लखनऊ शिफा-ए-इंसानियत की तरफ से सआदतगंज स्थित कर्बला दयानूतदौला में मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में कैंप लगा । मेडिकल कैंप में 10 एमबीबीएस और एमडी डॉक्टर ने हिस्सा लिया। चिकित्सकों के द्वारा मौके पर मरीजों की जांच करने के बाद उन्हें मुफ्त दवा उपलब्ध कराई । ‘गजा का समर्थन करने पर ईरान पर हमला’ आयोजकों में शामिल मौलाना फैज मशहदी ने कहा कि हम सभी लोग अलग-अलग तरह से अयातुल्लाह अली को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इसी सिलसिले में मेडिकल कैंप का आयोजन किया है। पूर्व सुप्रीम लीडर ने पूरे विश्व को मानवता का संदेश दिया। फलस्तीन और गजा लाखों बेगुनाहों का खून बहाया गया ईरान ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। ईरान पर जो इसराइल और अमेरिका की तरफ से हमला किया गया इसका मुख्य कारण यही था कि अयातुल्लाह ने गजा के लिए आवाज उठाई थी। विश्व दो हिस्से में बंटा इस वक्त पूरी दुनिया दो हिस्सों में बटी हुई है एक वह लोग हैं जो दूसरों को तकलीफ पहुंचाते हैं और हमले कर रहे हैं। दूसरे वह लोग हैं जो लोगों की दुखों को दूर कर रहे हैं और इंसानियत की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। ईरान की गिनती लोगों की भलाई करने वाले लोगों में की जाती है। ईरान की तरफ से भारत की हमेशा मदद किया गया उसने दोस्ती के रिश्ते को निभाया। इसलिए हम लोग भी आयतुल्लाह के नाम पर मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की मदद कर रहे हैं। ‘ईरान भारत का अच्छा दोस्त’ कैंप के आयोजकों में शामिल फैज ने कहा की भारत से ईरान के रिश्ते सैकड़ो साल पुराने हैं। युद्ध के माहौल में जब तमाम देशों के लिए तेल ले जाने का रास्ता बंद कर दिया गया है ऐसी स्थिति में भी ईरान ने भारत के लिए रास्ता खोला। ईरान के इस काम से पता चलता है कि भारत के प्रति वह कितना मित्रता का भाव रखते हैं। इसलिए हम लोग भी लगातार ईरान की सुप्रीम लीडर को याद कर रहे हैं और उन्हें अलग-अलग तरह से श्रद्धांजलि देते हैं।