लुधियाना में बुधवार 26 नवंबर को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहाँ हत्या के प्रयास (U/S 221,132 BNS) और अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार एक कैदी पुलिस हिरासत से फरार हो गया। इस घटना ने कोर्ट परिसर में पुलिस द्वारा कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या है पूरा मामला? जानकारी अनुसार ए.एस.आई. कुलदीप सिंह और सिपाही गुरपिंदर सिंह आरोपी हरविंदर सिंह उर्फ भल्ला निवासी पिंड मुल्लापुर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मिस रीतिका गुप्ता की अदालत में पेश करने के लिए ले जा रहे थे। हरविंदर सिंह पर पहले से ही मुक़दमा 24 नवंबर को धारा U/S 304 BNS थाना दाखा जिला लुधियाना में दर्ज था। हथकड़ी से हाथ निकाल कर हुआ फरार यह घटना कोर्ट कॉम्प्लेक्स की पार्किंग एरिया में हुई। पुलिस अधिकारी के बयान के मुताबिक आरोपी हरविंदर सिंह ने चालाकी दिखाते हुए अपने हाथ में लगी हथकड़ी में से हाथ बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसने अपने बल का प्रयोग करते हुए ड्यूटी पर तैनात सिपाही गुरपिंदर सिंह को जोरदार धक्का मारा। धक्का देने के बाद हरविंदर आम जनता और पार्किंग में खड़ी गाड़ियों का सहारा लेते हुए मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस की लापरवाही एक कैदी का कड़ी सुरक्षा वाले कोर्ट परिसर से वह भी हथकड़ी से हाथ निकालकर भाग जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। क्या आरोपी को हथकड़ी ठीक से नहीं लगाई गई थी या हथकड़ी में किसी तरह की ढिलाई थी दो पुलिसकर्मी होने के बावजूद कैदी को धक्का मारकर भागने का मौका कैसे मिल गया कोर्ट कॉम्प्लेक्स में खासकर पेशी के समय सुरक्षा व्यवस्था क्यों कमजोर थी यह घटना स्पष्ट करती है कि पुलिसकर्मी कैदी को ले जाते समय शायद अपेक्षित सतर्कता नहीं बरत रहे थे। फरार आरोपी के खिलाफ धारा 224 BNS के तहत एक नया मामला दर्ज किया गया है और उसे पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।