लिंग्या और मोनाड यूनविर्सिटी की सभी डिग्रियां निकली फर्जी:सरगना शैलैंद्र के एक खाते में पांच साल में हुआ 7 करोड़ का ट्रांजेक्शन

फर्जी डिग्री और मार्कशीट के मामले में पुलिस को जो शक था वह सही साबित हो गया है। SIT की जांच में मोनाड और लिंग्या यूनिवर्सिटियों की करीब 110 डिग्रियां फर्जी निकली हैं। बुधवार को फरीदाबाद की लिंग्या और हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी ने अपने यहां से डिग्री जारी होने की बात से इंकार कर दिया। जिसके बाद SIT ने अब दूसरे विश्वविद्यालयों से जारी डिग्रियों की जांच तेज कर दी है। अलीगढ़, फिरोजाबाद और सहारनपुर गईं टीमें अभी जांच करके वापस नहीं लौटी। ICICI बैंक ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट वहीं गिरोह के सरगना के पांच अकाउंट में से एक की आईसीआईसीआई बैंक की डिटेल पुलिस के हाथ लग चुकी है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संकल्प शर्मा ने बताया कि शैलैंद्र ने आईसीआईसीआई बैंक में शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन के नाम से करंट अकाउंट खुलवाया था, जिसमें 2021 से 2025 तक 7 करोड़ रुपयों का ट्रांजेक्शन मिला है। अब ये रकम कहां से आई है, और किन खातों में गई है। इसकी जांच की जा रही है। SIT की पांच टीमें सोमवार को फरीदाबाद की लिंग्या, हापुड़ की मोनाड, अलीगढ़ की मंगलायतन, सहारनपुर की ग्लोकल और फिरोजाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी में जांच करने पहुंची थी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संकल्प शर्मा के मुताबिक लिंग्या यूनिवर्सिटी से 100 और मोनाड यूनिवर्सिटी की करीब 20 डिग्रियां बरामद की गईं थीं। बुधवार को पहुंची SIT की टीमों ने आरोपियों के पास से मिले इनरोलमेंट नंबर और नाम के आधार पर जांच शुरू की तो दोनों यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने डिग्रियां अपने यहां की होने से स्पष्ट इंकार कर दिया। सीएसजेएमयू ने नहीं दिया 357 डिग्रियों का डाटा ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि बुधवार को SIT टीम की अगुवाई कर रहे एडीसीपी साउथ योगेश कुमार कुलपति विनय कुमार मिश्रा से मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने सीएसजेएमयू से 357 डिग्रियों का डाटा और कार्यरत लिपिकों की संख्या की जानकारी मांगी गई थी, हालांकि यह जानकारी अभी तक नहीं दी गई है। उधर, यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि उन्हें बरामद डिग्रियां मिल जाएं तो वह पूरा डाटा निकालकर दे दें। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि लिंग्या और मोनाड यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने लिखकर दिया है कि उनके यहां से डिग्री जारी नहीं की गई है। तीन और यूनिवर्सिटी से गुरुवार को रिपोर्ट आ जाएगी। शैलेंद्र की फर्म के खाते की जांच कराई गई। पांच साल में करीब 7 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला है, रकम कहां से आई और कहां गई इसकी जांच की जा रही है।

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