संपर्क और संभावित अन्य सहयोगियों की गहन जांच जारी है।