गुरुग्राम से सटे दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय राष्ट्रीय शहरी एवं रियल एस्टेट विकास कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। समापन दिवस पर पहुंचे केंद्रीय शहरी एवं आवास मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस समय एनसीआर के साथ साथ पूरे हरियाणा में तेजी से रियल स्टेट का विकास हो रहा है। खासकर गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और पानीपत में शहरी कॉरिडोर निवेशकों के लिए पहली पसंद है। उन्होंने कहा कि सरकार आवास की जरूरतों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। साल 2047 तक 7 करोड़ से ज्यादा घरों की जरूरत पड़ने वाली है। जरूरतमंदों को अफोर्डेबल रेट पर सरकार के साथ साथ निजी क्षेत्र पर भी इन जरूरत को पूरा करने की जिम्मेदारी है। टेंपल सिटी पर सरकार का फोकस केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेंपल सिटी यानि धार्मिक शहरों के विकास पर सरकार का पूरा फोकस है। पहले नदी किनारे या धार्मिक महत्व वाली जगहों पर शहर बसाए जाते थे। अब उसी रास्ते पर आगे बढ़ना होगा। नए शहर बसाने के लिए आगे आएं उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद प्राइवेट रियल एस्टेट प्लेयर से कहा कि वे बड़े शहरों में प्रोजेक्ट के साथ नए शहर बसाने के लिए आगे आए। यहां जमीन सस्ती मिलेगी और डवलपमेंट में खर्च भी कम होगा। इससे आम लोगों को अफोर्डेबल घर मिल सकेगा। क्योंकि गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में अब जमीन के साथ साथ मकान बनाने की कॉस्ट बहुत बढ़ गई है। रहने एवं निवेश के अनुकूल शहर विकास किए जा रहे
नारेडको के अध्यक्ष परवीन जैन ने कहा कि हरियाणा राज्य में सतत और समावेशी शहरी विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। नियोजित इन्फ्रास्ट्रक्चर, किफायती घर और तकनीक-सक्षम पहल के माध्यम से हम ऐसे शहर विकसित कर रहे हैं जो रहने योग्य, मजबूत और निवेश के अनुकूल हों। हरियाणा के विकास पर फोकस किया गया उन्होंने बताया कि इस दौरान ट्रांजिट-आधारित विकास, एकीकृत टाउनशिप, औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स से जुड़े रियल एस्टेट, किराए के आवास की पहल तथा आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग परियोजनाओं के संतुलित विकास पर राज्य के फोकस को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।