‘राजू तिवारी ब्राह्मण, इसलिए रामविलास की तारीफ नहीं पच रही’:राजद विधायक सर्वजीत बोले- वो हमारे आइकन; विधानसभा में शराबबंदी की समीक्षा की मांग

बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 11वां दिन है। लोजपा के दिवंगत नेता रामविलास पासवान को बेचारा कहने पर आज भी सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस मामले में LJP-R और JDU ने RJD से मांफी मांगने की मांग की। राजद विधायक सर्वजीत ने कहा, “रामविलास जी हम लोगों के आइकन रहे हैं। मैंने विधानसभा परिसर में उनकी मूर्ति लगाने की मांग की, लेकिन राजू तिवारी ब्राह्नाण जाति से आते हैं। उनको लग रहा कि कोई दलित का बेटा इतना बड़ी हस्ती कैसे हो गया। उनको ये पच नहीं रहा है।” विधानसभा के दूसरे सेशन में कुमार सर्वजीत ने कहा, “सदन में राजू तिवारी जैसे लोग मुझसे कहते हैं कि आप मूर्ति स्थापित करने की बात कैसे करते हैं। राजू तिवारी, मैं इस मंच से बोल रहा हूं…मैं किसका बेटा हूं, यह याद रखना।” इससे पहले मंगलवार को विधानसभा परिसर में चिराग के विधायकों ने हाथ में बैनर लेकर प्रदर्शन किया। बैनर पर लिखा था, ‘राजद की पहचान, दलितों का अपमान।’ राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा है, “मुद्दों से भटकाने की कोशिश हो रही है। ये लोग अपना चेहरा चमका रहे हैं।” वहीं बिहार विधानसभा में आज राज्य की शराबबंदी नीति की समीक्षा की मांग उठी। NDA के सहयोगी दल RLM के नेता माधव आनंद ने सदन में कहा कि अब समय आ गया है कि शराबबंदी की समीक्षा की जाए। विधायक ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में इस नीति की व्यापक समीक्षा हो, ताकि इसके प्रभाव, चुनौतियों और जमीनी हकीकत पर खुलकर चर्चा की जा सके। विधानसभा के हाईलाइट्स अब जानिए ‘बेचारा’ पर पूरा विवाद क्या है? 11 फरवरी को बिहार विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान दलित समाज से आने वाले RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को बेचारा कहा था। उन्होंने कहा था, ‘रामविलास पासवान जी दलितों के बड़े नेता हैं। विधानसभा कैंपस में उनकी मूर्ति लगवानी चाहिए। दलितों के बच्चे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज बेचारे रामविलास पासवान जी जिंदा होते तो ऐसे हालात नहीं होते।’ 16 फरवरी को विधानसभा में हंगामा के बाद कुमार सर्वजीत ने सफाई दी। उन्होंने कहा, ‘जब कोई महान पुरुष धरती से चला जाता है तो कहा जाता है वो बेचारे आज होते तो दलितों के लिए कुछ और बेहतर करते। ये कोई अपराधिक शब्द नहीं है। हम मांग करते हैं रामविलास पासवान जी की मूर्ति विधानसभा में लगनी चाहिए।’ RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा- ‘बेचारा कोई गाली नहीं है। हम पासवान जी की मूर्ति लगाने की मांग कर रहे थे।’ कल LJP-R और राजद विधायक में हुई थी नोकझोंक सोमवार को सदन की कार्यवाही काफी गरमा गरम रहा। सेकेंड हाफ में सदन में उस समय माहौल गरमा गया जब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान LJP-R के विधायक राजू तिवारी और राजद विधायक कुमार सर्वजीत के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। राजू तिवारी ने अपने भाषण में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “पता नहीं विपक्ष के लोग किस संस्कार के हैं। विपक्ष को सदन का आईना कहा जाता है, लेकिन आईना तो बस एक दिन ही दिखा। विपक्ष के लोग बताएं कि नेता प्रतिपक्ष कहां हैं?” इस बयान पर कुमार सर्वजीत भड़क गए। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, “हमलोग सामाजिक न्याय के लोग हैं। जब 12 जनपथ खाली था तब आपकी जुबान बंद थी। जब रामविलास पासवान जी की मूर्ति उखाड़ी जा रही थी, तब भी आपकी जुबान बंद थी।’ मैंने किसी का अपमान नहीं किया रामविलास को बेचारा बताने वाले राजद विधायक सर्वजीत ने कहा, ‘जब कोई महान पुरुष धरती से चला जाता है तो कहा जाता है वो बेचारे आज होते तो दलितों के लिए कुछ और बेहतर करते। ये कोई अपराधिक शब्द नहीं है। हम मांग करते हैं रामविलास पासवान जी की मूर्ति विधानसभा में लगनी चाहिए।’ राजद विधायक सर्वजीत ने कहा था- रामविलास पासवान जी दलितों के बड़े नेता हैं। विधानसभा के कैंपस में उनकी मूर्ति लगवानी चाहिए। दलितों के बच्चे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज बेचारे रामविलास पासवान जी जिंदा होते तो ऐसे हालात नहीं होते। विधानसभा की कार्यवाही से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

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