पंजाब के लुधियाना में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के दो महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अभी तक FIR दर्ज नहीं की है। पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुलिस कमिश्नर से हस्तक्षेप की मांग की है। जानकारी के अनुसार युवक अरुण चौहान पर 2 जनवरी को डेंटल कॉलेज के पास कुछ युवकों ने अचानक हमला कर दिया। पीड़ित अरुण ने बताया कि वह कॉलेज के बाहर खड़ा था, तभी युवकों का एक समूह आया और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। उसी दिन थाना मोती नगर में शिकायत दी गई थी, लेकिन दो महीने गुजरने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया। पिता ने लगाए गंभीर आरोप अरुण के पिता अजय कुमार चौहान का कहना है कि उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी सौंप दी थी, लेकिन पुलिस केस दर्ज करने में रुचि नहीं दिखा रही। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी कार्तिक, अरुण का पूर्व सहपाठी है। आरोप है कि कार्तिक अपनी एक महिला मित्र के साथ संबंधों को लेकर नाराज था, क्योंकि अरुण ने इस बारे में उसके माता-पिता को जानकारी दी थी। इसी रंजिश में हमला किया गया। दोबारा हमले का डर
परिवार ने आशंका जताई है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और दोबारा हमला कर सकते हैं। उन्होंने स्वपन शर्मा से मांग की है कि संबंधित SHO को तुरंत केस दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों और अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।