योगी सिंगापुर-जापान की यात्रा में क्या पहनेंगे?:सैंडल की जगह शूज पहन सकते; टोक्यो के हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी को सिंगापुर जाएंगे। इसके बाद उनका जापान दौरा भी प्रस्तावित है। योगी पहली बार सिंगापुर-जापान में होंगे। एजेंडा यूपी में निवेश लाने का है, लेकिन इससे अधिक चर्चा उनके पारंपरिक भगवा पहनावे को लेकर हो रही है। मुख्यमंत्री इस बार भी अपने पारंपरिक भगवा कुर्ता-चोला में ही विदेश यात्रा पर जाएंगे। आमतौर पर देश में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक योगी आदित्यनाथ अपने इसी पहनावे में नजर आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उनकी व्यक्तिगत और वैचारिक पहचान का हिस्सा बन चुका है।
जापान में करेंगे हनुमान मंदिर के दर्शन
दैनिक भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार, जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री एक हनुमान मंदिर में भी दर्शन करेंगे। यह मंदिर राजधानी टोक्यो से करीब 40–50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है। इस यात्रा को सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। सैंडल की जगह जूते पहन सकते हैं
सीएम के फुटवियर को लेकर भी चर्चा है। आमतौर पर सर्दी हो या गर्मी, योगी आदित्यनाथ सैंडल पहनते हैं। लेकिन इस विदेश दौरे में वे औपचारिक जूते (शूज़) पहन सकते हैं। इसे अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल और मौसम दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। 600 किमी रफ्तार वाली मैग्लेव में सफर करेंगे सीएम योगी
जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है। मुख्यमंत्री अपने जापान प्रवास के दौरान इस हाईस्पीड ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे, जिसमें 50 किलोमीटर जाना और 50 किलोमीटर की वापसी होगी। जापान टोक्यो से नागोया के बीच मैग्लेव कॉरिडोर को वर्ष 2027 तक शुरू करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है, जिसके बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा। यूपी में पहले ही एक्सप्रेसवे, मेट्रो और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम जैसे परियोजनाओं के जरिए गतिशील इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। ऐसे में मैग्लेव जैसी भविष्य की तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव नीति निर्माण और दीर्घकालिक योजना के लिए उपयोगी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की प्रस्तावित यात्रा को भारत-जापान सहयोग के व्यापक परिप्रेक्ष्य में भी देखा जा रहा है। हाईस्पीड रेल, स्मार्ट मोबिलिटी और सतत परिवहन के क्षेत्र में सहयोग से उत्तर प्रदेश समेत देश के परिवहन नेटवर्क को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है। जापान की मैग्लेव ट्रेन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सफर न केवल तकनीकी प्रगति का अनुभव होगा बल्कि तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की भावी तस्वीर को भी करीब से देखने का अवसर प्रदान करेगा। 22 फरवरी को सिंगापुर रवाना होंगे
सीएम ऑफिस के अनुसार 22 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी सिंगापुर के लिए रवाना होंगे। सीएम का दौरा 23 व 24 फरवरी को सिंगापुर और 25 व 26 फरवरी को जापान में प्रस्तावित है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, औद्योगिक सहयोग बढ़ाना और उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करना बताया जा रहा है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने पारंपरिक परिधान में विदेश यात्रा की हो, लेकिन ऐसा कम ही देखने को मिलता है। समर्थकों के अनुसार यह भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रतीक है, वहीं विपक्ष इसे प्रतीकात्मक राजनीति से जोड़कर देख रहा है। सीएम बनने के बाद मॉरीशस-म्यांमार की विदेश यात्रा की थी
योगी आदित्यनाथ पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद विदेश दौरे पर अगस्त 2017 में गए थे। उनकी पहली विदेशी यात्रा म्यांमार की थी। यह दौरा 5 से 7 अगस्त 2017 के बीच हुआ। इस दौरान वे एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए थे। इसके बाद वे नेपाल, मॉरीशस, रूस के दौरे पर भी गए। योगी आदित्यनाथ मूलतः एक नाथ संप्रदाय के संन्यासी हैं और वर्षों से सार्वजनिक जीवन में भगवा वेशभूषा ही धारण करते आए हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने अपने इसी परिधान को बनाए रखा, चाहे वह देश के कार्यक्रम हों या विदेश यात्राएं। ————— ये खबर भी पढ़ें… शंकराचार्य विवाद- डिप्टी सीएम ने बटुकों की पूजा की:लखनऊ में घर बुलाया, तिलक लगाया; कहा था- चोटी खींचना महापाप यूपी में शंकराचार्य विवाद के बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ब्राह्मण बटुकों की पूजा की। उन्होंने गुरुवार सुबह लखनऊ आवास में 101 बटुकों को आमंत्रित किया। पत्नी नम्रता पाठक के साथ सभी बटुकों का तिलक लगाया। हाथ जोड़कर प्रणाम किया। फूल बरसाए। इस दौरान बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। पूजा के बाद डिप्टी सीएम ने X पर लिखा- बटुकों का सम्मान, हमारा सौभाग्य। पढ़ें पूरी खबर

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