बिहार की सियासत में 16 फरवरी को एक शब्द ‘बेचारा’ ने आग लगा दी। जब RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने दिवंगत रामविलास पासवान को याद करते हुए यह शब्द इस्तेमाल किया, तो बिहार विधानसभा बजट सत्र में घंटों हंगामा हुआ। कुछ देर के लिए सदन ठप हुआ और सड़कों पर तेजस्वी यादव का पुतला फूंका गया। लेकिन सवाल यह है कि RJD इस मामले पर क्यों इतनी सहमी नजर आई। क्या यह सिर्फ एक शब्द का विवाद है, या इसके पीछे दलित वोट बैंक का गणित है। या राजू तिवारी जैसे नेताओं की निजी महत्वाकांक्षाएं। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः ‘बेचारा’ शब्द का पूरा विवाद क्या है? जवाबः 11 फरवरी को बिहार विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान दलित समाज से आने वाले RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को बेचारा कहा था। सवाल-2ः दिवंगत रामविलास के कथित अपमान पर क्या हंगामा हुआ? जवाबः कुमार सर्वजीत के बयान के 4 दिन बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) एक्टिव हुई। 15 फरवरी की शाम LJP(R) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पार्टी के X पोस्ट को शेयर किया। लिखा- ‘रामविलास पासवान बिहार के गरीबों और दलित-पिछड़ों के मसीहा थे। RJD का यह अपमान करोड़ों वंचितों की भावनाओं पर चोट है।’ राजू तिवारी और कुमार सर्वजीत के बीच तीखी बहस सवाल-3ः ‘बेचारा’ शब्द पर क्यों भड़की चिराग पासवान की पार्टी? जवाबः मोटे तौर पर इसके 3 बड़े कारण हैं… 1. दलित वोट बैंक को अपने पाले में रखना LJP के संस्थापक दिवंगत रामविलास पासवान दलितों के बड़े लीडर थे। बिहार में 19.65% दलित आबादी है। पोल्समैप सर्वे और लोकनीति की स्टडी की मानें तो 2025 विधानसभा चुनाव में दलित वोटों में पिछले चुनावों की तुलना में कहीं ज्यादा स्पष्ट झुकाव देखने को मिला। 2. कुमार सर्वजीत के कद को बढ़ने नहीं देना विधानसभा चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव ने पार्टी की रणनीति में बदलाव किया है। RJD कुमार सर्वजीत को आगे कर दलितों को साधने का प्रयास कर रही है। पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘RJD ने पासवान समाज से आने वाले कुमार सर्वजीत से बजट पर चर्चा शुरू कराई। सदन में उनको आगे की जगह दी है। पार्टी उनके कद को लगातार बढ़ा रही है ताकि दलित वोट बैंक में सेंधमारी की जा सके।’ 3. गोटी सेट कर रहे राजू तिवारी LJP (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक राजू तिवारी ने सदन में सबसे तेज विरोध किया। उन्होंने नारे लगवाए-‘आरजेडी की पहचान, दलितों का अपमान। रविवार को पटना के करगिल चौक पर प्रदर्शन किया। सोमवार को सदन में हंगामा किया।