लुधियाना में दिनदहाड़े नवजात बच्ची का सौदा:₹2.10 लाख में मोगा की महिला खरीदने पहुंची थी; BAMS डॉक्टर समेत 5 गिरफ्तार

लुधियाना में मानव तस्करी से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सीएमसी चौक के नजदीक लोगों ने बच्चे बेच रहे कुछ लोगों को काबू किया। एक महिला के पास एक नवजात बच्चा था जो लगातार रो रहा था। जब लोगों ने सख्ती से पूछताछ की तो महिला के बयानों ने सबको चौंका दिया। महिला ने कबूल किया कि उसने बच्चा 2 लाख 10 हजार रुपए देकर खरीदा है। पकड़ी गई महिला ने बताया कि वह बच्चा लेने के लिए विशेष रूप से मोगा से लुधियाना आई थी। लोगों ने डिवीजन नंबर 3 पुलिस को सूचना दी। सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। इसके बाद BAMS डॉक्टर समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया, जबकि मौके से 5 लोगों को पकड़ा। उनसे पूछताछ जारी है। बच्चा पैदा होने के बाद इन कड़ियों में सौदा हुआ… पुलिस ने रेड कर इन लोगों के गिरफ्तार किया पुलिस के अनुसार, 15 फरवरी की दोपहर को बच्चा खरीदने वाले और बेचने वाले सभी लोग पार्क में जमा हुए। जब लोगों ने वहां संदिग्ध गतिविधि देखी तो इसकी सूचना पुलिस को दी। लोगों ने बच्चे को रोते हुए देखा था। वह जिस महिला की गोद में था, वह उसे चुप नहीं करवा पा रही थी। बच्चा नवजात था, इसलिए लोगों को शक हो गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला जानना चाहा। इससे पूरा मामला खुल गया। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की मां सुनीता देवी, नर्स परवीन, बीएएमएस डॉक्टर मनमीत कौर, केयरटेकर रुचि और बच्चा खरीदने आई मनदीप कौर समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें नर्स आशा, आशा वर्कर पम्मा और नर्स गुरमीत कौर अभी फरार हैं। आरोपी बोली- 5 से 6 साल पहले हुई शादी, कोई बच्चा नहीं था मोगा से लुधियाना बच्चा खरीदने आई महिला मनदीप कौर ने कहा कि उसकी शादी को 5 से 6 साल हो गए। उसके कोई बच्चा नहीं है। उसका पति पेंट का काम करता है। उसे बच्चा चाहिए था, इसलिए उसने नर्स रुचि से बात की। वह उसे एक दोस्त के जरिए जानती थी। नर्स रुचि इस पूरे सौदे के बीच थी। महिला के मुताबिक, नर्स ने उसे भरोसा दिया था कि कानूनी कागजी कार्रवाई के साथ बच्चा उसे सौंप दिया जाएगा। इसी सिलसिले में वह दोपहर को लुधियाना पहुंची थी, लेकिन बच्चे के रोने और महिला की संदिग्ध हरकतों के कारण लोगों ने उसे घेर लिया और पुलिस को सूचित कर दिया। पिता बच्ची को त्यागना चाहता था हंगामे के दौरान बच्चे के असली पिता केशव लाल ने कहा कि वह गोरखपुर का रहने वाला है। उसकी यह पांचवीं बेटी है। आर्थिक तंगी और अन्य कारणों के चलते उसने एक अन्य महिला से अपनी बेटी किसी को गोद देने की बात कही थी। उससे कहा गया था कि उसे बच्ची के बदले अस्पताल का खर्चा मिल जाएगा। उसके हिसाब से 25 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। इसलिए, उसने बच्ची बेचने का मन बनाया। अब उसकी पत्नी और नवजात बेटी पुलिस हिरासत में है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

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