भास्कर न्यूज | जालंधर लतीफपुरा में प्रशासन ने कब्जा हटा दिया है। बूटा मंडी में मांगों को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े 12 लोगों का हाई-वोल्टेज ड्रामा बुधवार शाम को खत्म हो गया है। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच साढ़े 27 घंटे तक चली तनातनी के बाद, एसडीएम के मौके पर पहुंचने और उचित आश्वासन देने के बाद सभी लोग सुरक्षित नीचे उतर आए। लतीफपुरा पुनर्वास मोर्चा के मेंबर लतीफपुरा में बसाने की मांग को लेकर 12 लोग मंगलवार को दोपहर एक बजे बूटा मंडी स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। मंगलवार रात भर प्रदर्शनकारी टंकी के ऊपर ही डटे रहे थे जबकि नीचे भारी पुलिस बल तैनात रहा। बुधवार सुबह से ही टंकी के पास पुलिस का कड़ा पहरा रहा। दोपहर करीब 11:20 बजे सीआईडी के दो मुलाजिम प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए खुद टंकी पर चढ़े। उन्होंने करीब 15 मिनट तक उन्हें नीचे आने के लिए मनाया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े रहे। नतीजा यह हुआ कि 11:35 बजे सीआईडी के कर्मचारी अकेले ही नीचे उतर आए। जैसे-जैसे समय बीत रहा था, तनाव बढ़ता जा रहा था। आखिरकार शाम 4:30 बजे प्रशासन की ओर से एसडीएम खुद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शन कारियों की मांगों को सुना और उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया। अधिकारियों की ठोस बात सुनने के बाद, शाम 4:30 बजे सभी 12 लोग एक-एक कर टंकी से नीचे उतर आए। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली। बूटा मंडी में टंकी के पास लगाए गए सुरक्षा उपकरण। (इनसेट) प्रदर्शनकारियों के उतर जाने के बाद सेफ्टी बैलून पैक कर ले जाते कर्मी। लतीफपुरा में चल रहा काम।