लुधियाना में राज्य महिला आयोग ने सुनी शिकायतें:पीड़िता बोली- शटर डाउन कर मेरे साथ जबरदस्ती की, मोबाइल से सबूत डिलीट किए

पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्शन राजलाली गिल ने लुधियाना में पीड़ित महिलाओं की शिकायतें सुनी। लुधियाना के ढंडारी की एक महिला ने चेयरपर्शन के सामने कहा कि वो आरोपी की दुकान पर गई। उसने शटर डाउन किया और फिर जबरदस्ती की। मोबाइल में जो आरोपी के खिलाफ सबूत थे उसने सारे सबूत डिलीट कर दिए। इसकी वजह से मेरा घर टूट गया और मेरा पति मुझे डायवोर्स दे रहा है। पुलिस मुझे कंप्रोमाइज करने को कह रही है। यह सुनते ही चेयरपर्शन का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। चेयरपर्शन राजलाली गिल ने जवाब देने आए पुलिसकर्मी से केस की स्टेटस रिपोर्ट तलब की तो उसने कहा है नहीं जांच अफसर हाईकोर्ट गया है। जिस पर राजलाली गिल ने उसे कह दिया कि स्टेटस रिपोर्ट लाए नहीं तो क्या करने आए हो निकल जाओ यहां से। ऐसे ही अन्य कई केसों में चेयरपर्शन ने लुधियाना पुलिस को जमकर लताड़ा। चेयरपर्शन ने केसों की सुनवाई के कुछ अंश किए शेयर प्रशासन, पुलिस व आयोग ने केसों की सुनवाई के दौरान मीडिया की एंट्री नहीं रखी ताकि महिलाओं की गोपनीयता को बनाए रखा जा सके। अब चेयरपर्शन राजलाली गिल ने केसों की सुनवाई के कुछ अंश सोशल मीडिया पर अपलोड किए हैं और संदेश देने की कोशिश की है कि महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर चुप न बैठें। आयोग को शिकायत मिली तो आरोपी व जांच अफसर किए थे तलब महिला आयोग को जो जो शिकायतें पूर्व में मिली थी तो उन्होंने शिकायतकर्ता, आरोपी और जांच अधिकारियों को कार्रवाई रिपोर्ट के साथ तलब किया था। उन्हीं में से फोकल प्वाइंट थाने के अधीन आने वाली पुलिस चौकी ढंडारी से संबंधित एक केस की सुनवाई की जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर अपलोड किया। जांच अफसर नहीं पहुंचे तो उसके प्रतिनिधि को भगा दिया सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी खुद नहीं गया और उसने अपनी जगह किसी और काे भेज दिया। चेयरपर्शन ने जब उससे स्टेटस रिपोर्ट मांगी तो उसने कहा कि नहीं है। जिस पर चेयपर्शन ने उस पुलिस कर्मी को बाहर भगा दिया और पुलिस अधिकारियों को इस मामले की जांच खुद करने को कह दिया। केस की सुनवाई के दौरान क्या-क्या सवाल जवाब हुए, पढ़िए .. चेयरपर्शन: हस्बैंड वाइफ हो। महिला: नहीं। चेयरपर्शन: लिव इन रिलेशन में रहती हो। महिला: नहीं चेयपरपर्शन: अब बताओ क्या हुआ? महिला: मेरे को फोर्स कर रहा है हमेशा ब्लैक मेर कर रहा है। इसकी मोबाइल रिपेयर की शॉप हैं। मैं कई बार इसके पास रिचार्ज व मम्मी की पेंशन के लिए जाती थी। चेयपरपर्शन: प्रॉब्लम बताओ महिला: इसकी वजह से मेरा घर टूट गया, मेरा पति मेरे से अलग हो गया। चेयपरपर्शन: आप पहले से शादीशुदा थे, इसके साथ रिलेशन बनाए क्यों? महिला: नहीं मैंने नहीं बनाए। चेयपरपर्शन: फिर क्या हुआ? चेयपरपर्शन: इसने मेरे साथ जबरदस्ती की जब में हीटर लेने इसकी दुकान पर गई थी। युवक: मेरे पास सभी प्रूफ हैं ऑडियो रिकार्डिंग है। ये खुद आती थी। महिला: ये जो मर्जी प्रूफ दे दे मुझे कोई डर नहीं है। चेयरपर्शन: स्टेटस रिपोर्ट क्या है? स्टेटस रिपोर्ट कहां है? पुलिस कर्मी: स्टेटस रिपोर्ट नहीं है। महिला: बहुत हिम्मत करके आई हूं। चेयरपर्शन: आईओ ने कह दिया कि तू जा, न स्टेटस रिपोर्ट न कुछ। स्टेटस रिपोर्ट मुझे मंगवाकर दो। तुम्हारे पास न स्टेटस रिपोर्ट न कुछ तो यहां क्या करने आए हो। तुमने कहना था कि मैं नहीं जाऊंगा वहां। महिला: बोल रहे हैं मैडम कंप्रोमाइज कर दो। मैं कैसे कंप्रोमाइज करूं मैडम मेरे बच्चे की स्टडी खराब हो गई। चेयरपर्शन: कोई कंप्रोमाइज नहीं होगा। महिला: मेरा हस्बैंड बोल रहा है कि तेरे साथ नहीं रहूंगा डायवोर्स दे दूंगा। इसकी वजह से मेरा घर टूट गया। चेयरपर्शन: आप गए क्यों इसके पास? क्यों गए थे? महिला: मैंने हीटर रिपेयर करने के लिए दिया था। इसने कहा कि इस शॉप पर नहीं है मैडम दूसरी शाॅप पर आ जाओ। जब मैं वहां गई तो इसने शटर बंद कर दिया। वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं उनका रिकार्ड निकलवा दो। मेरा मोबाइल रिसेट मरवा दिया बंदे बुलाकर। चेयरपर्शन: शटर डाउन करके इसके साथ गलत किया जो लड़की कह रही है। फैक्ट ले लो और जांच करो। लेटर लिखो कि जांच अफसर नहीं आया। उसने कहा कि वो हाईकोर्ट में है और उसने स्टेटस रिपोर्ट भी नहीं भेजी। लेटर लिखो और तलब करो। तुम करने क्या आए हो चलो वापस। महिला: मैं टाॅर्चर हो गई हूं मैडम जीने का मन नहीं कर रहा। चेयरपर्शन: कोई बात नहीं दोबारा करते हैं इस केस को। मेरे पापा ने मुझे गली में पीटा, धंधे वाली कहा एक केस की सुनवाई के दौरान एक युवती ने चेयरपर्शन से कहा कि उसे उसके पिता ने गली में पीटा और उसे धंधे वाली कहा। जब उसने इस मामले की शिकायत पुलिस को दी तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। वो एडीसीपी के पास पेश हुई वो भी बात इधर-उधर करते रहे। बाद में एसीपी के पास भेजा। एसीपी को शिकायत देने पहुंची तो वहां बहुत से लोग बैठे थे। मैंने कहा कि मैं सबके सामने अपनी शिकायत नहीं बता सकती क्योंकि मैं कंफर्ट फील नहीं कर रही थी। एसीपी ने भी मुझे वहां से जाने को कह दिया। उसके बाद मैंने नवंबर में आयोग को शिकायत दी। गुस्साई चेयपर्शन ने एसीपी को कह दिया कि इस मामले की जांच रिपोर्ट 10 दिन के अंदर दें नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिकायतों पर देरी हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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