यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रश्नपत्र वायरल होने की भ्रामक खबरें फैलाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस तरह की खबरें प्रसारित करने वाले चार यूट्यूब चैनलों के खिलाफ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की छवि हो रही धूमिल बोर्ड सचिव द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कुछ यूट्यूब चैनल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के प्रश्नपत्र वायरल होने जैसे भ्रामक शीर्षकों के साथ वीडियो प्रसारित कर रहे हैं। इससे परीक्षार्थियों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और परिषद की छवि धूमिल हो रही है। सिविल लाइंस पुलिस ने शुरू की कार्रवाई सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय यादव ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। संबंधित धाराओं में केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की ली जा रही मदद थाना प्रभारी के अनुसार, यूट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। संबंधित चैनलों की गतिविधियों, वीडियो अपलोड की टाइमिंग और स्रोत की तकनीकी पड़ताल की जा रही है। 18 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं परीक्षाएं हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी हैं। परीक्षा शुरू होने के बाद से ही इस तरह की अफवाहें फैलने लगी थीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का संचालन निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराया जा रहा है। छात्रों से अपील भी की गई परिषद और पुलिस प्रशासन ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट या संदिग्ध सूचना पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।