लुधियाना में कांग्रेस नेता के मर्डर का केस:15 गज जमीन के कारण हुई हत्या ,राजा गिल बोले-पुलिस कार्रवाई से सतुष्ट,रिमांड में बरते सख्ती

लुधियाना के कस्बा माछीवाड़ा के कांग्रेस ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी विजय कुमार उर्फ अजय (22) और उसके साथी लकी (27) को पुलिस ने शनिवार को अदालत में पेश किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। पुलिस की कार्रवाई से है संतुष्ट-राजा गिल उधर, परिवार और कांग्रेस के हलका इंचार्ज रुपिंदर सिंह राजा गिल ने कहा कि वह पुलिस की अभी तक की कार्रवाई से संतुष्ट है लेकिन आरोपियों का जो आगे रिमांड पुलिस हासिल करे तो उसमें सख्ती से पूछताछ की जाए। पुलिस सख्ती बरतते हुए आरोपियों से पता करें कि इस हत्याकांड में और कौन लोग शामिल है। यदि हत्याकांड में किसी और की भी शमूलियत हुई तो उस पर भी पुलिस सख्त एक्शन ले। पढ़िए सिलसिलेवार ढंग से हत्याकांड की पूरी कहानी
मात्र 15 गज जमीन बनी हत्या की वजहः
देहात के डीसीपी जसकिरणजीत सिंह तेजा ने खुलासा किया कि यह पूरी वारदात पंचायत की मात्र 15 वर्ग गज जमीन के विवाद का नतीजा थी। आरोपी विजय कुमार ने इस जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ था, जिसे परमिंदर तिवारी और ग्राम पंचायत ने हटवा दिया था। इसी बात की रंजिश रखते हुए विजय पिछले कई दिनों से तिवारी की हत्या की साजिश रच रहा था। 29 मार्च को हत्यारों ने परमिंदर की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। पूरी प्लानिंग के साथ की हत्या और रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले तिवारी की रेकी की थी। उन्हें पता था कि तिवारी अक्सर मालवा चौक स्थित अपनी उस प्रॉपर्टी पर जाते हैं, जिसे उन्होंने मजदूरों को किराए पर दे रखा है। 29 मार्च को जब तिवारी वहां बाहर बैठे थे, तभी आरोपियों ने बाइक पर आकर कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। तिवारी के सिर पर 5 से 6 वार हुए है। उसकी खोपड़ी पूरी तरह से चकनाचूर हो गई थी। वारदात के बाद ऐसे हुए फरारः
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हत्या करने के बाद उन्होंने कुल्हाड़ी फेंक दी और मोटरसाइकिल को बस स्टैंड पर खड़ा कर दिया। वहां से वे बस पकड़कर दिल्ली गए और फिर ट्रेन के जरिए बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर पहुंच गए। वे वहां अपने एक रिश्तेदार के घर छिपे हुए थे, जहां से लुधियाना पुलिस ने उन्हें 2 अप्रैल को गिरफ्तार किया। परिवार को पहले से थी हत्या की जानकारीः
डीसीपी तेजा ने बताया कि विजय ने अपनी इस साजिश के बारे में अपने परिवार को भी बताया था। इस मामले में पुलिस विजय के पिता, दो भाइयों और मामा को पहले ही आरोपियों को पनाह देने और साजिश की जानकारी होने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। कुल्हाड़ी लेकर घूमते हत्यारों की वीडियो भी आ चुकी सामने 29 मार्च को कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी की हत्या से पहले का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें आरोपी हत्या से ठीक एक घंटा पहले नशे की हालत में कुल्हाड़ी कंधे पर रखकर गांव में पैदल घूमता दिखा। उसके साथ एक व्यक्ति और भी बातें करते हुए दिख रहा है। आरोपी शाम को 5:47 बजे गांव में ही कैपरी घूमते हुए दिखा और 6:45 बजे उसने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी। परिजनों के अनुसार, हत्यारोपी विजय कुमार उर्फ अजय 15 दिन से तखरां गांव के चक्कर लगाकर परमिंदर तिवारी की रेकी कर रहा था। राजनीतिक तूल और अंतिम संस्कारः
इस हत्या के बाद पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था। परिवार ने भी दबाव बनाने के लिए तब तक अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते। 2 अप्रैल को जब पुलिस ने बिहार से आरोपियों को ट्रेस कर लिया, तब जाकर परिवार ने मृतक का अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि इस हत्या के पीछे कोई राजनीतिक एंगल नहीं है।

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