लखनऊ में दो सहेलियों की ट्रेन से कटी हुई लाश मिली। दोनों की डेडबॉडी अगल-बगल पड़ी थीं। इनमें से एक लड़की की 6 महीने पहले शादी हुई थी। वह बुधवार सुबह ही मायके आई थी। घटना रहीमाबाद क्षेत्र स्थित मनकोटी गांव के बेलवा फाटक के पास की है। लड़कियों की मौत की खबर मिलते ही गांव वाले भागते हुए पहुंचे। घटना की सूचना पुलिस को दी। जांच में सामने आया कि दोनों रहीमाबाद के मनकोटी गांव की रहने वाली थीं। ग्रामीणों के मुताबिक, लड़कियां बचपन से ही ज्यादातर साथ रहती थीं। युवतियों की उम्र 20 और 23 साल रहीमाबाद थाना पुलिस के अनुसार, मृतक युवतियों की उम्र 20 और 23 साल है। शशि (20) पुत्री अशर्फी लाल और नीतू (23) पुत्री बुद्धा की मौत हुई। दोनों की ट्रेन से कटने की जांच की जा रही है। ग्रामीणों की मानें तो वे ट्रैक पार रही थीं। लेकिन, पुलिस दूसरे एंगल पर भी जांच कर रही है। नीतू के मायके आने के बाद दोनों घर से निकलीं थीं। ट्रेन से टकराने के बाद लड़कियों की मौत हो गई। आशंका है कि दोनों ने सुसाइड किया होगा। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि यह हादसा था या सुसाइड। दोनों हरपल साथ रहती थीं, एक की शादी हुई पड़ोसियों का कहना है कि नीतू और शशि बचपन से ही हरपल साथ रहती थीं। नीतू की शादी 6 महीने पहले हुई थी। उसका पति इशू चंडीगढ़ में रहकर काम करता है। उसकी शादी उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र के धनियाखेड़ा गांव में हुई थी। नीतू आज ही अपने मायके आई थी। वह अपनी सहेली शशि के साथ गांव के बाहर निकली। दोनों बिना बताए ही निकलीं और पता नहीं क्यों दोनों ने मौत चुन ली? यह भी हो सकता है कि दोनों टहलने गई हों और उनके साथ हादसा हो गया हो। शशि की टांग कटकर अलग गिरी शशि की ट्रेन में टांग कटकर अलग गिरी। वहीं, नीतू के सिर पर गहरी चोट लगी। शशि के भाई विनोद ने बताया कि मैं काम पर घर से बाहर गया था। दोनों सहेलियों के बीच कोई विवाद नहीं है। लोगों ने मुझे बताया कि ट्रेन से दो लड़कियां कट गई हैं। उसके बाद मैं देखने गया तो देखा कि एक लड़की शशि मेरी बहन थी। ऐसा क्यों किया, यह मुझे भी समझ नहीं आ रहा है। परिवार में शशि की दूसरी बहन पूनम, भाई राजकुमार, अवधेश, विकास, मनीष, मैं और पिता अशर्फी लाल हैं। शशि की शादी तय होकर टूट चुकी थी
परिवारीजनों के मुताबिक कुछ महीने पूर्व शशि की शादी तय हुई थी। इसके बाद उसकी शादी टूट गई थी। शशि के परिवार में पिता के अलावा एक बहन और पांच भाई हैं। वहीं, नीतू परिवार में पिता, भाई नरेश और तीन बहने हैं। एक दूसरे से अलग नहीं होना चाहतीं थीं दोनों
ग्रामीणों के मुताबिक दोनों एक दूसरी से अलग नहीं होना चाहतीं थीं। बचपन से एक साथ पली बढ़ी और साथ साथ स्कूल में पढाई की और एक साथ मौत को गले लगा लिया। इसदिल दहला देने वाली घटना से परिजनों सहित ग्रामीण भी आहत हैं। नीतू के पिता बुद्धा ने बताया- बेटी की मौत की जब सूचना मिली तो वह खेत में काम कर रहे थे। न मायके में और न ही ससुराल में उसे कोई समस्या थी। पता नहीं क्यों ऐसा हुआ। मैं तो खेत में आलू खोद रहा था। नीतू ने 10वीं तक पढ़ाई की थी। शादी के बाद पढ़ाई रुक गई थी। शादी से पहले वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। ————————– ये खबर भी पढ़िए… लेम्बोर्गिनी केस में यू-टर्न, घायल ने समझौता कर लिया:बोला- कारोबारी का बेटा गाड़ी नहीं चला रहा था, ड्राइवर का सरेंडर; पुलिस की जांच में शिवम आरोपी कानपुर के लेम्बोर्गिनी केस में बुधवार को यू-टर्न हुआ। पहले कथित ड्राइवर ने दोपहर में कोर्ट में सरेंडर कर दिया। फिर मुकदमा दर्ज कराने वाले मो. तौसीफ ने समझौता कर लिया। वकील के साथ वह कोर्ट पहुंचा। ड्राइवर मोहन ने कहा कि शिवम मिश्रा की गाड़ी मैं ही चला रहा था। शिवम को दौरा पड़ गया था। (पूरी खबर पढ़िए)