गांव खेड़की निवासी 24 वर्षीय नरेश ने 2 अप्रैल को रेवाड़ी के रेलवे रोड स्थित सचिन होटल में फांसी लगा ली। दो अप्रैल को ही नरेश का 24वां जन्मदिन था और पिछले साल 10 मार्च को शादी हुई थी। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। नरेश बिलासपुर की एक कंपनी में काम करते था। पुलिस की निगाह अब नरेश के अंतिम फोन कर रहेगी। ताकि सुसाइड की कहानी को सुझलाया जा सके। जेब में मिली पार्किंग की पर्ची सुसाइड के बाद पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। नरेश की जेब से एक बाइक पार्किंग की पर्ची मिली। जिससे यह पता चला कि वह धारूहेड़ा पार्किंग में बाइक खड़ी कर यहां पहुंचा था। चचेरे भाई बोला, यहां क्यों आता चचेरे भाई गोपाल ने बताया कि उन्हें इसके पीछे साजिश नजर आ रही है। नरेश को सुसाइड ही करना था तो वह यहां इतनी दूर क्यों आता। गांव के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर जाकर मर जाता। धारूहेड़ा बाइक खड़ी कर यहां आपे की क्या जरूरत थे। उसका तो रेवाड़ी से कोई लिंक भी नहीं था। कुछ न कुछ छुपाया जा रहा है। जानिए कैसे क्या हुआ वीरवार सुबह नरेश गांव खेड़की अपने घर से कंपनी जाने के लिए निकला। कंपनी जाने की बजाय धारूहेड़ा पहुंचा। जहां एक पार्किंग में बाइक खड़ी की। सुबह करीब 10 बजे नरेश रेलवे रोड स्थित होटल पर पहुंचा। जहां शाम तक के लिए कमरा बुक किया। होटल के रूम में 405 में ठहरा। जब देर शाम तक नरेश ने चेक आउट नहीं किया तो होटल स्टाफ कमरे पर पहुंचा। दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। होटल स्टाफ ने घटना की सूचना होअल मालिक को दी। होटल मालिक ने पुलिस को फोन किया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फिर से नरेश के कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने कमरे के दरवाजे को तोड़ा। दरवाजा तोड़कर कमरे में अंदर घुसने में करीब 15 मिनट का समय लगा। जब पुलिस कमरे के अंदर घुसी तो नरेश का शव फंदे पर लटकता मिला। बेड के ऊपर स्टूल रखा हुआ था और नरेश ने अंगौछे से पंखें के साथ फंदा लगाया हुआ था। नरेश ने पांवों में मौजे (जुराब) पहनी हुई थी। नरेश का शव फंदे पर लटकता मिलने के बाद पुलिस ने फोन कर परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस ने घटनाक्रम समझाया। परिवार के सवाल नरेश के चचेरे भाई ने गोपाल ने कहा कि रेवाड़ी से सचिन का कोई डायरेक्ट लिंक नहीं था। वह कंपनी में जाने की बजाय यहां कैसे पहुंचा। बाइक को धारूहेड़ा पार्किंग में खड़ी कर यहां किसके साथ आया। अकेला आया तो फिर यहां होटल किसलिए आया। वह कोई नशा तो करता नहीं था। अगर वह सुबह से शाम तक होटल में अकेला था उसने सुसाइड करने से पहले अपने मौजे क्यों नहीं उतारे। होटल में दिन में उससे कोई मिलने आया या वह खुद बाहर गया तो होटल कर्मियों को यह बात स्पष्ट करनी चाहिए। केवल सुसाइड करने के लिए कोई घर से 40 किलोमीटर दूर क्यों आएगा। वह भी गांव के पास से गुजर रही रेलवे लाइन के होते हुए। यदि सुसाइड ही करना था तो वहीं रेल से कट जाता। घर से ड्यूटी के लिए निकला नरेश को या तो किसी ने धमकी देकर यहां बुलाया है या फिर उसे कोई अपने साथ यहां लेकर आया है। जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति गोकल गेट चौकी इचार्ज नरेश कुमार ने कहा कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जेब से बाइक पार्किंग की पर्ची मिली है। प्रथम दृष्टता मामला सुसाइड का लग रहा है, परिजनों ने सुसाइड पर कुछ आशंका व्यक्त की है। पुलिस होटल की सीसीटीवी और मृतक की कॉल डिटेल की जांच करेगी। ताकि मामले की सच्चाई को सामने लाया जा सके।