योगी बोले- नई ऊंचाई पाना है तो अध्यात्म अपनाएं:गाजियाबाद में पार्श्वनाथ गुफा मंदिर का उद्घाटन किया; कुशीनगर के फाजिलनगर का नाम बदलेंगे

CM योगी ने गुरुवार को गाजियाबाद के मुरादनगर में भगवान पार्श्वनाथ के भव्य गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा- आज यहां मैं जब आया तो आचार्य प्रसन्नसागर जी महाराज और उपाध्याय मुनिश्री सागर महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिनों की कठोर साधना, 496 दिनों के निर्जल उपवास, तप, अनुशासन का अद्भुत उदाहरण देखा। योगी ने कहा- जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई प्रेरणा दी। हमें ध्यान रखना होगा कि अगर मानव सभ्यता को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो भारत के अध्यात्म की शरण में जाना पड़ेगा। हम सब को इस बारे में गौरव की अनुभूति होनी चाहिए कि हम भारत के ऋषि-मुनियों के मार्ग पर चलें तो विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। योगी ने कहा- अभी पिछले दिनों श्रावस्ती गए, वहां भगवान संभवनाथ का जन्म जैन तीर्थंकर के रूप में हुआ। भगवान महावीर का जन्म वैशाली में हुआ, लेकिन महापरिनिर्वाण उन्होंने यूपी के कुशीनगर के पावागढ़ (फाजिलनगर) में लिया। आज हमें बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमारी सरकार ने उस महापरिनिर्वाण स्थली फाजिलनगर का नाम पावानगरी करने जा रही है। 100 दिनों में बनकर तैयार हुआ मंदिर यह गुफा मंदिर मात्र 100 दिनों में बनकर तैयार हुआ है। मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। इसे जमीन के नीचे लगभग 20 फीट की गहराई में बनाया गया है। गुफा में प्रवेश और निकास के लिए दो अलग-अलग रास्ते तैयार किए गए हैं। मुख्य द्वार से श्रद्धालु अंदर प्रवेश कर मंदिर में दर्शन कर सकेंगे, जबकि दर्शन के बाद दूसरी ओर बने मार्ग से बाहर निकलने की व्यवस्था की गई है। गुफा का ऊपरी और बाहरी ढांचा छोटी–छोटी पहाड़ियों के आकार में निर्मित है, जिसे चारों तरफ से इस प्रकार से संरक्षित किया गया है कि बारिश या पानी की बौछारें मंदिर परिसर तक न पहुंच सकें। आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य तथा मुनि श्री पीयूष सागर जी महाराज के निर्देशन में यहां 26 से 30 नवंबर 2025 तक भगवान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी महोत्सव की विशेष आध्यात्मिक उपलब्धि के रूप में 100 दिनों में निर्मित इस भव्य “गुफा मंदिर” का लोकार्पण संपन्न हुआ। मंदिर की तीन तस्वीरें देखिए…. 100 दिनों में हुआ मंदिर का निर्माण भव्य गुफा मंदिर केवल श्रद्धालुओं का केंद्र नहीं, बल्कि समाज उत्थान और आध्यात्मिक जागरण का केंद्र बन चुका है। इस महोत्सव में आचार्य प्रसून सागर जी और मुनि पीयूष सागर जी के निर्देशन में भगवान महोत्सव का आयोजन 26 से 30 नवंबर तक चल रहा है। 100 दिनों में बना यह भव्य मंदिर आध्यात्मिक समर्पण और मेहनत का प्रतीक बन गया है। इस समारोह से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…

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