यूपी में भाजपा के 11 जिलाध्यक्षों का ऐलान कर दिया गया है। गुरुवार देर शाम प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जिलाध्यक्षों की सूची जारी की है। सबसे ज्यादा पश्चिम क्षेत्र में 4 जिलाध्यक्ष घोषित किए गए। ब्रज में 2, अवध में 3 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। सूची में सामाजिक संतुलन पर फोकस किया गया है। तीन ब्राह्मण, एक ठाकुर, एक ब्राह्मण, एक वैश्य है। वहीं तीन पिछड़े और दलित वर्ग से दो जिलाध्यक्ष हैं। जानकार मानते है कि ब्राह्मणों की नाराजगी के मद्देनजर पार्टी ने सबसे ज्यादा ब्राह्मणों को मौका दिया है। पूरे यूपी को भाजपा ने 98 संगठनात्मक जिलों में विभाजित कर रखा है। 98 में से 95 जिलों में जिलाध्यक्ष घोषित हो गए हैं। इनमें सामान्य वर्ग के 51 जिलाध्यक्ष हैं। सामान्य वर्ग में सबसे अधिक 24 ब्राह्मण, 14 ठाकुर, 5 कायस्थ, 6 वैश्य हैं। जबकि ओबीसी से 35 और अनुसूचित जाति के 9 जिलाध्यक्ष हैं। पंकज चौधरी ने सीएम योगी के गोरखपुर क्षेत्र में सिद्धार्थनगर का जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य को बनाया है। अयोध्या में राधेश्याम त्यागी को जिम्मेदारी दी गई है। तीसरी सूची में एक भी महिला नहीं
जिलाध्यक्ष की तीसरी सूची में एक भी महिला नहीं है। जबकि 16 मार्च 2025 को जारी सूची में पांच महिलाएं थीं और 26 नवंबर 2025 को जारी दूसरी सूची में 3 महिला कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष बनाया गया था। इस प्रकार अब तक घोषित 95 जिलाध्यक्ष में से केवल आठ महिला जिलाध्यक्ष हैं। काशी, देवरिया-चंदौली में अभी भी पेंच फंसा
देवरिया, चंदौली और बनारस जिला में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति में अभी भी पेंच फंसा हुआ है। चंदौली भाजपा के संगठन चुनाव प्रभारी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय का जिला है, जबकि बनारस में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति का निर्णय पीएम नरेंद्र मोदी के स्तर से होना है। देवरिया में सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, विधायक शलभ मणि त्रिपाठी सहित अन्य विधायकों के बीच सहमति नहीं बनने के कारण नियुक्ति अटकी हुई है। जनवरी के पहले हफ्ते से ही जिलों में चुनाव प्रक्रिया जारी थी। लेकिन विरोध और नेताओं के दबाव के चलते प्रदेश चुनाव प्रभारी महेंद्रनाथ पांडेय, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह सभी जिलों में एक साथ जिलाध्यक्ष घोषित कराने में सफल नहीं हो सके। भाजपा में लंबे समय बाद ऐसा देखने को मिला है, जब प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए एकमत नहीं हो सका। पूरी लिस्ट देखिए… अब जिलाध्यक्षों के बारें में जानिए… गोकुल प्रसाद मौर्य: पीलीभीत में बीते नगर पालिका चुनाव में गोकुल प्रसाद मौर्य ने अध्यक्ष पद के लिए टिकट की दावेदारी की थी। वर्तमान में सभासद हैं। जिला उपाध्यक्ष पद भी रह चुके हैं। केशव मौर्य के करीबी माने जाते हैं। उनकी नियुक्ति को जिले में पिछड़ा वर्ग (OBC) समीकरण साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। उदय गिरि गोस्वामी: अमरोहा में करीब 45 साल से संघ और भाजपा संगठन से जुड़े हैं। 1989 में भाजपा के जिला महामंत्री बने। विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने संगठन का साथ नहीं छोड़ा। साथ ही वह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह के साथ पश्चिमी क्षेत्रीय कमेटी के दो बार सदस्य रहे। दीपक मौर्य: सिद्धार्थनगर के जिला उपाध्यक्ष रहे हैं। अब उन्हें जिला अध्यक्ष बनाया गया है। इकबाल बहादुर तिवारी: गोंडा में बेलसर विकासखंड के परसदा गांव के रहने वाले हैं। तीसरी बार भाजपा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे 2007 से 2009 तक और 2013 से 2015 तक जिलाध्यक्ष रहे हैं। वह बेलसर ब्लॉक से पूर्व में भाजपा के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं। 2023 के निकाय चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। उन पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करने का आरोप था। हालांकि, चुनाव संपन्न होने के बाद उनका निष्कासन वापस ले लिया गया। नीरज शर्मा: बागपत में ब्राह्मण वर्ग के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। जिले में उनकी अच्छी पकड़ है। पूर्व में भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने 2007 और 2012 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और खेलकूद प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जैसे पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। लाल बिहादुर सरोज: मिर्जापुर में कोन विकास खंड के लाल बहादुर सरोज को नया जिलाध्यक्ष घोषित किया है। करीब आठ साल पहले भाजपा से जुड़े थे। जिला कमेटी में मंत्री पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वे एक जूनियर हाई स्कूल के प्रबंधक भी हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। बताया जाता है कि बसपा से मोहभंग होने के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। वे निवर्तमान जिलाध्यक्ष बृज भूषण सिंह की टीम में भी शामिल रहे हैं। अब समझिए भाजपा का संगठनात्मक ढांचा… प्रदेश अध्यक्ष ने एक दिन पहले 200 मंडल अध्यक्षों का ऐलान किया पंकज चौधरी ने मंगलवार देर रात 200 मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों के नामों की सूची जारी की थी। लखनऊ में बुधवार को बीजेपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी से मिलने पहुंचे। इस दौरान पंकज चौधरी ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि “चुनाव आने वाला है और सभी को काम मिलेगा, हर किसी के लिए काम है।” एक कार्यकर्ता ने उन्हें भगवा गमछा पहनाकर अभिनंदन किया। इस पर उन्होंने कहा, “इसमें पैसा क्यों खर्च किया? डेढ़-दो सौ रुपए जो खर्च किए, वह तुम्हारे काम आते।” वहीं, एक अन्य कार्यकर्ता ने उन्हें बुलडोजर की रेप्लिका (प्रतीक) भेंट की। जिसे देखकर पंकज चौधरी मुस्कुरा उठे और बोले, “पूरा बुलडोजर ही उठा लाए हो।” पंकज चौधरी से मिलने बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंची थीं। दरअसल, भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की कवायद शुरू हो चुकी है। शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष अपनी नई टीम बनाने में जुट गए हैं। नई टीम में जगह पाने के लिए प्रदेशभर से नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। अपना दावा मजबूत करने के लिए अधिकतर कार्यकर्ता बायोडेटा भी सौंप रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…