लुधियाना पुलिस ने धोखाधड़ी के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे ठग दंपति को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा (IPS) के निर्देशों पर चल रही कार्रवाई में थाना सानेवाल की पुलिस ने भगोड़े जयइंदरपाल सिंह और उसकी पत्नी मनमीत कौर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बताया की आरोपियों पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी और जालसाजी के गंभीर आरोप हैं। पुलिस से बचने के लिए यह दंपति बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था लेकिन आखिरकार पुलिस की इंटेलिजेंस विंग के जाल में फंस गया। शहर से भागने के फिराक में थे थाना सानेवाल के मुख्य अधिकारी इंस्पेक्टर वरिंदरपाल सिंह ने बताया कि आरोपी जयइंदरपाल सिंह और उसकी पत्नी मनमीत कौर शातिर अपराधी हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी शहर से बाहर निकलने की फिराक में हैं। पुलिस को उनके गुप्त स्थान के बारे जानकारी लगी जहां वे छिपे हुए थे। पुलिस ने बिना समय गंवाए टीम गठित की और इलाके की घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा। ठगी का मास्टरमाइंड सानेवाल से NRI थाने तक फैला जाल शुरुआती जांच में सामने आया है कि जयइंदरपाल सिंह ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर कई लोगों को निवेश और प्रॉपर्टी के नाम पर करोड़ों का चूना लगाया। इनके खिलाफ केवल सानेवाल ही नहीं, बल्कि NRI थाना लुधियाना में भी संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं। इन धाराओं के तहत फंसा शिकंजा आरोपियों पर IPC की धारा 406(अमानत में खयानत), 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी देना), 201(सबूत मिटाना), 120-B (साजिश रचना) और रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 82 के तहत मुकदमे दर्ज हैं। अब क्या? रिमांड के दौरान होंगे बड़े खुलासे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी से ठगी के कई बड़े नेटवर्क ध्वस्त होंगे। पुलिस यह जांच कर रही है कि ठगी गई करोड़ों की रकम को कहां ठिकाने लगाया गया क्या इस खेल में विभाग के कुछ अन्य लोग या बिचौलिए भी शामिल थे इनके शिकार हुए अन्य लोगों की सूची कितनी लंबी है