रोहतक जिले के गांव पोलंगी में दो सगे भाईयों को पुरानी रंजिश के कारण तेजधार हथियारों से वॉर करते हुए मौत के घाट उतार दिया। सूचना पाकर आईएमटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लिया। वहीं मौके का एसपी सुरेंद्र भौरिया ने निरीक्षण किया और आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया। मृतकों की पहचान कर्मबीर व कुलदीप पुत्र जयनारायण के रूप में हुई। जयनारायण के 6 बेटे थे, जिनमें से तीन भाईयों की पहले ही मौत हो चुकी है और बचे हुए तीन भाईयों में से 2 की हत्या हो गई। अब एक भाई जगमेंद्र उर्फ नान्हा अकेला रह गया है, जिसे भी आरोपियों ने मारने का प्रयास किया था, लेकिन जगमेंद्र ने भागकर अपनी जान बचाई। 2024 में ट्रैक्टर से मारी थी टक्कर जगमेंद्र ने बताया कि 2024 में गांव के ही रहने वाले सन्नी पुत्र दिनेश पुत्र रणधीर ने कर्मबीर व उसे ट्रैक्टर से टक्कर मारते हुए जान से मारने का प्रयास किया था। मामले में आरोपी के खिलाफ आईएमटी थाने में केस दर्ज करवाया था। रणधीर व उसके परिवार के लोग इसी बात की रंजिश रखे हुए थे। केस उठाने को लेकर दे चुके थे धमकी जगमेंद्र ने बताया कि रणधीर का परिवार मुकदमा उठाने को लेकर कई बार उन्हें धमकी दे चुका था, जबकि वह मुकदमा वापस लेने को तैयार नहीं थे। मामले में आरोपियों की तरफ से कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। जिसके कारण परिवार काफी डरा हुआ भी था। तलवार, गंडासी, ईंट व लाठियों से हमला जगमेंद्र ने बताया कि वह कोर्ट में आया था और जब वापस घर पहुंचा तो देखा कि रणधीर, मनोज, दिनेश, अमित, मनोज के दोनों लड़क, सन्नी, गौरव, दिनेश की पत्नी व अमित की पत्नी हाथों में तलवार, गंडासी, ईंट व लाठियों से घर में घुसकर कर्मबीर व कुलदीप पर वॉर कर रहे थे। भागते समय फेंक कर मारी गंडासी जगमेंद्र ने बताया कि आरोपियों ने उसके दोनों भाईयों को मौत के घाट उतार दिया और उसे भी पकड़ने का प्रयास किया। जब वह जान बचाने के लिए भागने लगा, तो मनोज के छोटे लड़के ने गंडासी फेंक कर मारी, जो उसके दाहिने हाथ को छुते हुए निकल गई। वहीं आरोपी गौरव ने मोगरा फेंककर मारा, जिससे वह बच गया। बाइक लेकर मौके से भागा, बची जान जगमेंद्र ने बताया कि आरोपियों से बचते हुए वह अपनी बाइक तक पहुंचा और बाइक लेकर भागने में कामयाब हो गया। जब वह वापस आया, तो देखा कि दोनों भाई कर्मबीर व कुलीप की कटी फटी अवस्था में लाश पड़ी थी। आरोपियों ने बेरहमी से उसके दोनों भाईयों को मारा और उसे भी जान का खतरा बना हुआ है। 6 भाईयों में तीसरे नंबर पर है जगमेंद्र जगमेंद्र ने बताया कि वह छह भाई थे, जिनमें से सबसे बड़ा बिजेंद्र, दूसरा समुंद्र, तीसरा जगमेंद्र, चौथा विक्रम, पांचवा कर्मबीर व सबसे छोटा कुलदीप है। बिजेंद्र व समुंद्र सिंह की शादी हुई थी, जबकि छोटे चारों भाई अविवाहित थे। बिजेंद्र, समुंद्र व विक्रम की पहले ही मौत हो चुकी है, जिसके बाद जगमेंद्र अपने दोनों छोटे भाईयों के साथ रहता था। अब दोनों छोटे भाई की हत्या हो गई। लड़की का मामला भी जोड़कर देखा जा रहा पुलिस इस मामले को एक लड़की के गायब होने से भी जोड़कर देख रही है। सूत्रों के अनुसार गांव की लड़की व एक लड़का गायब है। लड़की के परिजनों को शक था कि कुलदीप व कर्मबीर ने लड़के की भागने में मदद की है। इसी शक के कारण रणधीर ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस मामले में कर रही जांच मामले में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि दो लोगों की हत्या होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने कुछ लोगों को राउंड अप किया है। मृतकों के भाई की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में जल्द खुलासा करेगी।