जालंधर के प्राइवेट अस्पताल सर्वोदया पर गलत इलाज का आरोप लगाकर महिला मरीज और उसके परिजनों ने हंगामा किया। मरीज का कहना है कि उसे रसौली थी, जिसका इलाज करवाने के लिए वह 2 साल पहले यहां आई थी। महिला के कहा कि यहां डॉक्टरों ने उसे किडनी की समस्या बता दी। बाजू में डब्बी जैसा कुछ लगा दिया और डायलिसिस करना शुरू कर दिया। इसके बाद मां पर किडनी देने का दबाव डाला। महिला ने कहा कि शक होने पर वह अस्पताल से छुट्टी लेकर चले गए। अब जगह-जगह भटक रहे हैं। बाकी अस्पतालों से टेस्ट करवाए तो किडनी ठीक निकलीं। लेकिन बाजू में डब्बी लगी होने के कारण कोई इलाज नहीं कर रहा है। डॉक्टरों ने करीब 8 लाख रुपए ले लिए। हंगामे के बाद पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। महिला और उसकी मां की अहम बाातें… इलाज के लिए घर तक बिकवा दिया
एंटी क्राइम और एंटी करप्शन संगठन के नेशनल प्रेसिडेंट सुरिंदर सिंह कैरों ने कहा कि यहां 2024 में एक लड़की का गलत इलाज किया गया। परिवार का दावा है कि लड़की को केवल रसौली और यूरिन संबंधी समस्या थी। लेकिन डॉक्टर ने झूठा दावा किया कि उसकी किडनी फैल हो गई है और जबरन डायलिसिस शुरू कर दिया, जिससे परिवार के 8-10 लाख रुपए खर्च हो गए और उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा। बाहर से जांच कराने पर पता चला कि किडनी में कोई खराबी नहीं थी और अब जब संगठन के लोग इस मामले पर बात करने आए तो डॉक्टर ने समाधान के बजाय पुलिस बुला ली। संगठन ने मांग की है कि डॉक्टर सारा खर्च वापस करे और लड़की का सही इलाज कराए वरना, वे कल अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। पुलिस ने शिकायत ली, कार्रवाई का दिया आश्वासन
बस्ती थाने के पुलिस अधिकारी विजय कुमार ने कहा कि लोगों की शिकायत पर वे सर्वोदया अस्पताल के बाहर पहुंचे। यहां परिवार से मिले और उनकी बात सुनी। परिवार से शिकायत की कॉपी ले ली है। पुलिस मामले की जांच करेगी। अस्पताल की गलती निकलती तो बनती कार्रवाई की जाएगी।