कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘गद्दार दोस्त’ कहने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने नया दावा किया है। बिट्टू ने कहा कि जब मैंने हाथ नहीं मिलाया तो राहुल गांधी ने फिजिकल अटैक (पीटने) की कोशिश की। मेरी पगड़ी भी उतार देते। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उन्हें रोका। बिट्टू को गद्दार कहने के मुद्दे को भाजपा ने पूरी सिख कौम से जोड़ते हुए कहा कि यह देश-दुनिया में बसते सिखों का अपमान है। BJP के एग्रेसिव अटैक से कांग्रेस नेता सफाई दे रहे हैं। पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि बिट्टू ने ही राहुल गांधी को उकसाया। बिट्टू ने प्रदर्शन देखकर कहा- कारगिल का युद्ध जीतकर आए हो क्या? वड़िंग ने बिट्टू का पुराना वीडियो पोस्ट कर दिया, जिसमें बिट्टू राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि पगड़ी भी उन्होंने राहुल गांधी के कहने पर डाली है। वहीं ग्राउंड लेवल पर भी राहुल गांधी के बयान को लेकर नाराजगी है। वहीं इसे कांग्रेस के शासन में गोल्डन टेंपल में किए ऑपरेशन ब्लू स्टार से जोड़कर सिखों के पुराने जख्मों को भी हरा किया जा रहा है। कांग्रेस पंजाब में पहले ही गुटबाजी, दलितों की अनदेखी जैसे मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या कांग्रेस ने सेल्फ गोल कर दिया?। राहुल गांधी ने बिट्टू में तकरार कैसे हुई, गद्दार क्यों कहा, BJP क्या नैरेटिव सेट कर रही, कांग्रेस कैसे डिफेंड कर रही, ग्राउंड पर लोग क्या सोचते हैं, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… राहुल-बिट्टू में तकरार कैसे हुई, दोनों ने एक-दूसरे को क्या कहा
बुधवार (4 फरवरी) को कांग्रेस सांसद संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी की अगुआई में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री व लुधियाना के पूर्व सांसद रवनीत बिट्टू संसद भवन के भीतर जाने के लिए वहां से गुजरे। यह देख राहुल गांधी ने कहा- गद्दार बिल्कुल पास से गुजर रहा है। राहुल गांधी ने फिर कहा- उसका चेहरा देखो, कैसा दिख रहा है। राहुल गांधी बिट्टू की तरफ बढ़े और कहा– हेलो ब्रदर, मेरे गद्दार दोस्त। यह सुनकर बिट्टू ने राहुल गांधी की तरफ उंगली उठाई तो राहुल गांधी ने कहा- डोंट वरी, तुम वापस आओगे। इस पर रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी सांसदों ने सरेंडर-सरेंडर की नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख बिट्टू ने कहा कि तुम देश के दुश्मन हो। इसके बाद बिट्टू संसद की सीढ़ियां चढ़ने लगे तो फिर राहुल गांधी के साथ उनकी तीखी तकरार हुई। इसके बाद रवनीत बिट्टू संसद में चले गए। राहुल से तकरार के बाद बिट्टू की 3 अहम बातें… BJP ने पूरा मुद्दा सिखों से कैसे जोड़ा, पढ़िए 4 बयान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बोले– सिखों-उनकी देशभक्ति का अपमान
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा- कांग्रेस का इतिहास सिखों से नफरत भरा रहा है। आज राहुल गांधी के व्यवहार से वही मानसिकता फिर से नजर आई। बिट्टू के लिए गद्दार शब्द सिख विरोधी सोच का जीता-जागता उदाहरण है। कांग्रेस का ये व्यवहार दुनिया में बसते सिखों और उनकी देशभक्ति का अपमान है। भारत का सिख समाज कांग्रेस की इस नफरत भरी राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। मनजिंदर सिरसा ने कहा- सिख गद्दार नहीं हो सकता
