रोहतक में प्रॉपर्टी डीलर के मास्टरमाइंड का एनकाउंटर:दोनों पैर में लगी गोली, साथी भी अरेस्ट; 20 गोलियां मारकर किया था मर्डर, उठा ले गए थे शव

हरियाणा के रोहतक के प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रदीप डागर और उसके साथी सोमबीर की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। खुद को घिरा देख तीनों आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रदीप के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि सोमबीर के एक पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया और इलाज के लिए रोहतक पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। प्रदीप दिल्ली के गांव झाड़ौदा का रहने वाला है, जगिक सोमबीर रोहतक के गांव मदीना का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, दोनों से पूछताछ भी की जा रही है। हत्याकांड की सारी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। बता दें कि गांव खेड़ी साध निवासी सत्यवान की गाड़ी 20 फरवरी को गांव खरावड़ के पास लावारिस हालत में मिली थी। इसके पास खून पड़ा था और गोलियों के खोल बरामद हुए थे। मगर, वहां कोई व्यक्ति नहीं मिला और ना ही किसी का शव बरामद हुआ। इसके बाद एक गैंगस्टर सुंदर काला ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इसके चार दिन बाद पुलिस ने सत्यवान की डेडबॉडी जेएलएन नहर से बरामद हो गई थी। पुलिस और हत्यारोपियों के बीच हुई मुठभेड़ के कुछ PHOTOS… अब इन आरोपियों को पुलिस कर चुकी काबू
सत्यवान हत्याकांड में पुलिस अब तक 4 आरोपियों को काबू कर चुकी है। इनमें दो आरोपी मनीष निवासी गांव भाली गौर गांव मंजीत निवासी बापोड़ा जिला भिवानी को 24 फरवरी के दिन काबू किया था। इनकी निशानदेही पर सत्यवान के शव को जेएलएन से बरामद किया गया था। इसके बा पुलिस ने गांव खेड़ी साध निवासी सुशील पुत्र सुखबीर और अजय पुत्र जगदीश को काबू किया था, जो सत्यवान की हत्या करने की साजिश में शामिल थे। अब पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी प्रदीप डागर और उसके साथी सोमबीर को भी काबू कर लिया है। पुलिस बोली- प्रदीप डागर ही हत्याकांड का मुख्य आरोपी सीआईए-2 इंचार्ज सतीश कादयान ने बताया कि सत्यवान हत्याकांड में मुख्य आरोपी प्रदीप उर्फ मोनू डागर था। सोमवार की रात को सूचना मिली थी कि गांव खेड़ी साध के पास प्रदीप डागर अपने साथी के साथ किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बाइक सवार युवकों को रोकने का प्रयास किया। मगर, आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई मुख्य आरोपी प्रदीप डागर के दोनों पैरों में गोली लग गई, जबकि सोमबीर के एक पैर में गोली लग गई। दोनों तरफ से करीब 10-12 राउंड फायरिंग की गई। घायल होने पर दोनों को काबू कर लिया गया। सिलसिलेवार ढंग से जानिए फायरिंग का यह पूरा मामला… वो केस, जिसकी रंजिश में की थी सत्यवान की हत्या… 31 दिसंबर 2017 को घूमने निकला था खेड़ी साध गांव का धर्मेंद्र टैक्सी चलाता था। 31 दिसंबर 2017 की शाम वह नए साल की खुशी मनाने के लिए घूमने गया था। जब वह देर रात तक नहीं लौटा, तो उसका भाई रोहित उसे ढूंढने निकला। रोहित ने धर्मेंद्र को उसके दो साथियों – हमायुंपुर निवासी दिनेश और दिल्ली के झाड़ौदा कलां निवासी प्रदीप के साथ बस अड्डे पर एक कार में बैठे हुए मिला। रोहित भी उनके साथ गाड़ी में बैठ गया और वे घर की तरफ चल पड़े। घर के बाहर की गोली मारकर हत्या की FIR के अनुसार, जब धर्मेंद्र अपने भाई और दोस्तों के साथ सुबह करीब 3-4 बजे सत्यवान के घर के सामने पहुंचा, तो सत्यवान बाहर खड़ा था। धर्मेंद्र ने सत्यवान से कहा कि उसने उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा रखा है। इसके बाद सत्यवान घर के अंदर गया और एक पिस्तौल लेकर आया, जिससे उसने धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। सत्यवान की पत्नी ने छेड़छाड़ का केस कराया था सत्यवान की पत्नी ने धर्मेंद्र के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसको लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा था। धर्मेंद्र का कहना था कि सत्यवान की पत्नी ने झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच रंजिश बढ़ गई और उसी रंजिश में धर्मेंद्र की हत्या कर दी गई। इसी मामले में सत्यवान जेल में बंद था। —————— ये भी खबर पढ़ें… रोहतक में कार पर 20 राउंड फायरिंग, मालिक लापता:परिवार बोला- हत्या कर शव साथ ले गए; सोशल मीडिया पोस्ट में मर्डर का दावा रोहतक में एक ब्रेजा कार पर करीब 20 राउंड फायरिंग की गई। मौके से खून ही खून मिला। वहां 20 गोलियों के खाली खोल भी पड़े थे। गोलियां लगने से कार के शीशे भी चकनाचूर हो गए थे, लेकिन कार के अंदर कोई नहीं था। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद, आईएमटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। (पूरी खबर पढ़ें)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *