रेवाड़ी शहर के होटल में अपने 24वें बर्थ-डे पर फंदा लगाकर जान देने वाले गुरुग्राम के युवक के केस में लव या ब्लैकमेलिंग एंगल की भी जांच हो रही है। होटल में मरने से पहले युवक ने मोबाइल से आखिरी कॉल किसी लड़की को की थी। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वो लड़की है कौन। क्या होटल में उसकी किसी से मुलाकात हुई थी, अभी यह भी क्लियर नहीं हुआ है। एक बाइक कंपनी में क्वालिटी सुपरवाइजर के तौर पर काम करने वाले नरेश 31 मार्च व एक अप्रैल को छुट्टी पर रहा था। 2 अप्रैल को वह सामान्य दिनों के मुकाबले ड्यूटी के लिए एक घंटा पहले घर से निकला। घर से निकलते समय पत्नी और मां से बोला- आज मेरा बर्थ-डे है। बोलो क्या खाएंगे, शाम को आते हुए लेते आउंगा। परिजन शाम को केक सेलिब्रेशन के इंतजार में थे, लेकिन नरेश घर नहीं लौटा। रेवाड़ी पुलिस नरेश की कॉल डिटेल खंगाल रही है। उसके मोबाइल से ही कुछ क्लू मिलने की संभावना है, क्योंकि उसने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है। परिवार भी यह भरोसा नहीं कर पा रहा कि नरेश सुसाइड कर सकता है। इन सवालों के जवाब ढूंढ रही पुलिस रेवाड़ी होटल क्यों पहुंचाः नरेश घर से ड्यूटी जाने की कह कर निकला। घर से धारूहेड़ा पहुंचकर बाइक पार्क कर दी। धारूहेड़ा से रेवाड़ी होटल तक पहुंचने में करीब 2 घंटे 20 मिनट का समय लगा। यहां सचिन होटल में चेक इन किया। चचेरे भाई हरिदास का कहना है कि नरेश पहले धारूहेड़ा और फिर रेवाड़ी क्यों गया। होटल तो हमारे पंचगांव और मानसेर में भी बहुत हैं। धारूहेड़ा में जहां बाइक पार्क की वहां भी कई होटल हैं। उसने रेवाड़ी की उसी होटल को क्यों चुना। यदि उसे मरना ही होता, तो वह पास में रेलवे स्टेशन पर जाकर भी ऐसा कर सकता था। किस लड़की से हुई आखिरी बार बातः पुलिस सूत्रों की माने तो नरेश की आखिरी कॉल किसी लड़की से हुई थी। माना जा रहा है कि दोनों की अभी तक मुलाकात नहीं हुई थी व सोशल मीडिया की एक दूसरे के संपर्क में आए थे। बर्थ-डे के दिन रेवाड़ी आने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। लड़की कौन है और कितनी देर बात हुई यह भी सामने नहीं आ पाया है। अभी पुलिस भी इस पर खुलकर बोलने से बच रही है। 50 हजार रुपए की जरूरत क्यों पड़ीः नरेश के कजन हरिदास ने बताया कि 6 भाइयों में नरेश सबसे छोटा था। वह हमसे कोई बात नहीं छुपाता था। जब भी किसी चीज की जरूरत होती बेझिझक किसी से भी मांग लेता था और कोई उसे इंकार भी नहीं करता था। 31 मार्च को नरेश ने किसी रिश्तेदार से एक साल के लिए 50 हजार रुपए मांगें। जबकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। दो अप्रैल को घर से निकलने से पहले भी बहनोई से बात हुई। तब भी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। उस दिन 1 घंटा पहले क्यों निकलाः हरीदास ने बताया कि नरेश का ऑफिस गुरुग्राम में बिनौला के पास है। रोज सुबह करीब 8:15 पर वह घर से निकलता था और पौने 9 बजे ऑफिस पहुंच जाता था। 31 मार्च व एक अप्रैल को छुट्टी की। दो अप्रैल को सुबह सवा 7 बजे घर से निकला। 8 बजे धारूहेड़ा में बाइक पार्क कर दी। रेवाड़ी होटल में 10:20 पर उसकी एंट्री हुई। सवा दो घंटे कहां रहाः हरिदास ने कहा कि नरेश को धारूहेड़ा से रेवाड़ी होटल तक पहुंचने में 2 घंटे 20 मिनट लगे। इस समय नरेश किसके साथ और कहां गया। किसके कहने पर वह होटल गया और ऐसा क्या राज था हर छोटी-बड़ी बात परिवार के सभी सदस्यों के साथ शेयर करने वाला नरेश खामोश रहा। इच्छा से 10 दिसंबर को शादी की थी 10 दिसंबर को नरेश ने घरवालों की मर्जी से शादी की थी। पत्नी और मां के साथ कोई विवाद नहीं था। फिर ऐसा क्या हुआ कि उसे झूठ बोलकर समय से पहले घर से निकलना पड़ा। धारूहेड़ा और रेवाड़ी पहुंचने में सवा दो घंटे कैसे लगे और किसलिए और किसके बुलाने पर गया। परिवार ने जो आशंका जताई, उसकी हो रही जांच- प्रभारी गोकुल गेट चौकी प्रभारी नरेश कुमार ने कहा कि परिवार ने कई प्रकार की आशंकाएं जताई हैं। स्पष्ट तौर पर तो ऐसा कुछ नहीं कहा, परंतु पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। नरेश की किसी लड़की से बात हुई या नहीं. इसका पता तो सीडीआर मिलने के बाद ही पता चलेगा पाएगा। तब तक स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह सकते