BJP के सिख नेता व दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा- सिख सरदार है, वह कभी गद्दार नहीं हो सकता। अगर कोई गद्दार है, तो वो गांधी परिवार है। जिन्होंने श्री दरबार साहब के ऊपर तोप-टैंकों से हमला किया, श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और बेकसूर सिखों के गले में टायर डालकर जिंदा जलाया। ये सिखों की तौहीन है, यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 1980 के दशक का जहर आज भी कांग्रेस की मानसिकता में है। मंत्री हरदीप पुरी बोले- सिखों की 2% आबादी, फोर्स में 20% योगदान
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा- पहले जब कोई देश से बाहर जाता तो गद्दार कहा जाता था। देश में सिखों की आबादी 2 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन आर्म्ड फोर्स में सिखों का योगदान 20 प्रतिशत से अधिक है। नाराजगी जताने के कई तरीके होते हैं, लेकिन गद्दार कहना सही नहीं है। कांग्रेस ने राहुल गांधी को कैसे डिफेंड किया.. वड़िंग ने कहा- बिट्टू ने पार्टी से गद्दारी की
पंजाब कांग्रेस के प्रधान एवं लुधियाना से सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग ने कहा- बिट्टू को कांग्रेस ने बनाया। इनके दादा कांग्रेस के सीएम थे। वह आखिरी दम तक कांग्रेस में रहे, बीजेपी में नहीं गए। बिट्टू खुद कहते हैं कि राहुल गांधी ने उन्हें पगड़ी बांधना सिखाई है। गद्दार को गद्दार कह दिया तो इसमें क्या गुनाह है। पूर्व CM चन्नी ने कहा-जरूरत के वक्त छोड़ने वाला गद्दार
पंजाब के पूर्व CM चरणजीत चन्नी ने कहा- कांग्रेस और राहुल गांधी ने बिट्टू को सब कुछ दिया। जब पार्टी को चुनाव में सबसे ज्यादा जरूरत थी, वह छोड़कर चला गया। वह गद्दार नहीं है तो क्या है। राहुल गांधी ने जो कहा, बिल्कुल ठीक कहा। उसका किरदार यही है। उसने पार्टी को धोखा दिया और गद्दारी की। औजला बोले- RSS के इशारे पर सिखों को सर्टिफिकेट नहीं दे सकते
अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने कहा- पार्टी ने बिट्टू को सब कुछ दिया। वह तब पार्टी छोड़ गए, जब तानाशाह ताकत देश की और बढ़ रही थी और बिट्टू तानाशाह-BJP की गोद में जाकर बैठ गए। राहुल ने बिल्कुल ठीक कहा। पंजाब में किसी पंथक संगठन ने इसका विरोध नहीं किया। 4 लोग बैठकर RSS के इशारे पर वर्गीकरण की राजनीति करने वाले सिखों को सर्टिफिकेट नहीं दे सकते। इस मुद्दे का पंजाब में क्या असर होगा, 5 सवाल-जवाब में जानिए सवाल: राहुल गांधी के गद्दार कहने पर इतना बड़ा विवाद क्यों हो रहा?
जवाब: पंजाबियों का नेचर इमोशनल है। राजनीतिक विवाद अपनी जगह। लेकिन अगर सिख आइडेंटिटी यानी पगड़ीधारी पर कोई इस तरह की टिप्पणी होती है तो उसे अपमान के तौर लिया जाता है। 80 के दशक में गोल्डन टेंपल पर तत्कालीन PM इंदिरा गांधी की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार के ऑपरेशन ब्लू स्टार को सिख भूले नहीं हैं। ऐसे में गांधी परिवार के ही मेंबर की तरफ से कहा जाना सिख समुदाय को ज्यादा अपमानजनक महसूस हो सकता है। सवाल: राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर बिट्टू के संसदीय क्षेत्र रहे लुधियाना के लोग क्या सोचते हैं?
