लखनऊ में 6 को रौंदने वाला 12वीं का स्टूडेंट निकला:6 साल के बच्चे के शव से कफन हटाते ही चीख पड़ी मां; 5 की हालत नाजुक

लखनऊ में स्विफ्ट डिजायर कार से सड़क किनारे गाड़ियों में टक्कर मारते हुए 6 लोगों को रौंदने वाला 12वीं का स्टूडेंट निकला। इसमें एक 6 साल के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। 5 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतक बच्चे की पहचान उन्नाव की साधना के बेटे दीक्षांत के रूप में हुई है। वह नानी के साथ पहली बार बाजार आया था। सूचना मिलने पर उसकी मां अस्पताल पहुंची और बेटे के शव से कफन हटाते ही चीख पड़ी। हादसे के बाद आरोपी छात्र मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे एक घंटे के भीतर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह फेयरवेल पार्टी से लौट रहा था। कार में उसकी एक क्लासमेट भी मौजूद थी, जो दुर्घटना के बाद वहीं उतर गई। स्थानीय लोगों ने लड़की को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। यह हादसा गुरुवार शाम करीब 7 बजे बंथरा थाना क्षेत्र में कानपुर रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास हुआ। कार रुकते ही लड़की उतर गई, जबकि छात्र कार लेकर भाग निकला। एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा के अनुसार, पुलिस ने कार को ट्रेस कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और वाहन भी जब्त कर लिया है। कार बनी गांव के एक युवक द्वारा चलाई जा रही थी, जो अवध कॉलेजिएट में 12वीं का छात्र है। वह और उसकी क्लासमेट मोहन रोड स्थित एक फेयरवेल पार्टी से लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरी घटना… हनुमान मंदिर के पास सहिजनपुर के प्रमोद कुमार अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी करके दुकान पर सामान ले रहे थे। तभी लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। घटना के बाद लोग कार ड्राइवर को पकड़ने के लिए भागे तो उसने स्पीड बढ़ा दी। इस दौरान उसने बाजार में खरीदारी करने आए बंथरा के पापे उर्फ पउवा के 12 साल के बेटे अरमान को टक्कर मार दी। अरमान को कुचलने के बाद 100 मीटर दूर खड़े उन्नाव के अटवा खुर्द निवासी संजय पटेल की पत्नी साधना पटेल (35), उनकी मां मीना देवी (60) और बेटे दीक्षांत (6) को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार ड्राइवर ने उन्नाव के सोहरामऊ के पथरहा गांव के रहने वाले ई-रिक्शा चालक अवध बिहारी (42) को भी रौंद दिया। उसके बाद आगे खड़ी ऑटो में भी जोरदार टक्कर मारी। जब तक लोग कार चालक को पकड़ते वह कार सहित मौके से फरार हो गया। आरोपी लड़के-लड़की अवध कॉलेजिएट के स्टूडेंट
पुलिस ने कार से उतारी गई लड़की से पूछताछ कर CCTV फुटेज के सहारे कार चालक का पता लगाने लगी। महज एक घंटे में उसकी कार ट्रेस कर ली। पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर पूछताछ की। बंथरा प्रभारी निरीक्षक राणा राजेश सिंह ने बताया- दोनों लड़के-लड़की अवध कॉलेजिएट के स्टूडेंट हैं। हादसा करने वाले के पिता सीमेंट-सरिया के व्यवसायी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चला रहा लड़का और सवार लड़की दोनों ही नाबालिग हैं। जानकारी के अनुसार कार से हादसा करने वाले स्टूडेंट्स के पिता सरिया, सीमेंट व्यवसायी हैं। किसी दूसरे की कार लड़का मांगकर पार्टी में गया था। उधर, मृतक बच्चे की मां साधना ने पुलिस में कार नंबर के आधार पर लिखित शिकायत दी है। अब पढ़िए घायलों ने जो कहा… दीक्षांत नानी के साथ बाजार गया था दीक्षांत के बाबा संतोष कुमार ने बताया- हम लोग उन्नाव की तहसील सफीपुर की ऊगू गांव के मूल निवासी हैं। दीक्षांत की मां उसे पढ़ाने के लिए बंथरा में किराये के कमरे में रहती थी। दीक्षांत केंद्रीय विद्यालय में पढ़ता था। आज दीक्षांत अपनी नानी के साथ बाजार गया था। इस दौरान हादसा हो गया। किनारे खड़े ऑटो में भी टक्कर मारी पथराहा के रहने वाले ऑटो रिक्शा चालक अवध बिहारी ने बताया- मैं बंथरा चौराहे के पास सवारियों का इंतजार कर रहा था। अचानक किसी ने पीछे से ऑटो में तेज टक्कर मारी। उस दौरान मेरा दिमाग सुन्न हो गया और मुझे कुछ पता ही नहीं चला। कुछ लोग मुझे लेकर अस्पताल आ गए। पति पूरी तरह होश में नहीं हैं घायल अवध बिहारी की पत्नी शिव देवी ने बताया- मेरे पति ऑटो से सवारी उतारकर बैठे ही थे। तभी चार पहिया वाले ने टक्कर मार दी। मैं घर पर थी। पुलिसवालों ने फोन कर बताया कि तुम्हारे पति का एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद अस्पताल आई। पति के सिर में चोट लगी है। अभी पूरी तरह होश में नहीं हैं। ————————– यह खबर भी पढ़िए… कानपुर लेम्बोर्गिनी कांड-अरबपति का बेटा 7 घंटे में छूटा : रिमांड की वजह नहीं बता पाई पुलिस, घटना के 4 दिन बाद गिरफ्तार किया था कानपुर में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से 6 लोगों को टक्कर मारने वाले अरबपति कारोबारी का बेटा 7 घंटे में ही रिहा हो गया। आरोपी के वकील अनंत शर्मा ने बताया- पुलिस ने कोर्ट में 14 दिन की रिमांड मांगी थी। जज ने पूछा कि रिमांड क्यों चाहिए, जबकि सारी धाराएं जमानती हैं? इस पर इन्वेस्टिगेशन अफसर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज कर दी। फिर 20 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। (पूरी खबर पढ़िए)

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