लुधियाना के जोधा में कार की चपेट में आने से एक व्यक्ति घायल हुआ। कार ड्राइवर व उसमें बैठे लोग घायल को उठाकर अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। कानूनी चक्कर में फंसने के डर से उन्होंने व्यक्ति के शव को सड़क पर फेंक दिया और खुद फरार हो गए। सड़क पर खून से लतपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। खून से लतपथ शव देखकर लोगों को लगा कि किसी ने हत्या करके शव को सड़क फेंक दिया। पुलिस ने मामले की जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि व्यक्ति की मौत कार की टक्कर से हुई और फिर कार सवार लोग उसे अस्पताल ले जा रहे थे। मृतक की पहचान नेपाली मूल के थापा के रूप में हुई। पुलिस ने कार सवारों को गिरफ्तार कर लिया है और आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वो घायल व्यक्ति को पहले एक निजी क्लिनिक पर ले गए। वहां इलाज नहीं मिला तो उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे। इसी बीच उसकी मौत हो गई तो उन्होंने उसे सड़क पर फेंक दिया। शहजाद के पास मिला था सड़क पर शव जोधां के नजदीक शहजाद गांव के पास सोमवार को थापा का खून से लतपथ शव मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल पहुंचाया और उसके बाद मामले की तहकीकात शुरू की। पुलिस ने इस मामले में हत्या का पर्चा भी दर्ज कर दिया था। थाना जोधा के एएसआई गुरचरण सिंह ने बताया कि शव मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे एक संदिग्ध कार का सुराग मिला। लगातार फुटेज ट्रैक करते हुए पुलिस ने गाड़ी का नंबर हासिल किया और आरोपियों तक पहुंच गई। सुराग मिलने पर नवाशहर से किए आरोपी गिरफ्तार एएसआई ने बताया कि कार का नंबर मिलने के बाद आरोपियों की पहचान नवाशहर निवासी सुरिंदरपाल सिंह उसकी पत्नी सुरजीत कौर और भतीजे युद्धवीर सिंह के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी सुरिंदरपाल से ने बताई ये बातें.. कार की चपेट में आया : आरोपी सुरिंदरपाल सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वो जोधां से लुधियाना की तरफ आ रहे थे अचानक एक व्यक्ति सामने आ गया और वह कार की चपेट में आ गया। जिसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल हुआ। घायल को उठाया और क्लिनिक में ले गए: आरोपी ने पुलिस को बताया कि जब थापा घायल हुआ तो वो उतरे और उसे गाड़ी में रखकर नजदीक के एक क्लिनिक में ले गए। डॉक्टर ने उसकी हालत नाजुक बताई और दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा। रास्ते में हुई मौत हुई तो डर गए थे: आरोपी ने पुलिस को बताया कि जब वो घायल को अस्पताल ले जा रहे थे तो रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। जिससे वो और उनका परिवार घबरा गया। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने शव बाहर फेंक दिया। सिर पर चोट के निशान थे तो लगा मर्डर है: एसएचओ जोधां साहिबमीत सिंह ने बताया कि शव के सिर पर चोट के निशान थे जिससे पहले हत्या का मामला लगा। फॉरेंसिक टीम मौके पर बुलाई और अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा हुआ।