सहारनपुर में जमीन विवाद में गोलीबारी के आरोपी अब तक फरार थे। 7 दिन बाद रविवार को मुख्य आरोपी श्री राजपूत करणी सेना के उत्तराखंड अध्यक्ष शक्ति सिंह ने अपना एक और वीडियो जारी किया। शक्ति सिंह ने कहा- उन्हें ढूंढने की जरूरत नहीं है और वह खुद ही जल्द कोर्ट में पेश होंगे। इसके बाद उन्होंने शिवालिक फॉर्म में हुई गोलीबारी के 2 वीडियो भी शेयर किए। इनमें करीब 10-15 लड़के दिखाई दे रहे हैं, जिनमें 2-3 लोगों के हाथ में पिस्टल है। साथ ही वहां मौजूद लोगों के बीच नोंकझोंक हो रही है। वीडियो में किसी का आवाज सुनाई दे रहा है, जो पीछे से कह रहा है कि मामला खत्म कर लो। इस बीच माहौल तनावपूर्ण दिख रहा है। दरअसल, 8 फरवरी को जमीन के विवाद में 2 पक्षों में करीब 100 राउंड फायरिंग हुई थी। गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने शक्ति सिंह सहित 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। सभी आरोपी अभी भी फरार हैं। देखिए 2 तस्वीरें…
अब पढ़िए फेसबुक लाइव में शक्ति सिंह ने क्या कहा? विदेशी हथियारों से लैस लोगों को छुड़वा रहा था
ठाकुर शक्ति ने कहा- आज मैं एक वीडियो वायरल करूंगा। उसमें योगेंद्र चौधरी के पास हथियार है, वह विदेशी है। 30-40 लड़के हैं, और सभी के पास हथियार हैं। इतने सारे हथियार कहां से आए, यह समझ से परे है। मैं उन हथियार से लैस लोगों को छुड़वा रहा था। अगर मैं डरपोक होता, तो मैं वहां से भाग जाता। अगर मैं वहां से भाग जाता, तो मेरे समाज के 30-40 लोगों की जान जा सकती थी, क्योंकि उन लोगों पर ऐसा खुमार था। मैं प्रशासन से कहना चाहता हूं कि मुझे ढूंढने की जरूरत नहीं है, मैं जल्द से जल्द कोर्ट में पेश होऊंगा, नहीं तो बिहारीगंज थाने में जाकर खुद पेश होऊंगा। हम 1 प्रतिशत भी गलत नहीं हैं। मैं समाज के लिए लड़ता रहा हूं
मुझे पंचायत के रूप में बुलाया गया था। पूरी घटना के जिम्मेदार रविंदर राणा हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी, तो सारी सच्चाई सामने आएगी। इसमें एक बच्चे की हत्या हुई है, जिसके जिम्मेदार रविंदर राणा, योगेंद्र और पंकज हैं। अगर लोगों को वहां बात करने बुलाया गया, तो 40-50 लड़कों के साथ हथियार क्यों थे। प्रशासन को इसकी भी जांच करनी चाहिए। इस घटना से मैं और मेरा परिवार बहुत दुखी हैं। मैं हमेशा अपने समाज के लिए लड़ता रहा हूं और जो हमारे धर्म के लिए हैं, उनका साथ देता हूं। वहां मौजूद सभी लोग सच बताएं, नहीं तो मैं सभी के नाम सार्वजनिक कर दूंगा। अगर आप सत्य नहीं बोल रहे हैं, तो चूड़ी पहन लें। अब पढ़िए फेसबुक लाइव में शक्ति सिंह ने क्या कहा? विवाद समाधान के लिए बुलाई गई थी पंचायत
इससे पहले 13 फरवरी को शक्ति सिंह ने फेसबुक लाइव आकर खुद को निर्दोष बताया था। उन्होंने कहा था- जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ, उस पर पिछले करीब 3 सालों से कोर्ट का स्टे है। समाधान के लिए पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में दोनों पक्षों के अलावा बाहरी जिलों से भी लोग पहुंचे थे। मुझे भी इस पंचायत में बुलाया गया था। पंचायत में मैंने शांतिपूर्ण तरीके से मामले का समाधान कराने का प्रयास किया। मैं जबतक वहां था, किसी तरफ से फायरिंग नहीं की गई। कुछ लोगों ने हिस्ट्रीशीटर्स को भी बुला लिया था उन्होंने कहा- पंचायत में शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और हरियाणा से भी कई लोग आए थे। रविंदर राणा, योगेंद्र चौधरी और पंकज शर्मा ने बाहरी लोगों और हिस्ट्रीशीटरों को बुलाया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद मैं वहां से निकल लिया। मैं अभी 100-150 मीटर की दूरी तक पहुंचा था कि करीब 100 राउंड फायरिंग की गई। इसी फायरिंग में एक युवक को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। जिस युवक की जान गई वह मेरे छोटे भाई समान है। इस घटना से मैं स्वयं बहुत दु:खी हूं। सबकी कॉल डिटेल पुलिस निकाले शक्ति सिंह ने कहा- घटना से जुड़े सभी लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाली जाए। शिवालिक क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच हो। यदि मैं एक प्रतिशत भी दोषी पाया जाता हूं तो किसी भी प्रकार की जांच ( यहां तक कि नार्को टेस्ट) के लिए भी तैयार हूं। अब पढ़िए क्या था मामला?
8 फरवरी को सहारनपुर के गणेशपुर गांव के पास स्थित शिवालिक फार्म हाउस में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में दोनों पक्षों से करीब 30-40 लोग पहुंचे थे। पंचायत के दौरान रुपए के लेनदेन को लेकर कहासुनी हुई। कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसके बाद दोनों पक्षों में फायरिंग शुरू हो गई। फायरिंग के दौरान एक गोली 22 वर्षीय शिवम राणा को लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गोली लगने से दो और लोग घायल हो गए। करीब 100 राउंड गोलियां चलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। अब जिस जमीन का विवाद, उसके बारे में…
प्रॉपर्टी कारोबारी पंकज शर्मा ने बताया- मैंने साल 2017-18 में बिहारीगढ़ में 87 लाख रुपए में जमीन खरीदी थी। वहां महादेवपुरम कॉलोनी विकसित की। साल 2019 में देहरादून निवासी सुनील वर्मा, ट्रांसपोर्ट नगर निवासी शक्ति सिंह और सुंदरपुर निवासी अजय सिंह इस प्रोजेक्ट में पार्टनर बने। जमीन में सबसे अधिक 38 लाख रुपए का निवेश उन्हीं लोगों ने किया था, लेकिन प्लॉट बिकने के बाद मुनाफा नहीं मिला। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। बैठक के दौरान सुनील वर्मा, अजय सिंह और शक्ति सिंह पर पिस्टल से फायरिंग करने का आरोप है। इस संबंध में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ——— ये भी पढ़ें- श्रावस्ती में डकैती, घर में घुसकर किसान की हत्या:बेटे के सामने लुटेरों ने चाकू मारे, बहू डरकर बेड के नीचे छिपी
श्रावस्ती में बेटे के सामने बदमाशों ने घर में घुसकर किसान की हत्या कर दी। इसके बाद सोने-चांदी के जेवर लूटकर फरार हो गए। परिवार के मुताबिक, रविवार रात करीब 3 बजे चार नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए। आहट सुनकर किसान की आंख खुल गई। उन्होंने शोर मचाया और बदमाशों से भिड़ गए। आवाज सुनकर बहू और बेटा भी जाग गए। बेटा दौड़कर कमरे में पहुंचा तो बदमाशों ने उसे पकड़ लिया। उसके सामने ही पिता पर चाकू से कई बार वार किए गए। यह देखकर बहू बेड के नीचे छिप गई। पढ़िए पूरी खबर…