कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से उत्तर प्रदेश में होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित है। यूपी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के चेयरमैन आरके सेठी का दावा है कि प्रदेश में करीब 80% होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। कानपुर में करीब 60% कारोबार ठप पड़ गया है। शनिवार देर शाम कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई दोबारा शुरू करने का आदेश आया। हालांकि अभी ये कहना मुश्किल है कि हालात कब तक सामान्य होंगे। यूपी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के चेयरमैन आरके सेठी का कहना है कि कॉमर्शियल गैस न मिलने के कारण होटल इंडस्ट्री लगभग ठहर गई है। कई जगह लकड़ी और कोयले से खाना बनाने की कोशिश की जा रही है। यूपी में लगभग 14 हजार होटल और 20 हजार रेस्टोरेंट हैं। गैस सिलेंडर न मिलने से इनमें से ज्यादातर का कामकाज प्रभावित हो गया है। कानपुर में सेठी ग्रुप के 8 होटल हैं, जिनमें से 7 पिछले चार दिनों से बंद पड़े हैं। हालात ऐसे हैं कि जो गेस्ट होटल में ठहरे हैं, उन्हें चाय तक नहीं पिला पा रहे हैं। रोजाना लाखों का नुकसान
सेठी ने बताया कि उनके 8 होटलों में ही हर दिन करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि कानपुर में करीब 200 होटल और 250 बैंक्वेट हॉल हैं। गैस संकट के कारण पहले से बुक कार्यक्रमों में भी बदलाव करना पड़ रहा है। मेन्यू तक बदलने की नौबत आ गई है। मन मुताबिक खाना भी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे होटल मालिकों को नुकसान हो रहा है। शादी में इमरती-जलेबी की जगह लड्डू से चला काम
यूपी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के चेयरमैन ने बताया कि गैस न मिलने का असर समारोहों पर भी पड़ा है। शुक्रवार को एक होटल में 700 लोगों की शादी की दावत थी। मेन्यू में इमरती और जलेबी शामिल थी, लेकिन गैस न होने के कारण मिठाई नहीं बन सकी। आखिर में बूंदी के लड्डू मंगवाकर कार्यक्रम पूरा कराया गया। इसी तरह एक इफ्तार पार्टी में बालूशाही देने की तैयारी थी, लेकिन वह भी नहीं बन सकी। बाद में लड्डू परोसकर इफ्तार कराया गया, जिस पर आयोजक ने कहा कि पहली बार इफ्तार में लड्डू खिलाए गए। होटल कारोबारियों का कहना है कि बाजार में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ब्लैक में 5 हजार रुपए तक में बिकने की जानकारी मिल रही है। कर्मचारियों का खाना बंद, लेकिन सैलरी देंगे
आरके सेठी ने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो कर्मचारियों को मिलने वाला दो वक्त का खाना भी देना बंद करना पड़ सकता है। हालांकि होटल बंद रहने के बावजूद कर्मचारियों को पूरी सैलरी दी जाएगी। उन्होंने सरकार से अपील की है कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति जल्द शुरू कराई जाए, ताकि होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री दोबारा पटरी पर लौट सके। कानपुर का फेमस पंडित रेस्टोरेंट बंद
कानपुर में लगभग 350 से 400 होटल और करीब 700 रेस्टोरेंट हैं। इनके भी हालात ऐसे ही हैं। शहर के प्रतिष्ठित पंडित रेस्टोरेंट में लंच और डिनर बंद कर दिया गया है। पिछले चार दिनों से रेस्टोरेंट बंद है। इसके अलावा कानपुर के कई बड़े रेस्टोरेंट भी गैस न मिल पाने के कारण बंद हैं। पंडित रेस्टोरेंट के संचालक प्रणव पांडेय ने बताया कि उनके दो रेस्टोरेंट हैं, लेकिन गैस नहीं मिल पाने की वजह से उन्हें बंद करना पड़ा है। खाने का पूरा सेगमेंट फिलहाल बंद कर दिया गया है। वे लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, क्योंकि पर्यावरण का भी ध्यान रखना जरूरी है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… सिलेंडर के लिए बुजुर्ग फूट-फूटकर रोए, VIDEO:बोले- दिल का मरीज, 3 दिन से चक्कर काट रहा यूपी में रसोई गैस सिलेंडर का संकट बढ़ता जा रहा है। कानपुर, गोरखपुर और कुशीनगर समेत कई जिलों में एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं। सिद्धार्थनगर में लोग रात से ही सिलेंडर के लिए गैस एजेंसी के बाहर बैठ गए। कानपुर में गैस एजेंसी के बाहर जमकर हंगामा हुआ। यहां सिलेंडर के लिए लाइन में लगी एक युवती ने एजेंसी कर्मचारी पर मारपीट का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर