योगी रखेंगे सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव:PM मोदी वर्चुअल जुड़ेंगे, 4 हजार को मिलेगा रोजगार; 3700 करोड़ निवेश होंगे

ग्रेटरनोएडा के यमुना सिटी में CM योगी आदित्यनाथ पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखेंगे। PM नरेंद्र मोदी इस आयोजन में वर्चुअल जुड़ेंगे। इस यूनिट से 4 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। साथ ही, भारत की सेमीकंडक्टर एरिया में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएगी। ये कंपनी HCL और फॉक्सकॉन का जाइंट वेन्चर है। कंपनी को सेक्टर-28 में 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी यमुना सिटी में 3706.15 करोड़ का निवेश करेगी।
यूनिट की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित कर सकते हैं। समारोह को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बदले हालात
वाहन, कंप्यूटर, लैपटॉप, सेलफोन आदि में सेमीकंडेक्टर सबसे अहम पार्ट है। इस निर्भरता को खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर का उत्पादन होगा। सेमीकंडक्टर एक सिलिकॉन चिप होती है। इनका इस्तेमाल कंप्यूटर, सेलफोन, गैजेट, वाहनों, माइक्रोवेव ओवन आदि में होता है। ये किसी उत्पाद को नियंत्रित करने के साथ मेमोरी फंक्शन को ऑपरेट करती है। कंप्यूटर, सेलफोन, गैजेट्स, वाहनों की मांग बढ़ने पर सेमीकंडक्टर की मांग भी बढ़ जाती है। रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते सेमीकंडक्टर मांग के अनुरूप नहीं मिल पा रहे हैं। देश में कार की वेटिंग बढ़ने का एक कारण यह भी बताया जाता है। कंपनियां आने से देश में सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरा बढ़ेगी। कंपनी 2,40,000 यूनिट स्माल पैनल ड्राइवर आईसी, डिस्प्ले इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण करेगी। इसके लिए रोजाना 19 हजार केवीए बिजली की जरूरत पड़ेगी। 2000 एमएलडी पानी प्रतिदिन लगेगा। सेमीकंडक्टर पार्क में 5 कंपनियां आ चुकी
सेमीकंडक्टर के लिए अबतक कुल पांच कंपनियां आवेदन कर चुकी हैं । सेक्टर-28 में पहली इकाई को जमीन भी मिल चुकी है। इसके अलावा टार्क कंपनी ने 125 एकड़ और भारत सेमी सिस्टम, कीन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड 50-50 एकड़, एडिटेक सेमीकंडक्टर को 100 एकड़ में अपनी यूनिट स्थापित करने का निवेश प्रस्ताव रखा है। इन इकाइयों को सेक्टर-10 में जगह दी जाएगी।
पहले समझते हैं, पूरी स्कीम क्या है? स्कीम के तहत सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब्रिकेशन यूनिट कंपनियों को 50% तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही लंबे समय की रणनीति तैयार करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन भी तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य डिस्प्ले के लिए 1 से 2 फैब यूनिट स्थापित करने का है। डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पोनेंट्स के लिए 10-10 यूनिट लगाने का प्लान है। अगले 2-4 साल में 2 डिस्प्ले फैब्रिकेशन फैक्ट्री और 2 सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की स्थापना की जाएगी। सरकार की इन पर करीब 30 से 50 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है।
आखिर ये सेमीकंडक्टर चिप होती क्या है? सेमीकंडक्टर को आप इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का दिमाग समझिए। कंप्यूटर, लैपटॉप, कार, वॉशिंग मशीन, ATM, अस्पतालों की मशीन से लेकर हाथ में मौजूद स्मार्टफोन तक सेमीकंडक्टर चिप पर ही काम करते हैं। ये चिप एक दिमाग की तरह इन गैजेट्स को ऑपरेट करने में मदद करती है। इनके बिना हर एक इलेक्ट्रॉनिक आइटम अधूरा है। सेमीकंडक्टर चिप्स सिलिकॉन से बने होते हैं और सर्किट में इलेक्ट्रिसिटी कंट्रोल करने के काम आते हैं। ये चिप इलेक्ट्रॉनिक आइटम को ऑटोमैटिकली ऑपरेट करने में मदद करती है। उदाहरण के लिए, स्मार्ट वॉशिंग मशीन में कपड़े पूरी तरह धुलने के बाद ऑटोमैटिक मशीन बंद हो जाती है। इसी तरह कार में जब आप सीट बेल्ट लगाना भूल जाते हैं, तो कार आपको अलर्ट देती है। ये सेमीकंडक्टर की मदद से ही होता है। CM योगी का मिनट टू मिनट कार्यक्रम

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