रोहतक में कलानौर थाने के बाहर EASI कुलदीप सिंह सुसाइड केस में अभी तक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिवार और पड़ोसियों का कहना है कि कुलदीप काफी मिलनसार थे। यह बात सामने आई है कि कुलदीप सिंह सुसाइड से एक दिन पहले, यानी रविवार को परिवार के साथ अपने पैतृक गांव झज्जर जिले के डीघल गए थे। सूत्रों के मुताबिक, वहां उनका परिवार बेहद खुश था और उन्होंने अपने कुलदेवता बाबा मोतीराम के मंदिर में स्वामिनी भी लगाई थी। कहते हैं कि ग्रामीण यहां स्वामिनी तभी लगाते हैं, जब किसी की कोई इच्छा पूरी होती है। हालांकि, परिवार की तरफ से इस बारे में अभी तक कुछ नहीं बताया गया है। सोमवार सुबह सुसाइड से पहले कुलदीप ने गली में पड़ोसियों के साथ बैठकर बातचीत की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने गली में बच्चों के साथ क्रिकेट भी खेला। इसके बाद वह ड्यूटी पर चले गए। थाने में भी उनकी साथी पुलिसकर्मियों के साथ नॉर्मल बातचीत हुई। वह खाना खाने की बात कहकर थाने के बाहर गए थे। वहां उन्होंने डायल-112 की गाड़ी में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। जानिए EASI के सुसाइड से पहले क्या हुआ…. सुबह 8.50 पर शुरू होती थी ड्यूटी EASI कुलदीप सिंह (53) पिछले 15 साल से वह रोहतक में झज्जर चुंगी के पास कमला नगर में परिवार के साथ रह रहे थे। कुलदीप सिंह की ड्यूटी कलानौर थाने में इमरजेंसी रिसपंस व्हीकल (ERV 594) पर थी। उनकी ड्यूटी सुबह 8:50 पर शुरू होती थी। गली में बच्चों के साथ क्रिकेट खेला एक पड़ोसी ने बताया कि कुलदीप सिंह का व्यवहार काफी सरल था, जिसके कारण वह बच्चों व बड़ों के साथ आसानी से घुलमिल जाता था। सोमवार सुबह साढ़े 7 बजे कुलदीप अपने भाई के साथ पड़ोस में बैठे अन्य लोगों के साथ हंसी खुशी बात कर रहा था। कुछ देर बार वह गली में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने लगा। करीब सवा 8 बजे कुलदीप ड्यूटी के लिए चला गया। करीब 8:45 पर कुलदीप थाने पहुंचा। 8:50 पर कुलदीप सिंह की ड्यूटी शुरू हो गई थी। 10 बजे खाना खाने की बात कही पुलिस सूत्रों के मुताबिक, थाने में कुलदीप सिंह आम दिनों की तरह ही सभी के साथ बातचीत कर रहा था। सुबह करीब 10 बजे साथियों से खाना खाने की बात कहकर कुलदीप हंसते हुए थाने से नीचे उतरा और पार्किंग एरिया में खड़ी ERV गाड़ी के अंदर बैठकर खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर वहां मौजूद कर्मचारियों मौके पर पहुंचे। वहां कुलदीप खून से लथपथ था। उनसे सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारी हुई थी। 3 बच्चों के पिता थे कुलदीप कुलदीप कलानौर थाने में डायल 112 पर तैनात थे। इससे पहले उनकी पोस्टिंग लाखन माजरा थाने में थी। करीब 15 साल पहले डीघल गांव से रोहतक आकर बस गए थे। शुरुआत में वह शिवाजी कॉलोनी में रहे। बाद में कमला नगर में रहने लगे। कुलदीप छह भाइयों में से एक थे। एक भाई का पहले निधन हो चुका है। 2 भाई कमला नगर में ही रहते हैं, जबकि दो भाई डीघल गांव में रहते हैं। कुलदीप अपने पीछे तीन बच्चों को छोड़ गए, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा है। —————————— ये खबर भी पढ़ें :- रोहतक में थाने के बाहर EASI का सुसाइड:सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी; डायल-112 पर तैनात थे, परिवार बोला- कोई तनाव नहीं था हरियाणा के रोहतक में सोमवार को डायल 112 पर तैनात एक एग्जम्प्टेड असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (EASI) ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद के सिर में गोली मारकर सुसाइड कर लिया। कुलदीप सिंह (53) कलानौर थाने में इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV 594) पर तैनात थे। थाने के बाहर ही उन्होंने खुद को शूट किया। पढ़ें पूरी खबर…