जवाब: जसविंदर सिंह कहते हैं- बिट्टू ने सारी जिंदगी कांग्रेस में बिताई, अब उन्हें पार्टी को गलत नहीं कहना चाहिए। रजत खुल्लर कहते हैं कि राहुल गांधी को इस तरह की भाषा इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए थी। सुधीर जोशी कहते हैं कि पूर्व CM बेअंत सिंह का परिवार सम्माननीय है। लेकिन बिट्टू ने कांग्रेस से गद्दारी की है। पुनीत कहते हैं कि बिट्टू संसद में पंजाब को रिप्रेजेंट करते हैं। उनको ऐसा नहीं कहना चाहिए। कुल मिलाकर इसको लेकर ग्राउंड पर मिक्स रिएक्शन है। सवाल: BJP बयान पर क्या नैरेटिव सेट कर रही और क्यों?
जवाब: BJP का सीधा मकसद बिट्टू को गद्दार कहने की बात को समूचे सिखों से जोड़ना है। भाजपा स्ट्रेटजी के साथ राहुल गांधी के बयान को सिख आइडेंटिटी से जोड़ रही है। इसी वजह से सिख चेहरों मनजिंदर सिरसा और हरदीप पुरी को तुरंत मीडिया में भेजा। भाजपा ये साबित करना चाहती है कि राहुल की टिप्पणी बिट्टू नहीं बल्कि सिख समुदाय का अपमान है। इसके साथ वह ऑपरेशन ब्लू स्टार के जख्मों को भी ताजा करना चाहते हैं। सवाल: क्या राहुल गांधी की वजह से कांग्रेस ने सेल्फ गोल कर दिया?
जवाब: फिलहाल पंजाब में धार्मिक स्तर पर राहुल गांधी के बिट्टू को गद्दार कहने को लेकर कोई विरोध नहीं है। राजनीतिक दलों में भी सिर्फ भाजपा ही अपने नेता के बचाव में कांग्रेस पर सवाल खड़े कर रही है। अभी AAP या अकाली दल ने कोई हार्ड रिएक्शन नहीं दिया है। ऐसे में यह बयान ग्राउंड पर ज्यादा इफैक्टिव नहीं लग रहा। सवाल: क्या इसका कोई असर पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा?
जवाब: ये मुश्किल है। चुनाव होने में अभी करीब एक साल पड़ा है। इतनी देर तक इसे नैरेटिव बनाए रखना मुश्किल है। फिर भी, कांग्रेस को लेकर सिख समुदाय में कुछ हद तक भरोसे की कमी जरूर हो सकती है, जो पहले ही गोल्डन टेंपल पर ऑपरेशन ब्लू स्टार से नाराज हैं। इसकी बड़ी वजह ये भी मानी जा सकती है कि सिख नेता के लिए गद्दार शब्द राहुल गांधी ने कहा है। **************
ये खबरें भी पढ़ें.. राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार कहा:बोले- डॉन्ट वरी, तुम कांग्रेस में लौटोगे; मंत्री बोले- तुम देश के दुश्मन, हाथ नहीं मिलाया कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार (4 फरवरी) को केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहा। उन्होंने यह बात दिल्ली में संसद के बाहर मकर द्वार के सामने प्रदर्शन के दौरान कही। प्रदर्शन के दौरान जब बिट्टू सामने से आए तो उन्हें देखकर राहुल गांधी ने कहा- मेरा ट्रेटर फ्रेंड (गद्दार दोस्त) आ रहा है। इसके बाद राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया (पढ़ें पूरी खबर) राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार क्यों कहा:पगड़ी नहीं पहनते थे, राहुल के कहने पर बांधी
राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू में तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने उन्हें ‘गद्दार दोस्त’ कह डाला। राहुल गांधी ने बिट्टू को लेकर इतने तीखे शब्द क्यों यूज किए, इसकी भी लंबी कहानी है। बिट्टू कभी कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबियों में से एक थे। वह यूथ कांग्रेस के प्रधान भी बने (पढ़ें पूरी खबर)