रोहतक के IMT क्षेत्र में झज्जर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक का शव जमीन में दफन हुआ मिला। युवक 29 दिसंबर को लापता हुआ था। उसके पिता फौज में थे। जब वह एक साल का था, तब पैरालिसिस अटैक के कारण उनका निधन हो गया था। IMT थाना पुलिस ने युवक का शव PGI में रखवा दिया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि युवक की हत्या किसने की। परिवार के सदस्य भी फिलहाल कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। झज्जर CIA टीम मामले की जांच कर रही है। 3 पॉइंट्स में यशु के बारे में जानिए…. BA सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था मृतक की पहचान झज्जर के सिलानी केसो गांव के यशु चाहर (19) के तौर पर हुई है। वह झज्जर के नेहरू कॉलेज में BA सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था। यशु के घर में मां और बड़ा भाई अंकित है। अंकित भारतीय सेना में है। यशु भी सेना में जाना चाहता था। वह कॉलेज की NCC टीम में शामिल था। 2008 में पिता का निधन हुआ चाचा संदीप ने बताया कि यशु के पिता विरेंद्र सिंह का 2008 में निधन हो गया था। वह भी भारतीय सेना में थे। लेह में ड्यूटी के दौरान उन्हें पैरालिसिस अटैक आया था। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें घर ले आए थे। 2 साल बाद बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। 29 दिसंबर को लापता हुआ था संदीप ने बताया कि यशु चाहर 29 दिसंबर को लापता हुआ था। आखिरी बार उसे झज्जर के नेहरू कॉलेज में ही देखा गया था। उसका पता बताने वाले को परिवार की तरफ से 5100 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। सोमवार रात करीब 8 बजे यशु का शव जमीन में दफन हुआ मिला।