लखनऊ में तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का नेटवर्क भी लगातार फैल रहा है। राजधानी में करीब 3000 किलोमीटर लंबा नेटवर्क बिछ चुका है, जिससे सवा लाख उपभोक्ताओं को कनेक्शन मिलने की संभावना है। लेकिन बढ़ती मांग के साथ अब सिस्टम पर दबाव भी साफ नजर आ रहा है।
वेंडर की कमी बनी बड़ी चुनौती
PNG कनेक्शन की धीमी रफ्तार की एक बड़ी वजह वेंडरों की कमी भी है। मौजूदा समय में कंपनी के पास सिर्फ 2-3 वेंडर हैं, जबकि जरूरत कम से कम एक दर्जन की बताई जा रही है।
पुराने वेंडरों का भुगतान लंबित होने के कारण नए वेंडर भी काम लेने से हिचक रहे हैं, जिससे कनेक्शन देने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
पाइपलाइन तो घर तक, लेकिन कनेक्शन नहीं
कई इलाकों में स्थिति यह है कि घर के बाहर तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है, लेकिन अंदर कनेक्शन नहीं दिया गया है। उपभोक्ताओं को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि कनेक्शन के नाम पर अवैध पैसे भी मांगे जा रहे हैं, जिससे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
नेटवर्क मजबूत, लेकिन कनेक्शन अभी भी कम
राजधानी में PNG नेटवर्क का विस्तार पिछले 10-12 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। शहर को 9 जोन में बांटकर योजनाबद्ध तरीके से पाइपलाइन बिछाई गई है। पॉश इलाकों से लेकर आउटर एरिया तक अब PNG की पहुंच हो चुकी है।
हालांकि, नेटवर्क के हिसाब से जहां करीब 1 से 1.25 लाख कनेक्शन दिए जा सकते हैं, वहीं अभी तक केवल 80-82 हजार उपभोक्ताओं को ही कनेक्शन मिल पाया है।
LPG संकट के बाद बढ़ी PNG की डिमांड
हाल ही में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत सामने आने के बाद लोगों का रुझान तेजी से PNG की ओर बढ़ा है। Green Gas Limited के कार्यालयों में कनेक्शन के लिए लोगों की भीड़ बढ़ गई है।
दिलचस्प बात यह है कि कई ऐसे उपभोक्ता भी अब आवेदन कर रहे हैं, जिन्होंने पहले अपने क्षेत्र में नेटवर्क होने के बावजूद कनेक्शन लेने से मना कर दिया था।
आवेदन बढ़े, लेकिन सिस्टम में आ रही दिक्कतें
बढ़ती मांग के बीच ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि वेबसाइट पर फार्म भरते समय OTP नहीं आ रहा, जिससे आवेदन पूरा नहीं हो पा रहा है।
इसके अलावा, जिन लोगों ने आवेदन कर फीस जमा कर दी है, उन्हें भी 3 से 4 महीने तक इंतजार करने को कहा जा रहा है।
इन इलाकों में फैला PNG नेटवर्क
शहर के गोमतीनगर, इंदिरानगर, जानकीपुरम, आशियाना, कृष्णानगर, वृंदावन योजना, कैंट, अलीगंज, महानगर, चिनहट, ठाकुरगंज, सरोजनीनगर, पारा, दुबग्गा, शारदानगर, नादरगंज, अमौसी सहित कई क्षेत्रों में PNG नेटवर्क पहुंच चुका है और हजारों लोग इसका लाभ ले रहे हैं।
प्रशासन और कंपनी के बीच मंथन जारी
जिला प्रशासन और कंपनी अधिकारियों के बीच इस समस्या को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही वेंडर बढ़ाने, तकनीकी समस्याएं दूर करने और लंबित कनेक्शनों को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा।
बढ़ती भीड़ और चिंता के बीच उम्मीद
PNG कनेक्शन के लिए बढ़ती भीड़ और लंबा इंतजार उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रहा है। हालांकि, प्रशासन और कंपनी दोनों का दावा है कि जल्द ही व्यवस्था को दुरुस्त कर लोगों को राहत दी जाएगी।