बरेली रेलवे जंक्शन पर जीआरपी जवान ने हार्ड अटैक आने के बाद यात्री की जान बचाई। यात्री जंक्शन पर खड़ा था, तभी उसकी तबीयत बिगड़ी। उसके सीने में तेज दर्द उठा और वह जमीन पर गिर गया। तभी परिवारवाले मदद के लिए चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही प्लेटफॉर्म पर तैनात जीआरपी सिपाही उनके पास आया। सिपाही ने 3 बार 30-30 सेकंड का सीपीआर दिया। 90 सेकंड में यात्री की सांसे लौट आईं। ये देखकर यात्री के परिजनों की आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना 21 फरवरी की है, वीडियो 25 फरवरी को सामने आया है। 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला… बिहार से बरेली पहुंचे थे दिनेश
बिहार के गया जिले के रहने वाले दिनेश मोनिया (50) धनबाद में रहकर ऑटो चालक हैं। उनके परिवार में पत्नी लक्ष्मी, बेटा विशाल (16) और बेटी गुड़िया (19) है। 21 फरवरी को वह अपनी पांच बहनों, 3 भाभी समेत 25 लोग बरेली पहुंचे। हावड़ा-दिल्ली अमृत भारत ट्रेन से वह जैसे ही प्लेटफार्म नंबर 2 पर उतरे, वैसे ही उनके सीने में तेज दर्द उठा। वह अचानक प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। उनके परिवार के सदस्य घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात जीआरपी सिपाही हरीओम तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्री की नब्ज और सांसों की जांच की, जो लगभग थम चुकी थीं। हरीओम ने तत्काल कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना शुरू कर दिया। डॉक्टर बोले- हार्ट अटैक में 3 से 5 मिनट बेहद अहम
कुछ ही सेकंड बाद यात्री के शरीर में हलचल दिखी। 90 सेकंड बाद उनकी सांस वापस आ गई। यह देखकर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद परिजन दिनेश को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि अगर सही समय पर सीपीआर नहीं मिलता, तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी। विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती 3-5 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। पत्नी लक्ष्मी ने बताया कि हम लोगों को बरेली के आंवला में मनौना धाम जाना था। मगर पति की तबीयत बिगड़ गई। हार्ट अटैक के बाद उन्हें बरेली जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिर हम लोग दर्शन करने गए। इसके बाद अगले दिन हम लोग वापस घर लौट आए। अब धनबाद के प्राइवेट हॉस्पिटल में मेरे पति का इलाज चल रहा है। GRP सिपाही ने बताया कि प्लेटफार्म पर गश्त कर रहा था जीआरपी सिपाही हरिओम ने बताया- मैं जंक्शन पर गश्त कर रहा था। तभी सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर कोई यात्री बेहोश हो गया है। मैं दौड़कर मौके पर पहुंचा। मैंने सबसे पहले उसकी पल्स देखी। फिर उसे सीपीआर दिया। जब उसकी सांसे लौटी तो मैंने कहा कि रुकिए, मैं एंबुलेंस बुलाता हूं। मगर यात्री को उसके घर वाले ऑटो से जिला अस्पताल लेकर गए। मैं मेडिकल साइंस का स्टूडेंट रह चुका हूं। मैंने पुलिस विभाग के कर्मयोगी एप पर CPR देने की ट्रेनिंग ली थी। इसलिए मैं सही से यात्री को सीपीआर दे सका। CMO बोले- दिनेश को हार्ट अटैक के लक्षण थे
वहीं CMO डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि दिनेश नाम का मरीज जिला अस्पताल आया था। जांच करने पर पता चला कि उसे हार्ट अटैक के लक्षण थे। समय रहते सीपीआर मिलने से उसकी जान बच गई। प्राथमिक इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया। —————————— ये भी पढ़ें: अंडरवियर लाने की ड्यूटी लगाने वाले BSNL के GM-DGM नपे:संगम स्नान के लिए शाही प्रोटोकॉल बनाया था; सिंधिया बोले- ये शॉकिंग यूपी में सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजल के प्राइवेट दौरे के लिए शाही इंतजाम करने का मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। दो बड़े अफसरों पर कार्रवाई हुई है। प्रयागराज बिजनेस एरिया के प्रिंसिपल जनरल मैनेजर (GM) बृजेंद्र कुमार सिंह और DGM जागेश्वर वर्मा का ट्रांसफर कर दिया गया है। (पढ़ें पूरी खबर)